Dr Archana Gupta

मुरादाबाद

Joined May 2016

Founder, Sahityapedia

डॉ अर्चना गुप्ता
(Founder,Sahityapedia)

माता- श्रीमती निर्मला अग्रवाल
पिता- स्मृति शेष डॉ राजकुमार अग्रवाल

शिक्षा-एम०एस०सी०(भौतिक शास्त्र), एम०एड०(गोल्ड मेडलिस्ट), पी०एच०डी०

निवास-मुरादाबाद(उत्तर प्रदेश)

सम्प्रति-पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर , संस्थापक साहित्यपीडिया।

लेखन विधा– छांदस काव्य, गीत, ग़ज़ल, गीतिका, दोहे, कुण्डलिया, मुक्तक आदि और कविता, लेख, कहानी आदि

प्रकाशित कृति- तीन संग्रह

1-“ये अश्क होते मोती” (ग़ज़ल संग्रह)
2-अर्चना की कुंडलियां भाग-1 (कुण्डलिया संग्रह)
3- अर्चना की कुंडलियां भाग-2 (कुण्डलिया संग्रह)

सम्पादित कृतियाँ-
चार साझा काव्य संकलन-
1-प्यारी बेटियाँ,
2-माँ (भाग-1)
3-माँ (भाग-2)
4- धरा से गगन तक

अन्य प्रकाशन–अनेक साझा संकलनों में विविध विधाओं में रचनाएं संकलित, प्रमुख पत्र -पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित।
आकाशवाणी और दूरदर्शन लखनऊ से प्रसारित

सम्मान- देश की विभिन्न संस्थाओं द्वारा समय – समय पर अनेक महत्वपूर्ण सम्मानों से सम्मानित यथा-
गोपालदास नीरज गीतिकाकार सम्मान -2016,मुक्तक रत्न सम्मान-2016, पर्यावरण मित्र सम्मान-2017, वाग्देवी सम्मान-2018, हिंदुस्तान महिला दिवस सम्मान-2017, ज्ञान मन्दिर पुस्तकालय सम्मान-2017, साहित्य प्रतिभा सम्मान 2019,ट्रू मीडिया साहित्य सम्मान- 2019 आदि
अनेक ऑन लाइन सम्मान

ईमेल-drarchanaatul@gmail.com

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कोरोना इफ़ेक्ट

1 कोरोना के हौसले, ऐसे हुये बुलंद पूरे ही संसार को, किया घरों में बंद किया घरों में बंद, लड़ाई है अब जारी मानव ने भी जान, लगा... Read more

अग्रसेन महाराज।

द्वापर युग में ही हुये, अग्रसेन अवतार हमको अग्र समाज का ,दिया नया संसार दिया नया संसार, अठारह गोत्र बनाये इक रुपया इक ईंट, चलन... Read more

दशहरा

1 अब कलयुग की जीत है , रामराज्य की हार । राम नहीं मिलते यहाँ, रावण की भरमार ।। रावण की भरमार, लोभ ही रहता मन में। हो अधर्म की जी... Read more

सरदार भगत सिंह

जन जन में जिसने भरा , देश भक्ति का राग । वही भगत ही बुझ गया, दिल में जला चराग।। दिल में जला चराग, सही पथ दिखलाया था इंकलाब का राग... Read more

बेटी

प्यारी प्यारी बेटियाँ, हम सबका हैं गर्व इनसे ही संसार हैं, इनसे ही सब पर्व इनसे ही सब पर्व, लगें रंगोली जैसी घर रहता गुंजार,च... Read more

गांधी-शास्त्री

1 गाँधी-शास्त्री *********** मोहन गाँधी शास्त्री, दोनों नाम महान उच्च सोच सँग सादगी , इनकी थी पहचान इनकी थी पहचान, सत्य के अन... Read more

मोदी जी

1 दुश्मन भी डर कर रहें, ऊँची भरें दहाड़ कहीं शांत बहती नदी, मोदी कहीं पहाड़ मोदी कहीं पहाड़, नहीं टस से मस होते रहता इन्हें खया... Read more

हड़ताल

आती है हड़ताल से , बस मुश्किल में जान। तोड़ फोड़ से मत करो, अपना ही नुकसान। अपना ही नुकसान, समझदारी दिखलाओ। रखकर अपना पक्ष , बात ... Read more

बनो हिंदी के क्रेज़ी

अंग्रेजी से ही करें,क्यों हम सब परहेज़ हिंदी नंबर वन रहे,दौड़ें इतना तेज़ दौड़ें इतना तेज़, खूब इसको अपनायें अपने सारे काम, बोल हिंदी... Read more

गणेश चतुर्थी वंदना

करते हैं संसार के, पूरे सारे काज विघ्न हरण मंगल करन,गजानन महाराज गजानन महाराज, शरण जो इनकी जाता विद्या वैभव ज्ञान, बिना माँगे ... Read more

सुषमा स्वराज (शत शत नमन)

नेता सँग वक्ता प्रखर, बड़ी सुषमा स्वराज संयम से करती रहीं, राजनीति के काज राजनीति के काज, सादगी की थीं मूरत लगता उनको देख, भारती... Read more

मोदी जी

तीन्सौसत्तर को बदल, रचा नया इतिहास। मोदी जी ने कर दिया, काम बड़ा ये खास। काम बड़ा ये खास , शाह से हाथ मिलाकर। और बढ़ाया मान, तिरंग... Read more

गोपाल दास नीरज

1 शब्दों को भी कर दिया, था भावों का दास । 'नीरज' ने संसार मे, लिखा नया इतिहास। लिखा नया इतिहास , गमों में हँसते हँसते । सजा दिय... Read more

गुरु महिमा

1 गुरु महिमा का और क्या, इससे बड़ा बखान गुरु को ईश्वर से बड़ा, दिया गया है स्थान दिया गया है स्थान, जगत में ऊँचा सब से जो ... Read more

बरसात

धरती पर अब भेज दो, ठंडी मस्त फुहार कर दो हम पर मेघ जी, अब इतना उपकार अब इतना उपकार, भिगो दो तपते तन को दो इतना आनन्द, तृप्त भी ... Read more

मन से मन का बंधन

मन से मन जो जोड़ दे ,बंधन वो अनमोल पकड़ डोर विश्वास की, बोलो मीठे बोल बोलो मीठे बोल, जीत ये दिल को लेते कड़वे तीखे बोल, दुखा बस ... Read more

दो कुण्डलिया जीवन पर

1 जीवन के हर मोड़ पर, बाधाओं के गॉव हँस कर इनको पार कर, रोक नहीं तू पाँव रोक नहीं तू पाँव, परीक्षा है ये तेरी कर लेगा यदि पास... Read more

सास बहू

सास बहू की अब नहीं, होती है तकरार अलग अलग बहती नहीं, इनके मन की धार इनके मन की धार, नहीं रस्मों का बन्धन चलें एक सी चाल, करें ... Read more

दीवाली पर कुंडलियां

1 आई है दीपावली, दीपों का ले थाल लगता है जैसे निशा, लिये खड़ी जयमाल लिये खड़ी जयमाल, धरा माता पुलकित है आतिशबाजी देख,तात नभ भी ... Read more

करवाचौथ

दोहा ****** माथे पर कुमकुम रहे ,हाथ पिया का हाथ सदा सुहागन सब रहें, रहे पिया का साथ कुण्डलिया ********* चन्दा करवाचौथ का, नी... Read more

अग्र समाज और अग्रसेन

चलता अग्र समाज पर, अग्रसेन का राज अनुपम इनकी नीतियां, अद्भुत इनके काज अद्भुत इनके काज,अहिंसा के पालक थे इक रुपया इक ईंट, विचार... Read more

मन के घोड़े

घोड़े चलें दिमाग के, दिल की थाम लगाम अगर दिशायें सहीह मिलें, बन जायें सब काम बन जायें सब काम, खुली तब आँखें रखना और खुले रख कान,... Read more

माँ

कितने सारे रंग हैं , देखो माँ के पास तभी करे परिवार को, रँग भरा केनवास रँग भरा केनवास, सजाती है ये घर घर देती प्यार दुलार, लु... Read more

श्रृंगार

मुखड़ा बिल्कुल चाँद सा, जुल्फें जैसे रैन गोरी के हैं शर्म से, झुके झुके से नैन झुके झुके से नैन, कनक सी उसकी काया मगर पड़ा है आज,... Read more

होनी तेरी जीत है, वक़्त अगर बलवान

होनी तेरी जीत है, वक़्त अगर बलवान तभी मिले गर हार भी, हार न अपनी मान हार न अपनी मान, हौसला पूरा रखना करना अपने कर्म, न फल की चि... Read more

रंगोली सी बेटियां

रंगोली सी बेटियाँ, इनके रंग हज़ार लिए हाथ मे तूलिका, रँगती है घर द्वार रँगती है घर द्वार, छोड़ जो इक दिन जाती पर यादों की छाप, म... Read more

सच-झूठ

जीत यहाँअब झूठ की , सच की देखो हार आज जहाँ में दिख रहे, उलट पुलट व्यवहार उलट पलट व्यवहार, बहे अब उलटी गंगा उतना वही महान , ... Read more

होली

1 मोरी रँग दी श्याम ने, चुनरी अपने रंग पिचकारी की धार से, भीगे सारे अंग भीगे सारे अंग , चली भीगी पुरवाई उड़ते रंग गुलाल ,हर तरफ... Read more

महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

पाना जग में मान भी, नारी का अधिकार बांटा है इसने सदा ,ममता करुणा प्यार ममता करुणा प्यार , नेह अपना बरसाती दुख होता जब सिर्फ , ... Read more

चंदा कहे चकोर से

चंदा कहे चकोर से,करो न खुद को तंग बिछी हुई है चाँदनी,आओ खेले रंग आओ खेले रंग, प्यार के नगमें गायें धरा गगन के बीच, दूरियाँ चलो ... Read more

हरियाली से रंग मैं , लूँगी हरा उधार

हरियाली से रंग मैं , लूँगी हरा उधार फूलों से कुछ रंग मैं, कर लूँगी तैयार कर लूँगी तैयार, रँगूँगी मन की चोली मल कर नेह गुलाल,मन... Read more

रिश्ते

रिश्तों को तो जोड़ती, सदा प्रीत की डोर मगर तोड़ देता इन्हें, मन के शक का चोर मन के शक का चोर,न आगे बढ़ने देना लेगा सब कुछ लूट, न... Read more

शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाये

बम बम भोले गान से,करलो शिव का ध्यान करते भक्तों के लिये,जो विष का भी पान जो विष का भी पान,प्यार करते हैं इतना यदि हो जाते रुष्... Read more

राम और घनश्याम

लेकर हाथों में खड़े, धनुष बाण श्री राम इधर काठ की बाँसुरी,अधर लिए घनश्याम अधर लिए घनश्याम,ज्ञान गीता का देते पुरुषोत्तम हैं राम... Read more

होली का त्यौहार

आया है सद्भाव का, होली का त्यौहार इसके रंगों में छिपा, खुशियों का संसार खुशियों का संसार, गले भी दुश्मन मिलते उड़े अबीर गुलाल ,... Read more

थाम प्रीत की डोर

मन की उड़ी पतंग भी , थाम प्रीत की डोर ऊँची देख उड़ान को, नाचा मन का मोर नाचा मन का मोर, सुनाई देती छम छम हवा करे मदहोश, बसंती आया... Read more

गणतंत्र दिवस

अपने भारत वर्ष का, आया वो त्योहार जब पहना था देश ने, आज़ादी का हार आज़ादी का हार, तिरंगा भी फहराया अपना ही सँविधान, आज लागू करवाय... Read more

कान

हमने देखे तो नहीं, दीवारों के कान लेकिन सुनते आ रहे ,इनके अदभुत गान इनके अदभुत गान, सावधानी ये रखनी सोच समझ कर बात, कहीं पर भी... Read more

सोच

वैसे ही इंसान हम, जैसी अपनी सोच और वही होते सफल, जिनमें होती लोच जिनमें होती लोच, वक़्त होता है जैसा जैसे हो हालात, सोच लेते वो ... Read more

भोर

कितना सुंदर जग लगे, जब होती है भोर मंद मंद चलती पवन, चिड़ियां करती शोर चिड़ियां करती शोर,गीत भी कोयल गाती सुबह सुबह की सैर,मुदित... Read more

वक़्त और सपने

चलता रहता वक़्त ये, रुके न इसकी चाल जितने पूरे कर सके , सपने उतने पाल सपने उतने पाल, आँक तू अपनी ताकत करने इनको पूर्ण, लगे सा... Read more

कोहरा

पारा गिरता जा रहा, हुए सभी बेहाल बिछा हुआ जो हर तरफ, कोहरे का ही जाल कोहरे का ही जाल, छुपा भी सूरज ऐसे यहां गुनगुनी धूप, बिछाये... Read more

सर्दी

घर के अंदर बन्द सब , खा सर्दी की मार नहीं गूंजती पार्क में, बच्चो की किलकार बच्चों की किलकार, गूंजती है अब घर में बन्द हुए स्क... Read more

जब कोहरे को चीर कर , जरा निकलती धूप

जब कोहरे को चीर कर , जरा निकलती धूप दिख जाता है भोर का,निखरा निखरा रूप निखरा निखरा रूप, सुहाना मन को लगता सर्दी का आनन्द,पहाड़... Read more

बढ़ती अपनी उम्र भी , जैसे बदलें साल

बढ़ती अपनी उम्र भी , जैसे बदलें साल और मनाते हम खुशी, कैसा माया जाल कैसा माया जाल,बिछा रहता आंखों पर रहता पहरा सख्त, हमारी ही ... Read more

धीरे धीरे ज़िन्दगी, रही देखिये बीत

धीरे धीरे ज़िन्दगी, रही देखिये बीत नये पुराने साल की, चली आ रही रीत चली आ रही रीत , समय की बहती धारा इसका थामे हाथ ,गुजरता जीव... Read more

गरीब और मौसम

सर पर जिनके छत नहीं, फूटे हुऐ नसीब ऐसे ही मिल जाएंगे, कितने यहां गरीब कितने यहां गरीब, फ़टे हैं तन के कपड़े और मारकर भूख ,पड़े र... Read more

ठंड का आतंक

मैदानों में ले रहे, पर्वत का आनन्द शीत लहर में दाँत भी, सुना रहे हैं छंद सुना रहे हैं छंद, हवा कितनी बर्फीली श्वेत ओढ़नी ओढ़,भोर... Read more

नया साल

कहकर हमको अलविदा , जायेगा ये साल और नया फिर आएगा यही काल की चाल यही काल की चाल, नहीं आता ये वापस पीछे अपने याद , छोड़ कर जाता ह... Read more

बेटी बचाओ

कैसे बेटे भी करें, उस कुल का उद्धार जहां दी गईं बेटियां, निर्ममता से मार निर्ममता से मार,खून अपना जो देते सोचो कैसा पाप, चढ़ा सर... Read more