क़लम चलाना हम कवियों का काम हैl
रश्मि बिखराना हम रवियों का काम हैll

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तीन शब्द

खुशी खुशी अपने शौहर के घर विदा होकर आ गयी वो छोड़ अपना घर गली आंगन नये सपनों की रंगीन दुनियां कुछ सुनहरे ख्वाबों का मेला कुछ दि... Read more

कान वाली मशीन

हर रोज की तरह वह आज भी बड़ी जल्दी में था आखिर शीघ्र पहुंचकर उसे ऑफिस का काम निपटाना था वही छाता वही साईकिल वही रास्ता वही मंजिल ... Read more

*पापा क्यों नहीं आये*

प्यारे प्यारे चन्दा मामा जग से न्यारे चन्दा मामा आई मैं छत पर चोरी से चुपके चुपके दबे पांव से अपने नन्हें नन्हे कदमों से अपनी म... Read more