Kumar Anu Ojha

SHAHPUR

Joined October 2017

Hey, I’m Anu, from Bihar . I’m 23 years old. I want to be a great educator. So for as my hobbies are concerned. I like reading books, listening music, watching movie and writing poems,story and so on.

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अंधविश्वास

जब हो जाय अंधविश्वास।व्यथित मन । एक छोटी सी लेखनी👇🏻 अच्छे रिश्ते टूट जाते है और मन मे पनपते खटास। दूरिया बनना तो लाजमी है। जब... Read more

Rajnikant.. Happy birthday

आज एक भाई के लिए कुछ पंक्तियां अपने कलमो से सजाने का प्रयास किया हु। धन्य हुआ हूं इस जनम में मिले है कृष्ण कन्हैया। तुमसे दूर क... Read more

काश ! मेरी भी एक बहन होती

आ रहे रक्षाबंधन की याद को लेकर बहन की याद आई। आज अपने पीड़ा को अपने ही कलम से सजाने का प्रयास मेरे द्वारा। मेरा नाम कुमार अनु ओझा। 💕... Read more

माँ की यादें

जिसकी माँ बचपन में ही अपने बेटे को अकेला छोड़ देती है उस बेटे के मुँह से निकली ये बाते, जिसको मैं कुमार अनु ओझा, अपनी कलमों से सजाने ... Read more

बहती प्रेम की गंगा

💕बहती प्रेम की गंगा, विशेष प्रेमी युगल को समर्पित यह कविता।💕 क्या कहूँ तेरे बारे में बातो की माला सजाने लगा हूँ। जब से तुम्हें... Read more

मेरी प्यारी बहना

मेरी प्यारी बहन को समर्पित यह कविता👇 "मेरी प्यारी बहना" तू तो मेरी प्यारी बहना तेरे आने से ज्योति जगे। तेरे जीवन मे कभी गम ना ... Read more

गुरुर मत करो

एक जबरदस्त रचना👇 "गुरुर मत करो" क्या लेकर आये है क्या लेकर जाएंगे । बिन कोई सन्देश दिए वापस हम लौट जाएंगे।। बन्द मुट्ठी... Read more

उदासी क्यों

आज फिर एक लघु प्रयास मेरी तरफ से।👇 " उदासी क्यों " क्यों रूठ जाते हो ऐसे जैसे मनाना बस की बात नहीं। जब रंज हो जाते हो आप तो ह... Read more

जीतने की जिद्द

बैठे बैठे कुछ लिखने का मन किया आज, तो एक छोटा सा प्रयास👇 "जीतने की जिद्द" बहुत परिश्रम के बाद भी कई बार था मैं हारा। लेकिन बन ... Read more

स्वार्थी इंसान

मेरे द्वारा रचित एक छोटी सी कविता👇 "स्वार्थी इंसान" ना थी खबर उनको,मेरी एक पल की। वे अपने लिए ही रोते हैं। मैने तो बहुत चा... Read more

बच्चों को पुकार

#एक छोटी सी लेखनी। एक दिन सहसा सूरज निकला, फिर क्या हुआ ? उगते सूरज की लाली छाई, बच्चो की आवाज सुनाई। उमड़ पड़ी उनसब की कतार, य... Read more

मेरी प्यारी माँ

मेरी शैतानी,मेरी नादानी मेरी तोतली बाते बचकानी थी। देख के मेरी बचपन को तू तो अक्सर मुस्कुराती थी। थी मेरी लाखो गलती पर तु मु... Read more