Archna Goyal

Joined February 2017

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मेरी बारी

शुन्य मे निहारती निभा की आखें अपने छोटे पोता पोती की याद मे सूजती जा रही है जो उससे बहुत दुर चले गए है। अपने छोटे बेटे बहु की याद मे... Read more

मिलन

कुछ कहने गए उनसे तो साथ में शर्म भी चल पड़ी । फुरसत स बतियाएगे उनसे तो साथ में घड़ी भी चल पड़ी। वर्षो में मिले थे कुछ कहने ... Read more

एक रात की बात

बात बात पर वो बात याद आती है एक औरत के संग गुजरी वो रात याद आती है दूर खड़ी परदे की ओट से आधी सुरत दिखरी थी धुधले से चेहरे ... Read more

बारिश

आ मेरी हथेली पर आ तुझे मुठी मे बंद करलु जब भी जी चाहे मेरा में तुझसे बाते चंद करलु रोज रोज तु आती नही मेरे संग मस्ताने को रोद ... Read more

एक अरसा

चलुं खुद से मिल आऊँ , खुद से मिले एक अरसा हो गया है, आखोँ की नमीं नही जाती, गमो मे कमी नही आती, इन्हे खुशियाँ देखे एक अ... Read more

पतझड़ से बहार

तेरे प्यार की कस्ती में सवार हो चली हूँ में पतझड़ सी थी में अब बहार हो चली हूँ में एक नजर जो डाली मुझपर छाई अजब सी... Read more

तु भी माँ मैं भी माँ

माँ तेरी याद आती है जब बेटी को गुड़िया कह कर पुकारती हूँ तो तेरे मुहँ से अपने लिए मुनिया माँ। माँ तेरी याद आती है जब सहलाती हू... Read more