Anuj Tiwari

Umaria

Joined June 2016

नाम – अनुज तिवारी “इन्दवार”
पता – इंदवार , उमरिया : मध्य-प्रदेश
लेखन— ग़ज़ल , गीत ,नवगीत ,कविता , हाइकु ,कव्वाली , तेवारी आदि
चेतना मध्य-प्रदेश द्वारा चेतना सम्मान (20 फरवरी 2016)
शिक्षण — मेकेनिकल इन्जीनियरिंग
व्यवसाय — नौकरी
प्रकाशित पुस्तकें :–
1) नया युग नई सोच
2) परवाज़ (ग़ज़ल संग्रह)
3) जज्बात-ए-कलम
4) प्रत्याशा : एक पग पथ की ओर
5) गुलिस्तां – साहित्य की फुलवारी
मोबाइल नम्बर –9158688418
anujtiwari.jbp@gmail.com

anujtiwariindwar.blogspot.com

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तांटक छंद :-- ये आरक्षण खूनी हैं - भाग -१

तांटक छंद :-- ये आरक्षण खूनी हैं - भाग -१ कवि :-- अनुज तिवारी "इन्दवार" आरक्षण की बात छिड़ी तो कुछ चेहरे मुरझाए थे | संस्थ... Read more

ग़ज़ल:-- रूह से रूह जब मिलाओगे ।

ग़ज़ल:-- रूह से रूह जब मिलाओगे । ✍🏻 अनुज तिवारी "इंदवार" मतला रूह से रूह जब मिलाओगे । जिस्म का ख़्याल भूल जाओगे । हुस्न... Read more

गज़ल :-- हुस्न तेरा जो कातिलाना है ।

गज़ल :-- हुस्न तेरा जो कातिलाना है ।* काफिया :-- आना रदीफ़ :-- है ✍🏻 अनुज तिवारी "इंदवार" बहर :-- ये मुलाक़ात इक बहाना है 2122--... Read more

ग़ज़ल :-- दौलत मिली तो तौर तरीका बदल गया ।

ग़ज़ल :-- दौलत मिली तो तौर तरीका बदल गया । बहर :-- 221-2121-1221-212 रदीफ :- बदल गया काफिया :-- आ ✍🏻 अनुज तिवारी " इंदवार " त... Read more

ग़ज़ल :-- मेरे गद्दे में जरा सी घास भर दो ।

ग़ज़ल :-- मेरे गद्दे में जरा सी घास भर दो । ✍🏻 अनुज तिवारी "इंदवार" हसरतों में मैकदे की प्यास भर दो । ज़िंदगी में इक नया... Read more

ग़ज़ल :-- आये तो तेरे सिवा कोई न आये ।

ग़ज़ल :- आये तो तेरे सिवा कोई न आये । गज़लकार :-- अनुज तिवारी "इंदवार" बहर :-- 2122---2122---2122 बहरे रमल मुसद्दस सालिम रदी... Read more

गज़ल :-- नासूर यूँ चुभते रहे ॥

गज़ल :-- नासूर यूँ चुभते रहे ॥ नासूर यूँ चुभते रहे । क्यों बेवजह झुकते रहे ॥ लुटती रही है चाँदनी, हम चाँद को तकते... Read more

गज़ल :-- मैकदों में लड़खड़ाने आ गए ॥

गज़ल :--मैकदों में लड़खड़ाने आ गए ॥ प्यार वो हम से जताने आ गए । आज फ़िर से आजमाने आ गए । बेडियां पैरों में मेरे क्या बँधी ,... Read more

गज़ल :-- जिसको खुशी हो यार की ऊँची उड़ान से ।।

ग़ज़ल :-- जिसको खुशी हो यार की ऊँची उड़ान से !! वज्न :--221--2121--1221--212 काफ़िया :-- आन (आसमान ,उड़ान ,इम्तिहान ,इत्मिनान ,जहा... Read more

दुर्मिल सवैया :-- प्रथम खण्ड ॥॥

*दुर्मिल सवैया छंद* :-- प्रथम-खण्ड *चित चोर बड़ा बृजभान सखी* ॥ 8 सगण / 4 पद रचनाकार :--अनुज तिवारी "इंदवार" ... Read more

मुक्तक :-- बेवफ़ाई का निशां मिल ही गया ।।

मुक्तक :-- बेवफ़ाई का निशां मिल ही गया ।। हुस्न वाले ! बेवफ़ाई का निशां मिल ही गया । आज देखो चाँद को भी आसमां मिल ही गया । हम चको... Read more

गज़ल :-- अब हमारे दरमियां भी फासला कुछ भी नहीँ ।।

तरही गज़ल :-- 2122--2122--2122--212 आसरा कुछ भी नहीँ है वासता कुछ भी नहीँ । ज़िंदगी तो चंद लम्हों के सिवा कुछ भी नहीँ । बिन त... Read more

मुक्तक :-- चूड़ियां ।।

मुक्तक :-- चूड़ियां ॥ हरी या लाल पहनों तुम हमें हर रंग प्यारा है । भरे जौवन में तो इनका दहकता अंग प्यारा है । कभी ये रूठ जाती है... Read more

गज़ल :-- बेवजह लोग गंगा नहाते रहे ।।

तरही गज़ल :-- बेवजह लोग गंगा नहाते रहे । बहर :-- 212--212--212--212 मीठे सपने सदा ही लुभाते रहे । रात ख्वाबों में भी मुस्कुराते... Read more

दुर्मिल सवैया :-- भाग -12

डुर्मिल सवैया :-- भाग 07 रविलोचन , योगि , सुदर्शन की । जय आदि ,अनादि ,सनातन की । यदुवेंद्र , उपेंद्र , महेंद्र भजो । ... Read more

गज़ल :-- ज़ख्म मेरे ही मुझे सहला रहे हैं ।।

गज़ल :-- ज़ख्म मेरे ही मुझे सहला रहे हैं ।। बहर :- 2122--2122-2122 ख्वाब बन आँखों में अब वो छा रहे हैं । ज़ख्म मेरे ही मुझे सहल... Read more

क्षणिका :-- दिल में तू.......।।

क्षणिका :-- दिल में तू बसी है , होठों पर हँसी है क्या तू तड़पायेगी सदा । आँखों में तेरा चहरा , पलकें देती पहरा कहीँ हो न जा... Read more

दुर्मिल सवैया :-- भाग -11

ऋषिकेश , जनार्धन , निर्गुण को । हरि , दीनदयाल , गुपाल भजो । कमलेश भजो , अवधेश भजो । मयुरेश भजो , महिपाल भजो । मुरलीघर मान... Read more

दुर्मिल सवैया :-- भाग -10

हिय में अपने प्रभु नाम भजो । मनमोहन सोहन श्याम भजो । भज धन्य धरा मथुरा नगरी । प्रभु जन्म लिए हर धाम भजो । वशुदेव भजो भज द... Read more

कविता :--क्यों जीता है तू मन मसोस ।।

कविता :-- क्यों जीता है तू मन मसोस ??? कवि :-- अनुज तिवारी "इंदवार" लक्ष्य-भेद ! तू धर निशान । अरमानों के धनुष-बाण । कु... Read more

गज़ल :-- समझो अदब में झुकती है टहनी गुलाब की ।।

गज़ल :-- समझो अदब में झुकती है टहनी गुलाब की ।। बह्र :-- 221---2121---1221--212 काफ़िया :-- आब ( जवाब ,नवाब गुलाब ,अजाब ,जनाब ,इंक... Read more

गज़ल :-- जिसनें जाना है दाम फूलों का ।।

गज़ल :-- करता मदहोश जाम फूलों का । बहर :----- 2122---1212---22 जिस नें जाना है दाम फूलों का । बन गया वो गुलाम फूलों का ।... Read more

कुन्डलियां :-- माँ

कुन्डलियां :-- माँ माँ में ममता , वात्स्यना , मोह , मृदुल , मुस्कान । इक पावन स्पर्श ही , महकाए गुलदान । महकाए गुलदान ... Read more

दुर्मिल सवैया :- भाग 6 -चितचोर बड़ा बृजभान सखी ॥

*दुर्मिल सवैया छंद* :-- भाग -5 चित चोर बड़ा बृजभान सखी ॥ 8 सगण / 4 पद रचनाकार :--अनुज तिवारी "इंदवार" ... Read more

दुर्मिल सवैया :-- भाग --5 चितचोर बड़ा बृजभान सखी ॥

*दुर्मिल सवैया छंद* :-- भाग -5 चित चोर बड़ा बृजभान सखी ॥ 8 सगण / 4 पद रचनाकार :--अनुज तिवारी "इंदवार" ... Read more

दुर्मिल सवैया :- भाग 5

*दुर्मिल सवैया छंद* :-- भाग -5 चित चोर बड़ा बृजभान सखी ॥ 8 सगण /4 पद रचनाकार :--अनुज तिवारी "इंदवार" ... Read more

दुर्मिल सवैया :-- चितचोर बड़ा बृजभान सखी- भाग 4

*दुर्मिल सवैया छंद* :-- भाग -4 चित चोर बड़ा बृजभान सखी ॥ 112---112---112--112 रचनाकार :-- अनुज तिवारी "इंदवार" ... Read more

गीत :-- मेरी बेटी है तू ॥

गीत :-- मेरी बेटी है तू ॥ मेरी बेटी है तू , धन की पेटी है तू । अपनें मम्मी की गोदी में लेटी है तू । मेरी बेटी है तू ॥ परी नटखट ब... Read more

मुक्तक :-- अदाकारी खरीदी जा नहीँ सकती ॥

मुक्तक :-- अदाकारी खरीदी जा नहीँ सकती ॥ हकीकत है अदाकारी खरीदी जा नहीँ सकती । जो फैली दिल में हो अक्सर बिमारी जा नहीँ सकती । चढ़... Read more

गज़ल :-- ये उठे तूफान अक्सर जायजा करते नहीँ ॥

गज़ल :-- ये उठे तूफान अक्सर जायजा करते नहीँ ।। मापनी :-- 2122--2122--2122--212 दिल में शोले जो रखे हों वो जला करते नहीँ । क्य... Read more

गज़ल :-- फ़िर भी जला है आग सा मेरा बदन तमाम ।

*गज़ल :-- *फ़िर भी जला है आग सा मेरा बदन तमाम ॥* तरही गज़ल मापनी 221---2121--1221--212/2121 देखा है करके आज ये हमने जतन तमाम... Read more

गज़ल :-- कब तलक वो आपसे ही रूठ कर तन्हा रहेगी ॥

गज़ल :-- कब तलक वो आपसे ही रूठ कर तन्हा रहेगी ॥ बहर :- 2122-2122-2122-2122 कब तलक वो आपसे ही रूठ कर तन्हा रहेगी । जख्म गहरे ह... Read more

कविता :-- नोट के बदलते तेवर ॥

कविता :-- नोट के बदलते तेवर ॥ आज हिन्द करवट बदला है ! लोगों का भी मन मचला है ! आज देश में , और नोट में , साथ हुआ बदलाव । नेत... Read more

गज़ल :-- जो आज भी उसमें गुमान बाकी है ॥

ग़ज़ल :-- जो आज भी उसमें गुमान बाकी है !! बहर :-- 2212 2212 1222 जो आज भी उसमें गुमान बाकी है ।, नातों का सारा इम्तिह... Read more

गज़ल :-- मुझको पाने की इबादत की थी मेरे यार नें ॥

गज़ल :-- मुझको पाने की इबादत की थी मेरे यार नें ॥ बहर :- 2122-2122-2122-212 माँग लूँ उसको खुदा से दे के बदले जान भी । मुझको पा... Read more

गज़ल :-- चलो जो राह पे सम्हल के सामना देखो ॥

गज़ल :-- चलो जो राह पे सम्हल के सामना देखो ॥ 1212--1122--1212--22 इस बहर पर लिखे फिल्मी गीत 1) कभी कभी मेरे दिल में ख़याल आता ... Read more

कुन्डलियां :-- सर्व धर्म सन्मति रहे ॥

कुन्डलिया :-- सर्व धर्म सन्मति रहे ॥॥॥ सर्व धर्म सन्मति रहे रखें सभी का मान । जाति-धर्म को तोड़ के , बना रहे ईमान ।। बना... Read more

दुर्मिल सवैया :-- चित चोर बड़ा बृजभान सखी - भाग -3

दुर्मिल सवैया :-- चितचोर बड़ा घनश्याम सखी - भाग-3 मात्राभार :-- 112 112 112 112 112 112 112 112 जब कंस वधे सब काम सधा ... Read more

कविता :-- ऐसी आज दिवाली हो ॥॥

कविता :-- ऐसी आज दिवाली हो ॥ चाहत के बाजार सजे हों । दिल के पावन द्वार सजे हों । हर घर हो दीपक सा रोशन , हर सपने साकार सजे हों... Read more

कुन्डलिया :-- सरहद (नातों की )-2 ॥

कुन्डलियां :-- सरहद -2 !! सरहद भावों से बनी , बड़ी विकट विकराल ! बंधन के ब्रम्हास्त्र हैं , जज्बाती हैं भाल !! जज्बाती हैं... Read more

कुन्डलिया :-- घट यूँ घट पनघट गए !!

कुंडलिया :-- घट यूँ घट पनघट गये !! घट यूँ घट पनघट गये, सरपट बहता नीर ! सरिता कहे पहाड़ से , फूटी है तकदीर !! फूटी है तकद... Read more

कुन्डलियां :-- सरहद (व्यंग) भाग -1 !!

कुन्डलियां :-- सरहद -1!! हद की सरहद लांघ कर , गदगद हुआ अधीर ! चार लाख जज्बात से , दुर्जन बना फ़कीर !! दुर्जन बना फ़कीर , ख... Read more

शेर :-- मेरे कुछ शेर -भाग -1 !!

शेर :-- मेरे कुछ शेर -भाग -1 !! दर्द दिल से रो पड़ी अब तो कलमें भी यहाँ ! कब तलक लिखते रहेंगे प्यार की ये दास्तां !! पूज लो उस... Read more

कविता :-- तू चीख यहां आलाप ना कर !!

कविता :-- तू चीख यहां आलाप ना कर !! ठोकर लगी विलाप ना कर ! तू चीख यहां आलाप ना कर !! नई डगर है , सत्य शपथ ले , अब तू चिंतन ज... Read more

गज़ल :-- आज मातम छा गया घनघोर मेरे गाँव में !!

ग़ज़ल :-- आज मातम छा गया घनघोर मेरे गाँव में !! बहर :-- 2122--2122-2122--212 रमल मुसद्दस मुजाहिफ गज़ल आज मातम छा गया घनघोर मेरे ग... Read more

कविता :-- काम करने चला बचपन !!

कविता :-- काम करने चला बचपन !! खानें की चाह पे खोया बचपन रातों को राह पे सोया बचपन , सहम-सहम के रोया बचपन फिर भी बोझा ढोया बचप... Read more

कविता :-- संघर्ष

कविता :-- संघर्ष !! संघर्ष करो ! संघर्ष करो ! संघर्ष करो ! संघर्ष करो !! संघर्ष हो जीने का मक़सद , संघर्ष बिना क्या जीना है ! पर ज... Read more

दुर्मिल सवैया :-- चितचोर बड़ा बृजभान सखी !! -भाग -2

दुर्मिल सवैया :-- भाग -2 चित चोर बड़ा बृजभान सखी ! मात्राभार :-- 112 -112 -112 -112 112 -112 -112 -112 !! ... Read more

कविता :-- औरंगजेब इस सर जमीं का सबसे बड़ा नवाब था !!

कविता :-- औरंगजेब इस सर जमीं का सबसे बड़ा नवाब था !! पारदर्शिता का अनुयायी जो सच का रखवाला था ! बाबर के कुल का चिराग वो टोपी बुनने... Read more

मुक्तक :-- ज्यामिति विद इंसानियत

मुक्तक :-- ज्यामिति विथ इंसानियत अधिककोण जैसे अकड़ोगे तो उल्टा गिर जाओगे ! न्यूनकोण से झुकने में आखिर कब तक शर्मओगे ! उल्टा-सीधा... Read more