Dr Archana Gupta

मुरादाबाद

Joined May 2016

Founder, Sahityapedia

शिक्षा– एम. एस. सी.(भौतिक विज्ञान) , एम. एड.(गोल्ड मेडलिस्ट), पी.एच डी.
निवास -मुरादाबाद(उ .प्र)
जन्म- 15 जून
संप्रति —
-अध्यापन
-गीत ,ग़ज़ल मुक्तक , छंद, मुक्त काव्य , गद्य , कहानी लेख आदि सभी विधाओं में लेखन
-www.sahityapedia. com की संस्थापक और प्रेजिडेंट
–ब्लॉगर itsarchana. com
-भौतिक विज्ञान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध पत्र प्रकाशित
-अनेक रचनाएँ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित
-टी वी और रेडियो पर कार्यक्रम प्रसारित
—ग़ज़ल संग्रह प्रकाशित ( *ये अश्क होते मोती* )
—-संपादक( प्यारी बेटियां )
—अनेकों रचनाएँ साझा काव्य संकलनों में प्रकाशित
-राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मंचों पर काव्य पाठ

— साहित्य गौरव सम्मान, मुक्तक रत्न सम्मान, गोपाल दास नीरज गीतिकाकार सम्मान, पर्यावरण मित्र सम्मान आदि सम्मान

Books:
ग़ज़ल संग्रह (ये अश्क होते मोती)

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कोरोना(दोहा ग़ज़ल)

कोरोना का है कहर, जूझ रहा संसार बढ़ते ही अब जा रहे, इसके हुये शिकार घर की सीमा में रहो, करो एक ये काम कोरोना का बस यही, देखो है... Read more

शाकाहार अपनाओ

आदमी ने खत्म की आदमियत बुरे कर्मों की पड़ गई आदत खाने लगा न जाने क्या क्या कुछ पका कर कुछ ज़िंदा आज हड़कम्प मचा दुनिया में पर... Read more

घटी नजदीकियाँ अब क्या करें हम

घटी नजदीकियाँ अब क्या करें हम हुई मजबूरियाँ अब क्या करें हम समझ में बात आई जब नहीं तो पड़ी फिर लाठियाँ अब क्या करें हम ... Read more

खुद से गर गुमशुदा नहीं होता

खुद से गर गुमशुदा नहीं होता दर्द दिल में जमा नहीं होता हर समय एहतियात रखनी है कहके तो हादसा नहीं होता आँसुओं के बगैर दुनिया... Read more

कोरोना की हार।

हो जाएगी इक दिन देखो कोरोना की हार गले मिलेगा इक दूजे से, पूरा ये संसार आज बनाता हम सबका ही आने वाला कल है मानव को मिलता उस... Read more

वर्णमाला (कोरोना)

क से कविता में सुनो कोरोना का राज ख से खत्म करना हमें कोरोना है आज ग से गमन न कीजिये रखना इसका ध्यान घ से घर पर बैठिये कहना लीजे ... Read more

कोरोना पर निबंध

टीचर ने निबंध लिखवाया कक्षा में कोरोना पर नया नया त्योहार इसे बच्चों ने बतलाया हँसकर होली के ही आसपास ये तो आता है छुट्टी भी ... Read more

रिश्तों की ज़िन्दगी में जरूरत बनी रही

रिश्तों की ज़िन्दगी में जरूरत बनी रही कितनी भी उनसे चाहे शिकायत बनी रही फूलों के साथ साथ रहें जैसे शूल हैं नफरत के साथ दिल मे... Read more

रंग, अबीर- गुलाल उड़ाएं होली में

रंग, अबीर- गुलाल उड़ाएं होली में दुश्मन को भी मीत बनाएं होली में कुदरत ने क्या खूब बनाई रंगोली मीठी खुशबू मस्त हवाओं में घ... Read more

जोड़ ले दिल से तार होली का

जोड़ ले दिल से तार होली का है अलग ही खुमार होली का रंग बिखरा के आज कुदरत भी रूप देती सँवार होली का प्यार का रंग छा गया मन प... Read more

खुद पे विश्वास करते नहीं उम्र भर

खुद पे विश्वास करते नहीं उम्र भर हार से वो उबरते नहीं उम्र भर नेह की डोर में गाँठ पड़ने न दो रिश्ते जुड़कर सँवरते नहीं उम्र भ... Read more

रंगों का ये खुमार का मौसम

रंगों का ये खुमार का मौसम लाया है फिर बहार का मौसम रहती बेचैनियां बड़ी दिल में आएगा कब करार का मौसम ज़र्द पत्तों सी बिखरी या... Read more

होली(दुमदार दोहे)

1 फागुन की मस्ती भरी, चलने लगी बयार होली का चढ़ने लगा, दिल पर बड़ा खुमार प्रीत ने ली अँगड़ाई, दुखों की हुई विदाई 2 होली खेलन ... Read more

बसंत

बनके बहार देखिये छाया बसंत है मधुमास की सुगंध को लाया बसंत है आई प्रणय की बेला सुमन खिलखिला रहे दुल्हन बनाने धरती को आया बस... Read more

समीक्षा

विमोचन-समारोह में, मेरे (डॉ० अर्चना गुप्ता )के कुण्डलियाँ संग्रह - 'अर्चना की कुण्डलियाँ' (भाग २) के सम्बंध में मुरादाबाद के प्रसिद्... Read more

मुझको पत्थर कहकर पूजा करते हो

इस दुनिया का चलन निभाया करते हो। मुझको पत्थर कहकर पूजा करते हो।। और इसी भक्ति-भाव के बदले में तुम जाने क्या क्या मुझसे माँगा करत... Read more

यूँ तो कहने को हम तुम्हारे थे

यूँ तो कहने को हम तुम्हारे थे रास्ते पर जुदा हमारे थे गर्दिशों में कभी सितारे थे हौसले ही बने सहारे थे बीच मझदार में फ़ँस... Read more

पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि

कविता में हैं आँसू मेरी आँखों के ।। लिखी आज जो मैंने नाम शहीदों के।। छिपे इसी में दर्द राखियों के भी है। बिछे इसी में खाली द... Read more

शिवरात्रि (महिया)

शिवरात्रि मनाएंगे पार्वती संग शिव जब ब्याह रचाएंगे कांवर जब लाएंगे गंगा जल लेने हम काशी जाएंगे भोले शिव भंडारी खुश... Read more

नया कश्मीर

आज संसद में 370 अनुच्छेद हटा कर कश्मीर को भारत मे एकीकरण की घोषणा की गई। सीमा फिर घबराने लगी। अभी छः महीने ही उसकी शादी को हुए थे।... Read more

मुहब्बत हो हमारी तुम , भुला अब तो न पाएंगे

मुहब्बत हो हमारी तुम , भुला अब तो न पाएंगे रहेंगे पास ही दिल के भले ही दूर जाएंगे खज़ाना यादों का लेकर अमीरी में जियेंगे हम ज... Read more

माँ

पढ़ लेती जो दिल के अंदरखाने है बिना कहे माँ हाल हमारा जाने है कभी नहीं छुप सकता है माँ से कुछ भी बच्चों का हर हाव भाव पहचाने ... Read more

जो सच है वो छिपाया क्यों करें हम

जो सच है वो छिपाया क्यों करें हम कोई झूठा बहाना क्यों करें हम बचाकर रक्खे हैं कुछ तीर हमने किसी को भी निशाना क्यों करें हम ... Read more

सुनी कहानी हमने दादी नानी से

सुनी कहानी हमने दादी नानी से शुरू हुआ करती थीं राजा रानी से बचपन में तो मनमानी चल जाती है मगर जवानी मत खोना नादानी से गु... Read more

छुपाती मीडिया भी है बहुत सरकार की बातें

छुपाती मीडिया भी है बहुत सरकार की बातें घुमाती सी हुई लगती हैं अब अखबार की बातें कभी प्रॉमिस कभी टेडी कभी तो रोज डे मनते जुब... Read more

गिलहरी

उछल कूद कर खेल दिखाती भाती हमें गिलहरी टुकुर टुकुर सी ताके ऐसे लगती खुद की प्रहरी कितनी छोटी सी है लेकिन हाथ न अपने आती नचा ... Read more

चुन्नी मुन्नी

चुन्नी मुन्नी करें शरारत मां की तो आ जाती आफत दोनों के घर पास पास थे रिश्ते उनके बहुत खास थे एक क्लास में वो पढ़ती थीं ख... Read more

हरी सब्जियाँ

रोज रोज का है ये किस्सा मम्मी करती रहती गुस्सा कहती हरी सब्जियाँ खाओ अपनी सेहत खूब बनाओ पर राजू को मैगी भाती आइसक्रीम भ... Read more

बसंत गीत

धुंध कोहरे की खुद में सिमटने लगी शीत बाँहों में उसके पिघलने लगी ये बसंती सुगंधित पवन क्या चली प्रीत गुपचुप दिलों में मचलने लगी... Read more

स्वतंत्रता दिवस

स्वतंत्रता दिवस इक त्योहार है हमारा गणतंत्रता दिवस भी वैसा ही हमको प्यारा ऊँचा सदा रहेगा अपना तिरंगा झंडा गूँजेगा नभ धरा पर ... Read more

लेखन पर दोहे

लेखन है इक साधना, नहीं हवा में तीर बिरले ही बनते यहाँ, तुलसी सूर कबीर कविताओं की चोरियाँ, हुई बहुत अब आम और खरीदी जा रहीं,... Read more

वीरों का ऐसा हो वसंत

सीमा पर लड़ने वालों से कोई बड़ा नहीं यहाँ संत इनको भी रंगों में रँग दे,वीरों का ऐसा हो वसंत जीवन मृत्यु इन दोनों से ही इनकी होती ह... Read more

अंधविश्वासों पे क्यूँ विश्वास होना चाहिये

अंधविश्वासों पे क्यूँ विश्वास होना चाहिये अपनी ताकत का हमें अहसास होना चाहिये यादों को इतना हमारे पास होना चाहिये दूरियों का भ... Read more

बसंत पंचमी

1 खेतों में सरसों खिली, खुशबू भरी बयार चारों ओर बसंत की,छाई हुई बहार 2 देना वर माँ शारदे, खुशियाँ मिलें अनन्त जीवन में खिलता... Read more

बात से अपनी अगर आप मुकर जाएंगे

बात से अपनी अगर आप मुकर जाएंगे तो हमारी भी निगाहों से उतर जाएंगे घेर रक्खा है हमें गम के अँधेरों ने यूँ रोशनी की भी झलक दे... Read more

झंडे का सत्कार किया करते हो

कहने को तो झंडे का सत्कार किया करते हो तेरा मेरा कहकर फिर तकरार किया करते हो जग में देखो ईश्वर ने कितने प्यारे रंग भरे नीले... Read more

ग़ज़ल होती है

जब जुड़ें दो दिलों के तार ग़ज़ल होती है और होने पे भी तकरार ग़ज़ल होती है धड़कनें शोर मचाती हैं हो के बेकाबू आँखें हों जब किसी से ... Read more

सूर्य उपासना

ये सूर्यदेव हमको लगते पिता से प्यारे हम पूजते हैं इनको भगवान ये हमारे ये पूर्व में उदय हो पश्चिम में अस्त होते ये रात दिन हैं ... Read more

नदी

नदी ***** नदी नदी के किनारे देते उसे सहारे समेटे रखते हैं नदी नदी का जल बहता अविरल जीवनदाता है नदी नदी की ... Read more

मकरसंक्रांति

मकर संक्रांति का है त्योहार तिल की ही चारों ओर बहार गज़क रेबड़ी मन को भाये तिल का लड्डू रंग जमाये गंगा जी में भी करते हैं स्... Read more

पतंग और माँझा

लाल हरी नारंगी नीली कुछ तो पूरी ही रंगीली पापा खूब पतंगें लाये चरखी माँझा भी ले आये भागे सरपट हम भी छत पर पापा जी का हाथ... Read more

हिंदी दिवस पर दोहे

1 बना चुकी है विश्व में, हिंदी अब पहचान हिंदी का सम्मान ही, भारत का सम्मान 2 पूरे हिंदुस्तान का, हिंदी पहला प्यार वेद पुरा... Read more

कोई भी बात तुम्हारी कही हुई न हुई

कोई भी बात तुम्हारी कही हुई न हुई तभी तो देखो मुकम्मल ये दोस्ती न हुई हमारा दिल तुम्हें अब तक नहीं भुला पाया भले ही अपनी मुल... Read more

सुनहरे सपने

निशि बहुत अच्छा गाती थी। ढोलक भी अच्छी बजाती थी। मम्मी घरों में चौका बर्तन करती थी। निशि को वो स्कूल पढ़ने भेजती थी । लेकिन किसी के ... Read more

चुनना न रास्ते कभी जीवन में रार के

चुनना न रास्ते कभी जीवन में रार के रखना कदम जहाँ बिछे हों फूल प्यार के हो जाये कितनी दुश्मनी झगड़े यहाँ मगर होने नहीं ये चाहि... Read more

रघुपति राघव राजा राम

गाँधी जी के बंदर तीन लगें साधना में हैं लीन एक कहे बुरा मत बोल पहले उनको मन में तोल दूजा बोले सुनो बुरा मत पड़ने देना म... Read more

बड़े ही शौक से वो आइना दिखाते हैं

बड़े ही शौक से वो आइना दिखाते हैं मगर वो देखना खुद उसमें भूल जाते हैं वो पहले करते हैं अहसान, फिर गिनाते हैं इसी तरह से ही वो... Read more

यादों का तकिया लगाकर दिल हमारा सो गया

यादों का तकिया लगाकर दिल हमारा सो गया सपनों के संसार में जाने कहाँ फिर खो गया तुमसे मिलने की कसक थी स्वप्न में पूरी हुई आँसु... Read more

माँ

चाँदनी, धूप - छाँव सी हो तुम करती माँ मुझमें रोशनी हो तुम जान लेती हो बात दिल की माँ आसमानी कोई परी हो तुम तुमको छूते ह... Read more

नव वर्ष (सोरठा छंद)

आया है नववर्ष, नवल सपनें आँखों में जीवन में हो हर्ष, सफलता ही पग चूमें बदला है फिर साल, कलेंडर नया नया है धीरे धीरे काल, हमा... Read more