अरशद रसूल

Badaun (UP)

Joined February 2019

– जन्म स्थान : बादुल्लागंज, ज़िला बदायूं (उत्तर प्रदेश)।
– शिक्षा: एमए, बी एड, एमबीए, ग्रामीण विकास में पीजी डिप्लोमा, मुअल्लिम उर्दू, डिप्लोमा इन जर्नलिज़्म।
– लेखन: ग़ज़ल/गीतिका, मुक्त काव्य, छंद, गद्य, लघु कथा, समसामयिक लेख आदि।
– पुस्तक: 2 संकलित।
– राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं, साझा काव्य संकलनों में अनेक रचनाएं प्रकाशित, रेडियो पर प्रसारण। मंचों पर काव्य पाठ।
– पुरस्कार/सम्मान: उत्कृष्ट ज़िला युवा पुरस्कार, युवा लेखक सम्मान, पर्यावरण मित्र सम्मान, समाज शिरोमणि सम्मान आदि।
– अध्यक्ष: संकल्प युवा विकास संस्थान, उ. प्र./अनेक सामाजिक व सांस्कृतिक संस्थाओं में विभिन्न पदों का उत्तरदायित्व।
– संपर्क:
फोन 9411469055/
email: arsh.bdn@gmail.com

Copy link to share

अभिमान है हिन्दी

भारत का अभिमान है हिन्दी हम सबकी पहचान है हिन्दी शिखर पर पहुंचे अपनी भाषा हम सबकी हो यही अभिलाषा सच में कितनी महान है ... Read more

ज़िद्दी छात्र

#स्कूली दिनों के अनुभव पर आधारित कहानी... बात उस समय की है जब मैंने 10वीं पास करने के बाद 11वीं क्लास में दाखिला लेने के लिए शहर ... Read more

सूरज

सोचो सूरज नहीं निकलता हमें बहुत अंधेरा खलता किरणें धरती पर आती हैं चिड़ियां मधुर गीत गाती हैं दिखता मुखड़ा इसका प्यारा फ... Read more

धार्मिक आयोजन या नासूर?

आजकल हमारे देश में लोग कुछ ज्यादा ही धार्मिक होते जा रहे हैं। हर मजहब के लोग बढ़-चढ़कर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करते नजर आते हैं... Read more

गधा महान

”अरे, मेरे बिस्तर में यह बर्फ का डेला किसने लाकर रख दिया।“ दादी ने लगभग चिल्लाते हुए कहा। आखिर सर्दी अपने चरम पर जो थी। ”दादी, यह सो... Read more

हमारा चंद्रयान

चंदा मामा हम फिर आएंगे परचम भारत का फहराएंगे अभी तो संपर्क टूट गया है हौसला हमारा और बढ़ा है कुछ करके सबको दिखलाएंगे चंदा माम... Read more

टीचर्स डे

देखो टीचर की महानता मिटाते हैं यही अज्ञानता नेक राह की तरफ़ बढ़ाया अज्ञानता का किया सफाया सच्चाई का पाठ पढ़ाया अंधकार को द... Read more

फिर दिखावा

कस्बे में बहुत जोर शोर के साथ खान साहब का स्वागत किया गया। आखिर वो डेढ़ महीना बाद हज के सफर से वतन वापस लौटे थे। घर में लगातार मेहमा... Read more

इतवार यूं मनाएं

ऐसे इतवार मनाएं हम पापा का हाथ बटाएं हम अकेले करते रहते काम नहीं मिलता उन्हें आराम भाग- दौड़ में थक जाते हैं ऑफिस में... Read more

सर्पीली सड़क

सुंदर सी सर्पीली सड़क पहले थी पथरीली सड़क थक जाते थे सबके पांव सरल है पहुंचना अब गांव जहां पर चलना था मुहाल बिछ गया है ... Read more

मौलाना का जिन्न

बात कोई बहुत ज्यादा पुरानी नहीं है। एक मौलाना साहब कुछ लोगों को घेरे बैठे हुए थे। अपने करिश्मात और किए गए बड़े-बड़े कारनामों का बखान... Read more

पानी बचाना है...

जीवन को अगर बनाना है हमें पानी को बचाना है गिर रहा धरती का जलस्तर आओ रोकें इसको मिलकर युक्ति सूझा रहे पुरुष महान बिन पानी र... Read more

कट्टरता

 मौजूदा दौर में "कट्टर" शब्द का एक नया मतलब सामने आया है। इस शब्द का विकसित नया अर्थ राजनीति में भी खूब प्रचलित हुआ है। सकारात्म... Read more

धीमा जहर

रोजमर्रा की जिंदगी में तमाम चीजें ऐसी हैं जिनका इस्तेमाल हम खाने-पीने मैं करते हैं। इन तमाम चीजों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। वज... Read more

बच्चों का मेला

पापा के संग मेले जाना है हमको खिलौने लेकर आना है देखो उस तरफ झूलों की बस्ती करेंगे वहां हम जमकर मस्ती मौत का कुआं औ... Read more

स्मार्ट फ़ोन

बहुत ही प्यारी इसकी टोन पापा लाए एक स्मार्ट फोन सबका दिल यह बहलाता है कार्टून खूब दिखलाता है कितना अच्छा है इसका लुक चला... Read more

बिरादरीवाद

ट्रेन में सफर के दौरान हमेशा की तरह अघोषित पंचायत शुरू हो चुकी थी। एक हाई प्रोफाइल अंतर जातीय शादी चर्चा का विषय बनी हुई थी। बातचीत ... Read more

मेरी अलमारी

यह देखो मेरी अलमारी रंगत इसकी कितनी प्यारी काम यह हमेशा आती है घर की शोभा बढ़ जाती है भीतर इसके कपड़े भरते ऊपर फूल... Read more

नई परंपरा और फसाद

मामूली बात पर हिंदू और मुसलमान इंसान से हैवान बन गए। एक धार्मिक आयोजन को लेकर टकराव में खूब मारकाट हुई। बेगुनाहों का खून बहाया गया। ... Read more

घड़ी

यह तो हरदम चलती जाए घड़ी सदा चलना सिखलाए हमको नहाना - धोना है कब हमें जगना सोना है यह बात भी हमें बतलाए घड़ी सदा चलना सिखलाए... Read more

मायके का आराम

”बेटा रागिनी को अभी कुछ दिन और यहां रह लेने दो। थोड़ा आराम और कर लेगी। लड़की को तो मायके में ही आराम मिल पाता है। वहां जाकर तो फिर काम... Read more

गुड़िया की शादी

आज इक खाना आबादी है मेरी गुड़िया की शादी है तुम सब बच्चों को आना है शादी में मौज उड़ाना है खाने की अब तैयारी है ... Read more

पत्थर की किस्मत

शासन के दूत ने निर्माणाधीन पार्क का स्थलीय सत्यापन किया। साथ ही एक जाति विशेष से संबंधित स्थापित प्रतिमा की छतरी निर्माण और रंग रोगन... Read more

सड़क सुरक्षा

चलो सड़क पर देखभाल कर स्वयं को नियमों में ढालकर करो शौक से सैर - सपाटा कभी न भरना तुम फर्राटा गलत साइड,काम बचकाना सड़क पर ... Read more

दादी के बर्तन

बड़े हाकिम साहब की मां का निधन हो गया था। तेरहवीं के मद्देनजर घर में सफाई चल रही थी। इस बीच चंद्र पुराने बर्तन नजर आए, जो हाकिम साहब ... Read more

राखी का बंधन

आया-आया रक्षाबंधन बहना लाई रोली चंदन सभी गांठों को देता खोल यह बंधन है बड़ा अनमोल राखी लेकर बहना आई सजी फिर भैया की कलाई ... Read more

दादी की दवाई

रामदुलारी 75 पार हो चुकी थीं। उन्हें कई दिन से खांसी, जुकाम, बुखार की शिकायत थी। बेटे को अपने काम से समय नहीं मिल पा रहा था जो दवा ल... Read more

आज़ादी का जश्न

आज़ादी का जश्न मनाएं हम इस भारत की शान बढ़ाएं हम प्यार से न हो तो तलवार से कैसे भी, किसी भी प्रकार से निशां नफरत के मिटाएं ह... Read more

आज़ादी का त्योहार

सुना है 370 हटा ली है देश की सजधज अब निराली है पत्थरबाज अब बर्बाद हुए हैं हकीकत में कश्मीरी अब आज़ाद हुए हैं हमें कोई डर नही... Read more

मुहब्बत का ताजमहल

चाह नहीं है अरमानों की नहीं है हसरत उड़ानों की प्यार की एक नजर हो अरमानों का हमसफर हो अगर नहीं भी चाहोगे तो हमसे क्या लोगे द... Read more

खून का रिश्ता

चौथी बार फोन की घंटी सुनकर मालती का पारा सातवें आसमान पर पहुंच चुका था। उसने समझ लिया कि इस बार भी उसके बेटे रोहित का ही फोन होगा, ज... Read more

सरकारी दामाद

समाज का कल्याण करने वाले दफ्तर में दावत उड़ाई जा रही थी। इत्तफाक से वहां मेरा जाना भी हुआ। बिन बुलाए मेहमान की तरह मैं भी दावत में शर... Read more

रिश्तों में फर्क

”आज खाना ठीक से बना लेना, पापा जी आ रहे है”ं फोन पर रोहित ने अपनी पत्नी सीमा को समझाते हुए कहा। ”क्यों, रोजाना क्या खराब खाना बनता ह... Read more

धरती के भगवान

”अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट बता रही है कि आपके जुड़वा बच्चे हैं, सिजेरियन केस है, आप कम से कम ₹ एक लाख का इंतजाम रखें और हां ज्यादा देर मत ... Read more

उफ़, यह प्यास!

पड़ोस में एक गरीब परिवार रहता था। उस घर में फ्रिज नहीं था। इस वजह से गर्मी मैं ठंडा पानी भी मयस्सर नहीं हो पाता था। कभी किसी की मेहर... Read more

हिन्द की तस्वीर

आज कुछ लिखा जाए, जो सबके काम आए। वादा रहा मैं तुमसे, शिकवा नहीं करूंगा, किसी भी बात पर तुम्हें, रुसवा नहीं करूंगा। मैं यह ... Read more

खाली पेट

नंगे - भूखे फिरते मिले इंसान नहीं है रोटी कपड़ा और मकान धरम शूरु होता है रोटी के बाद खाली पेट भजन ना होय भगवान Read more

रोटी

अज़ां, न आरती सुनाई देती है दुनिया दीन की दुहाई देती है खाली पेट ठहरे यह सारे लोग इनको बस रोटी दिखाई देती है Read more

मेल बेबी

"बधाई हो, आपके परिवार में कन्या विराजी हैं।" नर्स ने लेबर रूम से बाहर आकर बताया। सीमा को पहली बार मां बनने की बेहद खुशी थी। उसकी नजर... Read more

सरकारी जांच

"28 हजार अपात्र पा रहे हैं पेंशन" इस खबर ने समाज का कल्याण करने वाले विभाग और अन्य सहयोगी विभागों को भी शर्मसार कर दिया था। अफसरों क... Read more

जोरू का गुलाम

दीपा के कैसे हाल-चाल हैं? उसके बच्चे कैसे हैं? ससुराल में वह खुश तो है न? पड़ोस वाली ताई आज कई दिन बाद आई थी। सो, बिटिया का हाल-चाल प... Read more

असली चेहरा

कमसिन मुनिया के अपहरण से इलाके में सनसनी फैल गई थी। हाल यह था कि गांव वाले अपनी बच्चिों को बाहर भेजने से डर रहे थे। सप्ताह भर की मशक... Read more

भेदभाव

हालांकि दीक्षा पढ़ने में काफी होशियार थी। इसके बावजूद अक्सर कुंठा उसके दिमाग पर हावी रहती थी। आए दिन अपने पापा से न जाने कितने सवाल क... Read more

सुषमा को सलाम

नाम था जिसका सुषमा, नेता बड़ी महान। दिलाई देश को अपने, दुनिया में पहचान।। दुनिया में पहचान, काम था मुश्किल थोड़ा। हिम्मत रही असी... Read more

मम्मी की खीर

मम्मी ने है खीर पकाई बड़े शौक से हमें खिलाई मावा, चावल, मेवा, दाना दूध में इन सबको पकाना दूर ही रखना इससे नीर बनती ... Read more

दोस्ती का रिश्ता

कोई तो रिश्ता है, जो... मुझ पर प्यार भरी एक नजर रखता है अपनी हर अदा से एक जुदा असर रखता है हर मुश्किल घड़ी में कदम से कदम म... Read more

रसगुल्ला

बंद करो अब हल्ला गुल्ला पापा लाये हैं रस गुल्ला कटोरी मम्मी ने उठाई कर दी देखो आध बटाई आहिल ने जब नजर घुमाई इमाद ने ... Read more

मिलन की आस

अपने प्रिय की आस में, बैठी रही निढाल। स्नेह का आलिंगन मिला, गोरी हुई निहाल।। गोरी हुई निहाल, कुछ भी नहि अब सुहाता। पूरी हुई ... Read more

सर झुका सकते नहीं

शकील बदायूंनी के जन्मदिन पर विशेष: इंसाफ़ की डगर पे, बच्चों दिखाओ चल के ये देश है तुम्हारा, नेता तुम्हीं हो कल के फ़िल्म गंगा ज... Read more

पिया की आस (तीज दोहे)

काम में व्यस्त पिया, हरियाली का तीज। पारा लगा है चढ़ने, उतरेगी अब खीज।। सज सोलह सिंगार में, लगी पिया की आस। अंखियां पथराने लगीं... Read more