Dr Archana Gupta

मुरादाबाद

Joined May 2016

Founder, Sahityapedia

शिक्षा– एम. एस. सी.(भौतिक विज्ञान) , एम. एड.(गोल्ड मेडलिस्ट), पी.एच डी.
निवास -मुरादाबाद(उ .प्र)
जन्म- 15 जून
संप्रति —
-अध्यापन
-गीत ,ग़ज़ल मुक्तक , छंद, मुक्त काव्य , गद्य , कहानी लेख आदि सभी विधाओं में लेखन
-www.sahityapedia. com की संस्थापक और प्रेजिडेंट
–ब्लॉगर itsarchana. com
-भौतिक विज्ञान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध पत्र प्रकाशित
-अनेक रचनाएँ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित
-टी वी और रेडियो पर कार्यक्रम प्रसारित
—ग़ज़ल संग्रह प्रकाशित ( *ये अश्क होते मोती* )
—-संपादक( प्यारी बेटियां )
—अनेकों रचनाएँ साझा काव्य संकलनों में प्रकाशित
-राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मंचों पर काव्य पाठ

— साहित्य गौरव सम्मान, मुक्तक रत्न सम्मान, गोपाल दास नीरज गीतिकाकार सम्मान, पर्यावरण मित्र सम्मान आदि सम्मान

Books:
ग़ज़ल संग्रह (ये अश्क होते मोती)

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आज के पापा

पहले रहते गम्भीर बहुत आज चहकते पापाजी प्यार नहीं अब दिल में रखते,घुलते मिलते पापाजी मम्मी घर बाहर दोनों ही अगर देखती रहती है ... Read more

रामनवमी

15-04-2016 रामनवमी की आप सभी को शुभकामनाएं राजा दशरथ जी के घर में जन्म लिया माँ कौशल्या का भी जीवन सफल किया सबको छोड़ बिलखता... Read more

संताप

संताप तुमसे बिछड़ने का नहीं क्यों मिली थी तुमसे कभी बस इसका है संताप तुम्हारे धोखे पर नहीं अपने विश्वास पर है सन्ताप तुम्हा... Read more

मतदान पर माहिये

कुछ माहिये मतदान पर अलग2 रंग में तुम भावुक मत होना मत उसको देना जिससे सहमत होना सरकार हमारी है मत देना लोगों ये जिम... Read more

हनुमान (पद)

जय जय राम भक्त हनुमान ।। पवनपुत्र अंजनि के लाला ,हनुमन महावीर बलवान ।। तन सिंदूरी रंग लगाए ,और लाल पहने परिधान ।। हाथ गदा दिल रा... Read more

होली (माहिये)

लाल गुलाबी गुलाल हम तो लगाएंगे गोरे गोरे उनके गाल तुमसे मिलकर साजन ऐसा रंग लगा रंगा मन का भी आँगन रुत आई अलबेली छेड़... Read more

माहिये(होली)

होली आई मनभावन कैसे खेलेंगे रूठे रूठे हैं साजन उड़ा खूब गुलाल अबीर प्यार भरी होली चले नज़रों के भी तीर मारी भर भर पिच... Read more

बसंत

पतझड़ बीता फिजाँ बसंती , मिली हमें सौगात पेड़ों की डाली डाली पर, उगे नये हैं पात हरा घाघरा पहन धरा ने , पीत चुनर ली ओढ़ गेंदा चं... Read more

मन रेगिस्तान

18-10-2018 मन ही जब भावों का रेगिस्तान सब कुछ सूखा नैनो में नीर नहीं रेत के निशान भावनाएं भस्म गम के सूरज में रिश्... Read more

अग्रसेन जी की आरती।

जय अग्रसेन महाराज ,स्वामी अग्रसेन महाराज इनके पदचिन्हों पर, चलता अग्र समाज जय अग्रसेन महाराज द्वापर युग मे जन्में, अग्रसेन भग... Read more

अग्रवालों की गाथा

अग्रवाल बहुत होते हैं खास कहता ये इनका इतिहास आओ सुनाये सबको आज जय जय अग्रसेन महाराज पावन गीता के अठारह अध्याय अठारह अग्रवा... Read more

तस्वीर

जब तुम पास होती हो खामोश रहती हो नज़रें मिलते ही अपनी नज़रें झुका लेती हो पर तुम्हारी तस्वीर बहुत बोलती है राज तुम्हारे ... Read more

श्राद्ध

श्राद्ध पक्ष आया है फिर से कौओं ने इक सभा बुलाई घर घर की खबरें लाकर के इक दूजे को बैठ सुनाई इक बोला जिस घर की छत पर रोज मे... Read more

रिश्ता माँ बेटी का

खुद माँ बन कर जाना माँ होने का अहसास माँ और ज्यादा तुझसे मेरा रिश्ता हुआ खास माँ अपने दिल की ख़ुशी कैसे बयां करू आज पंख मिल ... Read more

केदारनाथ त्रासदी पर मेरे व्यथित मन के कुछ उद्गार

केदारनाथ त्रासदी के बाद यात्रा खुलने पर जब मेरा केदारनाथ जाना हुआ तो वहां पहुँचने पर मेरे व्यथित मन के कुछ उद्गार सिसक रही थीं ... Read more

एक पौधा बिटिया के नाम

जन्म हुआ जब बेटी का तब, इक पौधा लगवाया था उसको मुरझाने नहीं दिया,बहुत प्यार से पाला था हर साल जन्मदिन पर तब से , पौधा नया लगाती... Read more

महाराजा अग्रसेन जी

अग्रसेन जी महाराज का द्वापर युग मे जन्म हुआ राम राज्य के पदचिन्हों पर इनका हर इककदम हुआ यज्ञ में पशु बलि देखकर मन मे उनके क्... Read more

चाहिए अर्जुन की नज़र

लक्ष्य पाने के लिए चाहिए अर्जुन की नज़र नही होगा भटकाना ये मन इधर उधर सुन आवाज मन की होगा निशाना साधना न भटकना पथ से कहीं रखना... Read more

अभिनन्दन बहु का

पल्लवित हो जननी के आँचल में रोंपी गई हो पिया के आँगन में लेकर हज़ार सपने इन नयनों में अभिनंदन तुम्हारा बहु इस घर में खो गयी पल... Read more

पत्थर दिल

लोग कहते हैं मुझे पत्थर दिल जिन्दा तो हूँ पर जीवन रहित अब ये सच लगता है मुझे भी डरने लगी हूँ अपनी ही परछाई से भी टकरा... Read more

तकरार धूप और एसी की

सर्दी में एसी से छत पर धूप कहे इतराए। मेरे तो दीवाने सब तू यहाँ पड़ा कुम्हलाये। मेरे कतरे की भी क़ीमत मुझे देख सब मुस्काये। ... Read more

वक़्त अभी बाकी है

पल के साथ चलते हैं , पल गुजरते जाते हैं , खुद को पाने की बस , कोशिश करते रह जाते हैं। वक़्त के उस दौर में शायद ख... Read more

माँ ....कैसे जियूँ तेरे बिन

हर माँ की एक ही चाहत , जीवन में बेटा आगे बढ़े बहुत , लगा देती तन मन उसके लिए , करती दुआएं लाख उसके लिए। पर एक दिन म... Read more

जीवन

भीड़ के बीच में अकेला सा जीवन भावों के जंगल में खोया सा ये मन इंद्रधनुषी सपनें आशा का दामन फूलों सा खिलता अपना घर आँग... Read more

हाइकु

कुछ हाइकु अपनी प्रीत जैसे हो बारिश में घुला संगीत देके फुहार धरती को वर्षा का दो उपहार दुखी संसार कही बाढ़ तो कह... Read more