Anurag Anjaan

Barabanki

Joined December 2019

Anurag Singh

Pen Name__Anjaan

Fathers Name-Mr Shiv Kumar Singh

Mothers Name- Mrs Manju Singh

Resident_Barabanki

Current City_Lucknow

Poetry Writer

Technocrat

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तुम्हारा ज़िक्र

तुम्हारा ज़िक्र था या है खुदा जाने, तुम्हारा फ़िक्र था या है खुदा जाने, तमाम रात हिज़्र में तुम्हारे सोया नहीं, तुमसे इश्क़ था ... Read more

तुम्हारे ख्वाब में ही

तुम्हारे ख्वाब में ही, जागते हैं हम सफ़र में नीद भी, त्यागते हैं हम काश हमको कहीं, तेरी आवाज सुनाई दे इसी उम्मीद, सफर के वास्ते ह... Read more

चिट्ठियां जो तुम्हे भेजनी थी खो गईं हैं कहीं

__चिट्ठियां जो तुम्हे भेजनी थी वो खों गईं__ © *अनुराग अंजान* *चिट्ठी जो तुम्हे भेजनी थी वो खो गई* मेरी पसंद ,मेरा इंतजार लिखा... Read more

समझने को बेचैन हो रहा है कोई

खुद को मुझमें खो रहा है कोई, उसके ख्याल में सो रहा है कोई, वो इमोजी भेजता है हर बात पर, समझने को बेचैन हो रहा है कोई। ©अनुरा... Read more

महज सांसों का चलना रह गया है

महज सांसों का चलना रह गया है, बिछड़ करके भी मुझमें रह गया है मैं खुद बाकी नहीं मुझमें जरा भी, बस इतना सा रिश्ता रह गया है। ©... Read more

आंखों में हैं ख्वाब हज़ारों मेरे फिर

आंखों में हैं ख्वाब हज़ारों मेरे फिर है मरहम कहां जख्म भरने के लिए। हैं हजारों ही गम इस जहां में अब वजह कहां कोई मुस्कुराने के... Read more

उसका शहर उसका गाव

उसकी तीक्ष्ण मुस्कान पसंद है, उसका शहर, उसका गांव पसंद है। बेशक नैन कटार हैं उसके, मगर हमको झुमके की तान पसंद है। Read more

एक पुराने जख्म को कुरेदना अच्छा लगा

एक पुराने जख्म को, कुरेदना अच्छा लगा, उसका ना होकर भी, हो जाना अच्छा लगा। यूं तो तन्हा गुजर रही थी, ज़िंदगी अच्छी मेरी, फिर भी ... Read more

वो नारी कहलाती है

बेटी,बहू कभी मां बनकर आती है, हर एक सुख दुख सहन कर जाती है, कभी संत टेरेसा कभी झासी की रानी बन जाती है, तब जाकर वो नारी कहलाती है... Read more

मेरे सपनो के हर एक दाव हैं पापा

खुली छत हो तो सिर पर छाव हैं पापा, मेरे पथ में कदमों के कदमताल हैं पापा। जिसने खुद के सपनों को है तोड़कर जिया, मेरे सपनों के हर ए... Read more

Teri wfa sa tujhme khubi bhut hai

तेरी वफ़ा सा तुझमें खूबी बहुत है तेरी तकदीर से भी तुझे मिला बहुत है। तू खुद को इतना भी मामूली ना समझ, जो तुझे मानता है वो ... Read more

जो तुम आ बैठ जाते तो

महज लहरें यहीं होती, समुंदर का किनारा होता । जो तुम आ बैठ जाते तो, नज़ारा कुछ और ही होता।। यकीनन तुम मेरे न होते, मगर वो पल स... Read more