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ना जाने कितनी थकानों के बाद निकले हैं,,

न जाने कितनी थकानों के बाद निकले हैं। ये रास्ते जो ढलानों के बाद निकले हैं।। हमें नमाज़ की अज़मत बताने वाले लोग। हमेशा घर से अज़ान... Read more

ज़माने भर को मेरा सर,,,

ज़माने भर को मेरा सर दिखाई देता है, हर इक हाथ में पत्थर दिखाई देता है, वो एक चाँद कई दिन से जो गहन में रहा, कभी कभार वो छत पर ... Read more

जब से हमारे पाँव, रक़ाबों में आ गए,

21 जुलाई 2015 ========== जब से हमारे पाँव रकाबों में आ गए, जितने भी शहसवार थे घुटनों में आ गए, कल शाम उसको द... Read more

गली मुहल्लों से लश्कर निकालने वाले,

गली मोहल्लों से लश्कर निकालने वाले, डरे हुवे हैं बहुत डर निकालने वाले, ये सब ख़ज़ानों के चक्कर में आ के बेठे हैं, मेरी... Read more

बेशक सेहत मंदों को बीमार लिखो,

बेशक सेहतमंदों को बीमार लिखो, लेकिन अक़्ल के अंधोँ को सरकार लिखो, जिसके सर पर पगड़ी है ख़ैरातों की, वह भी कहता है, मु... Read more

पहले तो मुहब्बत में गिरफ़्तार किया है,

पहले तो मुहब्बत में गिरफ़्तार किया है फिर पुश्त के पीछे ही नया वार किया है, इक तू कि मेरे वास्ते फ़ुर्सत नहीं तुझको , इक मैं क... Read more

उम्मीद अपनी क्या करें,,,

उम्मीदें अपनी क्या करें, जज़्बात क्या करें, अपने ही बस में जब नहीं, हालात क्या करें, कशकोल अपने अपने लिए आते हैं सभी, सिक्के हम... Read more

तू अगर हे बहुत ख़फ़ा मुझ से,,,

==========ग़ज़ल============ तू अगर है बहुत ख़फ़ा मुझ से! कैसे रखता है राब्ता मुझ से!! बस ज़बां से बताना मुश्किल था! वो इशार... Read more

तेरी नज़र के इशारे बदल भी सकते हैं,,

======ग़ज़ल===== तेरी नज़र के इशारे बदल भी सकते हैं, मेरे नसीब के तारे बदल भी सकते हैं, मैं अपनी नाव भवंर से निकाल लाया ह... Read more

बरसों से,,,,,

बरसों से यक्सर* हमारे पीछे है, अनजाना इक डर हमारे पीछे है, फिर दरया में रस्ता पैदा कर मौला, दुश्मन का लश्कर हमारे पी... Read more

जो मेरे साथ था,ज़िन्दगी की तरह,,

जो मेरे साथ था ज़िन्दगी की तरह, अब वो लगने लगा अजनबी की तरह, जिस्म जिसका है यारों सरापा ग़ज़ल, उसका लहजा भी है शायरी की ... Read more

हैरत है,,,,

हैरत है,वो खून की बातें करते हैं, जो अक्सर कानून की बातें करते हैं, जिनकी जेबें अक्सर ख़ाली रहती हैं, जाने क्यूँ क़ारून की ... Read more

गले में हाथ डाले जायेंगे अब,,

गले मे हाथ डाले जाएंगे अब, छुपे खंज़र निकाले जाएंगे अब, सुना है की अतिक्रमन हटेगा, गरीबों के निवाले जाएंगे अब, हमें अब कौन है... Read more

में जिसे आज तक ना कह पाया,,

में जिसे आज तक ना कह पाया। उसने वो बात ट्वीट कर दी है।। जो कहानी सुनी सुनाई थी। आप ने फिर रिपीट कर दी है।। आप ने आ के ज़िन्दग... Read more

दमागों दिल में हलचल हो रही है,

दमागो दिल मै हलचल हो रही है. नदी यादों की बे कल हो रही है. तू अपने फेस को ढँक कर निकलना. नगर मै धूप पागल हो रही है. तुम्हारी... Read more

दुनिया को हादसों में,,

दुनिया को हादसों में गिरफ़्तार देखना। जब देखना हो दोस्तों अख़बार देखना।। फिर उसके बाद शौक़ से बेअत करो मगर। पहले अमीर ऐ शहर का किर... Read more

किसी कबीले ना सरदार के भरोसे हैं,

किसी कबीले ना सरदार के भरोसे हैं। सर अपने आज तलक दार के भरोसे हैं।। हमे तो नाज़ हे अब भी उसी की रेहमत पर। वो और होंगे जो अग्यार... Read more

अपने दिल में आग लगानी पड़ती है,

अपने दिल में आग लगानी पड़ती है। ऐसे भी अब रात बितानी पड़ती है।। उसकी बातें सुन कर ऐसे उठता हूँ। जैसे अपनी लाश उठानी पड़ती है।। ... Read more

अपनी ग़ज़लों को,,

अपनी ग़ज़लों को रिसालों से अलग रखता हूँ, यानी ये फूल ,किताबों से अलग रखता हूँ, हाँ बुज़ुर्गों से अकीदत तो मुझे है लेकिन, ... Read more

दुश्मनों के नगर में,

दुश्मनों के नगर में घर रखना। उसपे ऊँचा भी अपना सर रखना।। में तो कैसे भी जाँ बचा लूँगा। तू मगर इंतजाम कर रखना।। हाँ मुक़ाबिल म... Read more

फ़लक़ से मिस्ले परिंदा,,

फ़लक से मिस्ले परिंदा उतर भी सकता है। तू जिस अदा से उडा था उतर भी सकता है।। मेरी कमान में इक तीर बच गया है,अभी। तुम्हारी जीत का ... Read more

सितमगरों की लिखी,

सितमगरों की लिखी दास्तान बोलेंगे। हमारे घाव के जिस दिन निशान बोलेंगे।। अशफ़ाक़ रशीद Read more

ज़मीं पर नीम जां यारी पड़ी है,

ज़मी पर नीमजाँ यारी पड़ी है। इधर खंजर उधर आरी पड़ी है।। मेरे ही सर प हैं इलज़ाम सारे। बड़ी महँगी वफादारी पड़ी है।। हज़ारो बार देखा ... Read more

शेर

कई मदारी परचम ले कर निकले हैं, बस्ती में दो-चार मदारी आने पर,, अशफ़ाक़ रशीद Read more