अरविन्द राजपूत 'कल्प'

साईंखेड़ा जिला-नरसिहपुर म.प्र.

Joined January 2017

अध्यापक
B.Sc., M.A. (English), B.Ed.
शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय साईंखेड़ा

Books: सम्पादक
कल्पतरु – एक पर्यावरणीय वार्षिक पत्रिका

Awards:
चेतना सम्मान ,चेतना मध्य प्रदेश,
मध्य प्रदेश आम अध्यापक संघ
रोटरी क्लब गाडरवारा,
साहित्य पीडिया पब्लिकेशन नई दिल्ली- “बेटियां काव्य संग्रह” में ‘मां की कोख में मुझे न मारो’ पर,
महाराणा प्रताप सम्मान – राजपूत क्षत्रिय महासभा करेली नरसिंहपुर
7000906464

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ग़ज़ल- तेरे हर इक ख्वाब को ताबीर कर दूँ..

तेरे हर इक ख्वाब को ताबीर कर दूँ। नाम तेरे दिल की ये जागीर कर दूं।। गर मुहब्बत तू करे मुमताज बनकर। तू कहे तो ताज़ भी तामीर कर ... Read more

ग़ज़ल- हो रहा बदनाम तो अब होने दो...

हो रहा बदनाम तो अब होने दो। होगी चर्चा आम तो अब होने दो।। हार कर घर बैठने से तो अच्छा है हो रहा जो काम तो अब होने दो।। आसमाँ... Read more

कविता- नेता जी की बंडी हो गये...

नेता जी की, बंडी हो गये झण्डे वाली, डंडी हो गये खरपतवार हुए सरकारी तुम सारे, पाखंडी हो गये। नेता जी की... नाम बदल लो, जात बद... Read more

ग़ज़ल- इस क़दर नैना कटीले हो गये...

इस क़दर नैना कटीले हो गये। अधपके से फ़ल रसीले हो गये।। आपसे तो कुछ कहा हमने नही। आप क्यों गुस्से में पीले हो गये।। बेअसर काँटे... Read more

हर सीजन के फल लगते हो

हर सीजन के फल लगते हो निर्मल गंगा जल लगते हो तुम्हें समझते लोग बुढापा तुम आने वाले कल लगते हो। पार कर गये उमर बाप की टपक रही ... Read more

🤔 *कुछ पहेलियां कुछ अठखेलियां*🤣

🤔 *कुछ पहेलियां कुछ अठखेलियां*🤣 *1* झूठ को सच बनाने की मशीन आ गई है। जनता में भ्रम फैलाने की मशीन छा गई है।। हर कोई इसका दीवाना... Read more

ग़ज़ल- आज सब का हिसाब कर दूँगा...

आज सब का हिसाब कर दूँगा। सबको मैं बेनकाब कर दूँगा।। है गुमा जिनको इल्म पर अपने। उनको मैं लाजबाब कर दूँगा।। मुझको कमतर न आंक... Read more

हज़ल- गप्पों में मेरी दर्शक तल्लीन हो गए हैं

गप्पों में मेरी दर्शक तल्लीन हो गए हैं। दारू के साथ वाला नमकीन हो गये हैं।। उतरा नशा तुम्हारा ठुमकों का यार कब से। कविता के आज ... Read more

ग़ज़ल- आप काटोगे वही जो कभी बोया होगा।

एक ताजातरीन ग़ज़ल आपकी नज़र👉🏻 बह्रे रमल मुसम्मन मख़बून महज़ूफ़ फ़ाइलातुन फ़इलातुन फ़इलातुन फ़ेलुन 2122 1122 1122 22 आप काटोगे वह... Read more

ग़ज़ल- जोड़कर इन सरफिरों को क्या करोगे

जोड़कर इन सरफिरों को क्या करोगे। तोड़ कर इतने दिलों को क्या करोगे।। एक घर अपना सम्हलता है नही तो। जीत कर सारे किलों को क्या करोगे... Read more

ग़ज़ल:-तुम हमारे हम तुम्हारे हो गए हैं आज से...

तुम हमारे हम तुम्हारे हो गए हैं आज से। एक दूजे के सहारे हो गये हैं आज से।। मिल गईं खुशियां हमें अब कष्ट सारे मिट गए। दुःख भरे प... Read more

ग़ज़ल- जल रही है नारियां पद्मावती के भेष में..

जल रही है नारियां पद्मावती के भेष में। टूटती मर्यादा नित क्यों राम तेरे देश में।। लुट रही अस्मत सभा में, बेटियों की अब यहाँ। म... Read more

ग़ज़ल- दागदा दामन था जिसका, आज वो मशहूर है

दागदा दामन था जिसका, आज वो मशहूर है। चाँद पर धब्बे बहुत हैं फिर भी वो पुरनूर है।। आज के इस दौर में, खाने को तो भरपूर है। आदमी आ... Read more

गजल- आप ही हमराज मेरे, आप ही सरकार हो..

*ग़ज़ल* आप ही हमराज मेरे, आप ही सरकार हो। आपसे खुशियां हमारी, खुशियों का संसार हो।। गीत गज़लों में तुम्हीं हो, सप्त सरगम आपसे। ग... Read more

गजल - न छोड़े साथ जीवन भर वो जीवन संगनी हो तुम

न छोड़े साथ जीवन भर, वो जीवन संगनी हो तुम।। अधूरी जिंदगी तुम बिन, मेरी अर्धांगिनी हो तुम।। सदा सुख दुःख का इक साथी, दिया मैं वो म... Read more

ग़ज़ल- इक़ ख़्वाब दिल में पल रहा...

इक़ ख़्वाब दिल में पल रहा। हर दौड़ में अब्बल रहा।। अब जीतता है बस वही। वैसाखियों पे चल रहा। मत बोलिये अब सच यहाँ। बस झूठ ही तो... Read more

ग़ज़ल- तस्वीर तुम्हारी में, इक़ हूर नज़र आये

ग़ज़ल👉 तस्वीर तुम्हारी में, इक़ नूर नज़र आये। अब दिल के आईने में, इक़ हूर नज़र आये।। लगता है तुम्हे रब ने, फुरसत से बनाया है। य... Read more

ग़ज़ल- महबूब ही ख़ुदा मेरा महबूब बंदगी.....

महबूब ही ख़ुदा मेरा महबूब बंदगी। महबूब ख़ूबरू मेरा महबूब सादगी।। महबूब मेरा बन गया पहचान अब मेरी। तेरे बग़ैर जिंदगी लगती है खस्तगी... Read more

ग़ज़ल- अदब की ज़िंदगी मे क्या कमी है...

अदब की ज़िंदगी मे क्या कमी है। अकड़ में टूट जाना लाज़मी है।। नही छोटा बड़ा कोई ज़हाँ में। मुकद्दर का खिलौना आदमी है।। दिखाता ख़्वा... Read more

ग़ज़ल - न मस्जिदों में खुदा शिव नहीं शिवालों में

*ग़ज़ल* 👉🏻 न मस्जिदों में खुदा है न है शिवालों में। खुदा मिलेगा कबीरा के ही खयालों में।। नशा शराब न दौलत न रूप के मद से। नशा र... Read more

ग़ज़ल- जमाना देखिये कितना बिगड़ गया साहिब

*ग़ज़ल* जमाना देखिये कितना बिगड़ गया साहिब। हमारी जान के पीछे ही पड़ गया साहिब।। बड़े ही शौक से इक़ आशियां बनाया था। ज़रा से शक म... Read more

ग़ज़ल- वफ़ा के नाम पे अब बेवफाई आम हुई...

🌺🌺🌺 *ग़ज़ल* 🌺🌺🌺 *वज़्न* - 1212 1122 1212 22 *अर्कान* - मुफ़ाइलु फ़इलातुन मुफ़ाइलुन फ़ेलुन *बह्र* - मुज्तस मुसम्मन मख़्बून ... Read more

ग़ज़ल- तीर अब बाकी नही हैं अर्जुनी तूणीर में

तीर अब बाकी नही हैं अर्जुनी तूणीर में। धार पैनी भी नहीं अब राणा की शमशीर में।। अब नही दीवानगी है इश्क़ की तासीर में। रब नज़र आता... Read more

ग़ज़ल- देखकर शोहरत मेरी क़ातिल जमाना हो गया

देखकर शोहरत मेरी क़ातिल जमाना हो गया। नाम के सिक्के चले ग़ाफ़िल जमाना हो गया।। ख़ून कत्लेआम ने टुकड़े ज़मीं के कर दिए। प्यार से दिल ... Read more

प्रेम के दौहे

प्रेम है अति पावना, हवस देह व्यापार। दोनों में अंतर बहुत, नादा समझें प्यार।। 【1】 हवसी तन को लूटता, प्रेमी पर... Read more

ग़ज़ल:- मेरी दौलत मेरी शौहरत, रब की ही सौग़ात है

मेरी दौलत मेरी शौहरत, रब की ही सौग़ात है। कर रहा मेरा ख़ुदा सब, मेरी क्या औकात है।। हुस्न पर इतना तक्कब़ुर क्यों तुझे ए नाज़नीं। ... Read more

ग़ज़ल- प्यार के दरिया में रहकर प्यार की ही प्यास थी

दूरियां थी दरमियां लेकिन मिलन की आस थी। प्यार के दरिया में रहकर प्यार की ही प्यास थी।। फ़ासले हों दरमियाँ, कोशिश सभी की ही रही। ... Read more

ग़ज़ल:- मुझको यकीं उस पर बहुत, मेरा सनम बस एक है..

मुझको यकीं उस पर बहुत, मेरा सनम बस एक है। दुनिया में हैं मज़हब बहुत, मेरा धरम बस एक है।। ख़तरा नही दुश्मन से अब, ग़द्दार यारों से स... Read more

ग़ज़ल- हुआ मददा बहुत व्यापार साहब।

हुआ मद्दा बहुत व्यापार साहब। नये आये हैं थानेदार साहब।। ख़बर सूबों में फैला दीजिएगा। बड़े सच्चे हैं सूबेदार साहब।। बपौती नौकरी... Read more

ग़ज़ल:- सदे अल्फ़ाज़ जब बह्रों में सज श्रृंगार करते हैं...

सदे अल्फ़ाज़ जब बह्रों में सज श्रृंगार करते हैं। सुखन के क़ायदे ही तो ग़ज़ल तैयार करते हैं।। ▪▪🔘▪▪ बिना वज़्नो... Read more

गज़ल- जब तलक शम्अ ये दिल में जलती रहे

जब तलक शम्अ ये दिल में जलती रहे। आस दीदार की दिल में पलती रहे।। आरज़ू दिल की है आख़िरी ये मेरी।। वस्ल तक ही सही सांस चलती रहे।।... Read more

ग़ज़ल:- रेत पे खींची हुई लक़ीर नही हूँ

रेत पे खींची हुई लक़ीर नही हूँ। पानी मे घुल जाए ऐसा शीर नही हूँ।। दे रहा पैग़ाम यार चैन-ओ-अमन का। प्यार का आज़म हूँ मैं हक़ीर नही ह... Read more

ग़ज़ल:-अश्क़ पी कर रह गये तुमने बहाए क्यों नहीं

*मतला* - अश्क़ पी कर रह गये तुमने बहाए क्यों नहीं। ज़ख्म दिलके आपने हमको दिखाए क्यों नहीं।। 【1】 प्यास हो दिल मे अग़र उसको बुझाना ... Read more

ग़ज़ल:- इसी मकाँ में कभी आशियाँ हमारा था

इसी मकाँ में कभी आशियाँ हमारा था। थी झोपड़ी वो मग़र जीने का सहारा था।। मेरी नज़र में वो मानिंद-ए-ताज सा लगता। अमीर ए शह्र की नज़रो... Read more

ग़ज़ल:- मैं जख़्मों को अपने छिपाता रहा हूँ

मैं जख़्मों को अपने छिपाता रहा हूँ। हँसा हूँ ख़ुदी पे हँसाता रहा हूँ।। मिटाता जमाना बने घोंसलों को। मैं चुन चुन नशेमन बनाता रहा ... Read more

ग़ज़ल- मौत से ही साक्षात्कार करके आया हूँ...

मौत से ही साक्षात्कार करके आया हूँ। यानी मैं उसे ही दरकिनार करके आया हूँ।। मौत ही तो इक़ सिला है, मौत सच का आइना। सच कहूँ मैं सच... Read more

गजल- सच कहूँ मशहूर होना चाहता हूँ

सच कहूँ मशहूर होना चाहता हू। चाँद सा पुरनूर होना चाहता हूँ।। बनके भौरा चूसता था रस गुलों का। अब तेरा सिंदूर होना चाहता हूं।। ... Read more

ग़ज़ल- वो "गिरगिट सा रंग बदलना" जानते हैं

हिंदी भाषा के मुहावरे और लोकोक्तियां पर आधारित यह गजल/ गीतिका लिखने का प्रयास किया गया है। वो "गिरगिट सा रंग बदलना" जानते हैं। ... Read more

ग़ज़ल- महका है दिल कि गुल खिला गुलशन में जिस तरह

महका है दिल कि गुल खिला गुलशन में जिस तरह। कोई मयूर नाचता सावन में जिस तरह।। महका हुआ दयार है अब मेरा चार सू। खुशबू बिखेर वो गय... Read more

गीत:- तेरे बिन इक़ पल भी मुश्किल रहना है।

*शे'र:-* शमाँ इश्क़ की दिल मे जलने लगी है। जमी बर्फ़ दिल मे पिघलने लगी है।। सजे ख़्वाब साजन तेरे नूर से ही। तुझे देख धड़कन मचलने लग... Read more

व्यंग्य- सांढ सरीको ढेंक रओ है

हर कुई अपनी सेंक रओ है। इते उते की फेंक रओ है।। जाने माने कछ्छू नई। गधा पढ़ारो रेंक रओ है।। अपने मुंह मिट्ठू बन के, ... Read more

व्यंग्य- बुंदेलखंडी बोली में

*व्यंग्य- बुंदेलखंडी बोली में* ✍🏻 *अरविंद राजपूत 'कल्प'* रे मेढ़क जैसे मत टर्राओ, उछलकूंद ने ख़ूब मचाओ। वे-मौसम तुम ... Read more

ग़ज़ल:- छलते हो बारबार, मुझे यार बनके तुम

छलते हो बारबार, मुझे यार बनके तुम। काँटे ही तो बिछाते हो गुलज़ार बनके तुम।। व्यापार ग़म का करते हो गमख़्वार बनके तुम। बेदर्दी दर्... Read more

ग़ज़ल- अब की होली में

मुझे मिला सभी का प्यार अबकी होली में। खिज़ां में आ गई बहार अबकी होली में।। चढ़ा है भाँग का खुमार अबकी होली में। नशा हुआ है बेशुम... Read more

ग़ज़ल:- बेबसी पर मेरी, कुछ तरस खाइए

बेबसी पर मेरी, कुछ तरस खाइये। आइए आइए, अब चले आइये।। बाजुओं में मेरे, अब समा जाइये। मेरे दिलवर मुझे अब न तरसाइये।। आपका प्या... Read more

ग़ज़ल- इंसानियत को छोड़ के शैतान बन गया

इंसानियत को छोड़ के शैतान बन गया। इंसान आज का तो, ये हैवान बन गया।। उसकी जरूरतों पे, मैं पहचान बन गया। करवट जो बदली वक़्त, ने अनज... Read more

आरती - आरती श्री नरहरिया जी की। साईं सरोवर नर्मदा जी की।।

आरती श्री नरहरिया जी की। साईं सरोवर नर्मदा जी की।। जब दुर्भिक्ष ने पाँव पसारे। दुखियों के सब कष्ट निवारे।। साईंधाम में आप विराजे... Read more

ग़ज़ल- दिल में धड़कन सी है, वो बहुत खास है

दिल की धड़कन में है, वो बहुत ख़ास है। रूह में वो बसी मुझको एहसास है।। चाँद मांगे ये दिल, इक़ खिलौना समझ। वो हकीकत नहीं सिर्फ आ... Read more

ग़ज़ल- प्यार होता है क्या, प्यार होता है क्यों

प्यार होता है क्या, प्यार होता है क्यों। कोई भा जाए तो, दिल मचलता है क्यों।। चेन मिलता नहीं, नींद आती नहीं। दर्द मीठा मगर, दर्द... Read more

ग़ज़ल- मोदी जी तुम संघर्ष करो यह देश तुम्हारे साथ है

मोदी जी तुम संघर्ष करो यह देश तुम्हारे साथ है। आदेश करो अब सेना को हर एक तुम्हारे साथ है।। कर आदेशित सेना को अब दुश्मन का संहार ... Read more