अनुराग हृदयनगरी

131- जगदीश वार्ड गढ़ाकोटा सागर म.प्र. 470229

Joined April 2018

शिक्षा से इंजीनियर, पेशे से प्राध्यापक शौक से कवि और शौक सर्वोपरी है

Books:
कोई किताब अब तक प्रकाशित नहीं हुई परंतु समय समय पर समाचार पत्रों में विभिन्न गीत, ग़ज़ल एवं समसामायिक लेख प्रकाशित होते रहते हैं।

Awards:
राष्ट्रीय कवि संगम म.प्र. द्वारा नवांकुर कवि सम्मान, नेहरू युवा केन्द्र दिल्ली द्वारा विश्व कविता दिवस पर युवा कवि सम्मान

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मुश्किलों में आबदाना हो गया

इश्क के मरक़ज़ में जाना हो गया मुस्कुराये इक ज़माना हो गया जब निगाहें आशिकाना हो गईं शह्र में ज़ाहिर दिवाना हो गया बेवफा से ... Read more

जो छुओ प्यार से बिखर जायें

डूब कर इश्क में निखर जाएँ बनके खुश्बू चलो बिखर जाएँ लौट सकते हैं गुम हुये इंसान जो बदल जायें तो किधर जाएँ सूख गये अश्क़ रो ... Read more