Anwer Haseeb

Darbhanga(Bihar)

Joined March 2017

यादों के सिलसिले चलते ही रहते है ,
इश्क़ हो या मौत मिलते ही रहते है ।

-हसीब अनवर

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माँ

आसमान भर अहसान कर भी कभी जताती नही , माँ रोती तो है मगर कभी बताती नही । वो सह भी ले कई तकलीफे लेकिन ज़िन्दगी में कभी ये जताती नही... Read more

माँ

ना जानें क्यूं मैं इतनी जल्दी बड़ा हो गया , मैं अपने पैरो पर भी खड़ा हो गया । वो बचपन की बातें अब भी याद है मुझे , ना जानें क्यूं ... Read more

धर्म की राजनीती ...!

ना कोई हिन्दू है , ना कोई मुस्लिम है , है ना कोई ईसाई यहाँ सब ने इंसान ना बनने की कसमें है खायी । कौन है वो इन नफरतो को फैलाने वा... Read more

कैसे आयी होगी

लूट कर एक मासूम की इज़्ज़त तुम्हे नींद कैसे आयी होगी , अगर वो चिल्लाई होगी ...तुम्हे अपनी बेटियां तो याद आयी होगी इंसानियत की हवस ... Read more

नया साल 2018

साल दर साल बस यही एक कहानी , एक वो अजनबी और कुछ यादे पुरानी तुमने यादो को छोड़ कर जाना नही सिखाया दिल फिर से धड़क उठा जब खत्म हो ... Read more

एग्जाम का डर

दिल को मिला सुकुन की एग्जाम आ गया । वो इस तरह जगाया जैसे तूफान आ गया । शोर यू ही ना परिंदो ने मचाया होगा जिस तरह एग्जाम ने हमें... Read more