प्रबन्धक:
शाश्वत एकेडमी, सूची, रायबरेली।

अध्यक्ष:
शाश्वत अनुराग ट्रस्ट।

अन्य व्यावसायिक उपक्रम:
शाश्वत एंटरप्राइजेज, लखनऊ।

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देवीमां को समर्पित गीत

110 देवी गीत हो मइया--4 कर दो कृपा तोरे पैंया परूँ चरणों में सेवा दिन रैना करूँ तोरे छैंया रहूँ। हो मईया ----2 कर दो कृपा त... Read more

मीठी कविता

◆◆◆◆ 112 मीठी कविता है बात जलेबी डूबी जो चाशनी, नर्म दिल तो देखो जैसे हो रसमलाई----2 लाते जो पेड़ा बर्फी या कि गुलाब जामुन क... Read more

नीतिपरक दोहे

117 /नीतिपरक दोहे/ अकिंचन को मिलता कोई, जब अनमोल रतन। रखता उसे सम्भालकर, करके लाख जतन।। कामी को काया मिले, उसका... Read more

रंगरेज कन्हैया लाल

115 / रंगरेज कन्हैया/ रज रज रमे रमेश हैं, रंगे राधिका रंग। श्याम वर्ण के श्यामजी, राधा गोरे अंग। होली के बहुरंग में, खिल... Read more

दोहे

/ दोहे/ जीवन के दिन चार हैं, लगा दियो उपकार। सबसे बढ़ कर धर्म है, परमारथ लो जान।। सुख की घड़ियाँ हैं अभी, काहे होत अधीर। चक्र समय ... Read more

हिन्दी दिवस विशेष(दोहे)

जब हम करते बात हैं, हिंदी में सरकार। जाने बहुजन समझते, बात करे साकार।। निज भाषा का ज्ञान तो, है आवश्यक जान। बिन भाषा के यूँ फिर... Read more

हिन्दी दिवस विशेष/

शुद्ध श्रेष्ठ संस्कारित भाषा देवनागरी लिपि कहाती। अद्भुत ज्ञान कोष सहेजे संस्कृत की उत्तराधिकारी कहाती। पाली प्राकृत अपभ्रंश स... Read more

स्वाभिमान या अभिमान

स्वाभिमान कदाचित चुपचाप बन जाता अभिमान अन्तर होता है सूक्ष्म दोनों भावनाओं में बदलेंगे कब स्वभाव सीख लें इसका ज्ञान। अनीत... Read more

अहमक़ लोगों के साये में

अहमक़ लोगों के साये में क्या जीवन सुख को पायेंगे? सङ्ग बुराई का होगा तो कहाँ प्रसन्नता छायेगी? दुर्दिन और बेकारी आएंगी दिन दिन आ... Read more

वर्षा

घोर घनेरे घन घिर आये। अंधकार आतुर हो छाए। दिया प्रलोभन मोर नचायें। मन रंजन कर जल बरसाए। अब अंतर मन हुआ आह्लादित। ... Read more

जीवन की राह पर

जीवन की राह पर मुश्किलें हजार हों लेकर हम रामाधार कर जाए जलधि पार देखो फिर कोई नहीं टिकता है सामने निश्चित ही सफल हो इसमें न ... Read more

व्यंग्य

लिखने को जब कुछ नहीं लिखलो हास विलास कहदो इससे श्रेष्ठ कुछ नही अब और सृष्टि में खास आड़े टेढ़े मुँह बिचका कर पत्नी का परिहास उड़ाक... Read more

सच्चा इन्सान

दीनबन्धु बन कर दीनों को दान दिया है परम् प्रसन्नता ये ही गैरों को प्यार दिया। अपने को तो सब अपने अपने मिल जाते हैं गैरों को ज... Read more

शिव भक्ति गीत

बोल बम बोल बम बोल रे... नश्वर जगत है शाश्वत है ॐ भक्ति के रंग में डूबे हैं रोम। शिव की तपस्या में भभूति लगाके आया रे सावन झूमें ... Read more

दोहा

हरि दर्शन से क्षीण हो, कलुषित बुध्दि पाप। देखन को पूजा करे, मन ना हो निष्पाप।। बिन भरोस नहिं प्रेम हो, जन्म लिए बहुताय। प्रेम ... Read more

दोहे

कृपा हो करुणाकर की, सधै काम अति शीघ्र। बाकी चाहे मर मिटो, दौड़ करो अति तीव्र।। कमला कमलाकांत बिन रहती बड़ी उद्विग्न। जब तक दोऊ सं... Read more

निरन्तरता

// ताजगी नई स्फूर्ति नई उत्साह पुनः जीवन लक्ष्य पाने को कर्त्तव्य पथ पर उत्तरोत्तर आगे बढ़ने को प्रसन्नता अपार है अगला दिन त... Read more

ये तन तो बस ईंधन है

ये तन तो बस ईंधन है, स्वाहा होना निर्धारित है। सत्य सनातन शाश्वत जो उस ब्रह्म ज्ञान को पाएं जीवन को मुक्ति मार्ग में अपने सदा प... Read more

वैवाहिक वर्षगाँठ की शुभकामनाएं

"वैवाहिक-वर्षगाँठ" जीवन के हर दिन मनाते हुए त्योहार आज हमने बिताए कई वर्ष एक दूजे के साथ प्रति वर्ष एक नई ऊँचाई पर अपना रिश... Read more

अनुकरणीय

"अनुकरणीय" जीवन सौजन्य मिला जिनके, संरक्षित जीवन नित्य रहे उनकी सेवा से कष्ट कटे परम् दिव्य हरि प्रीति मिले, आकर इस संसार में... Read more

सबब पूछो यारों

हम हैं बेताब कहने को कुछ ख़ास बात, माना। मगर उनसे भी तो कोई, बात करने का सबब पूछो यारों।। हम तो ख़ैर बिगड़े हुए राही हैं, माना। मगर ... Read more

आराम/ विश्राम

आराम/ विश्राम एक दिन थक कर बैठा कुछ क्षण व्यतीत हुए साँस मद्धम होकर सन्तुलित हुई हृदय आनन्द में विहार करता रहा शांति चारों द... Read more

मेरा भारत

मेरा भारत मार्तण्ड सदृश चमको जग में ये विश्वगुरु परिपाटी है। हम दीन नहीं हम क्षीण नहीं ये पूज्य देवरज माटी है। स्वर्णिम अवसर अब... Read more

शंखनाद

# शंखनाद # अब जागो शंखनाद करो जीवन का सर्वस्व त्याग अब करने को राष्ट्र-समर्पित जागो कर्त्तव्य निर्वहन करने को आचरण शुद्ध , निश... Read more

क्या कीजियेगा?

क्या कीजियेगा? हैं दिलों में समाए तो क्या कीजियेगा? जो राहतों की गुजारिश करेगा, तबस्सुम ये तेरी दिलों को खिला दे इज्न-ए-तबस्सु... Read more

हास्य

पति बैठा कविता लिखने तो पत्नी बोली सुनो ज़नाब! काहे बैठे सोच में कुछ तो कर लो काम ऐसे बैठे खाली खाने से नहीं चलेगा काम। रोज सु... Read more

पावन कर ले अन्तर्मन

पावन करले अन्तर्मन को धारण करके धर्म। सूर्य उदय होने से जैसे रात अंधेरी दूर चली। जीवन के हर दिन की बातें, न यादों का अर्थ। रात्रि... Read more

क्या लिखें?

क्या लिखें किसको लिखें कैसे लिखें? कल्पना से पार क्या है? उसको लिखें? आसमां के उस पार क्या है? उसको लिखें? सूर्य को ये रोशनी कैसे... Read more

कितनी उल्फ़त है,

कितनी उल्फ़त है तुझसे, जताया ही नहीं जाता । रात दिन का साथ तेरा , छुपाया ही नहीं जाता। इश्क़ की इबारतें जब इमारतें होने लगीं फिर को... Read more

बीत गए दिन..

बीत गए दिन घरौंदे सजाने में जिनके वक्त की राह पर निशां नहीं हैं उनके। याद उसका मुझे करना भी लाज़मी था। कोई कब तक इंतजार करता याद आ... Read more

आशियाना

आशियाना' आज की दुनिया में एक आशियाना बनाना, समझो पत्थर पे दूब उगाना। हर जीव को चाहिए सर ढँकने के वास्ते, एक आशियाना। पेड़ पर ह... Read more

जीवन की बगिया में..

जीवन की बगिया में तुम फूल बनो महको। महको जग में तुम हर रूह तलक उतरो। उतरो दरिया में तुम कोई डूब रहा पकड़ो। पकड़ो तुम उसको दे करके ... Read more

हनुमानजी जी का लंका में जाना माता सीता से मिलना

"हनुमानजी का लंका गमन और माता जानकी से मिलना" बीच सिंधु एक निशिचरी छाया गहि खग खाय। उड़त देख हनुमन्त को गहि छाया मुसुकाय।। तुरंत... Read more

वर्ण पिरामिड रचना

वर्ण पिरामिड रचना दे ताल लंकेश हनुमान दर्प दाहक जानकी सन्देश राम उर प्रधान।। Read more

सुख की खोज

वर्ण पिरामिड: है सुख भीतर अतिरेक नहीं कंचन कस्तूरी सहज नहीं सुलभ जन। ◆ सुख को ढूंढत जग रहा कहीं न मिलता मोल। उर में जो ख... Read more

माँ

माता एहसास मेरा दिल करता है पास ही हो तुम, मां पास ही हो। प्यास नहीं तुम तृप्ति हो मझधार नहीं तुम साहिल हो तुम दर्द नहीं हो ह... Read more

समसामयिक भाव रचना

सहनशीलता की चरम है, आक्रोशित हैं लोग। जय श्रीराम भड़काऊ है, कहते राक्षस लोग।। अरबों की जनसंख्या में सिर्फ मिले उनचास।। ऐसे दुष्ट प... Read more

किसान

"किसान" सावन वर्षा देख कर, हर्षित हुआ किसान। पानी की उपलब्धता, अब बढ़िया होगा धान।। उचित मूल्य की बात है, सबकी एक हो राय। केन्द्र... Read more

चौपाइयां

चौपाइयां जय रघुवीर तुम्हारी शरणा। करउँ दण्डवत तुम्हारी चरना।। जो मन मैल बसी रघुराई। काटहुं नागपास सम आई।। हृदय मोह मद भरा विश... Read more

सौंदर्य वर्णन

अप्रतिम श्रृंगार निश्छल प्रेम समाहित जिसमें, हृदय पुष्प कमल सा। किससे समता करूँ जगत में, उपमेय नहीं तुमसा। सृष्टि की पावन कृति ... Read more

जन्मदिन की शुभकामनाएं

जन्मदिन की शुभकामनाएं --1-- बुद्धिमान गुणवान हो, सबसे प्रेम समान। चरण सफलता चूमती, जग में हो सम्मान।। जन्मदिवस की शुभकामना, सब... Read more

प्रकृति चित्रण

अरुणकाल में रक्तवर्ण रवि राजित हुए विशाल। धरा स्वर्ण सम दमक रही है मुंजित हुए रसाल।।1।। नव तारुण्य चितचोर मोहिनी तरुवर करे मिलाप... Read more

वर्षा ऋतु

वर्षा काल गौर कभी घन श्याम घटाएँ तड़पत तड़ित प्रचंड। बरसत घोर कभी बस झिमकत झूमत मारुत सङ्ग।। तृषा मिटी जलती जगती की आह्लादित करे ... Read more

दूर जाने की जिद न करो..

दूर जाने की जिद न करो हमसे ए मेरे प्यारे सनम--2 हो जाओगे हमसे दूर तो बेकस ही हो जाएंगे हम पास आइए कि हम कभी होंगे जुदा नहीं दिल क... Read more

रक्षाबंधन पर्व विशेष

रक्षाबंधन का त्यौहार बढ़ाता भाई बहन में प्यार-2 हो जाता है मन ये पावन -2 पाS केS S बहन का प्यार - 2 रक्षाबंधन का त्यौहार बढ़ाता भाई... Read more

शब्द

बाजीगरी है ये कि कैसे हो शब्दों का उपयोग अर्थ अनेकों निकलेंगे जब होगा कोई शब्द प्रयोग। शब्द शब्द के माने बदलें जब बदलें कहने वाले।... Read more

श्री राम जी को समर्पित

वन्दित पूजित राजित हृदये प्रेमाभूषण राम। रंजित अंजित सज्जित चक्षु दिव्यदृष्टि युत राम।। अर्पित वाँछित अर्चित वर्णित यथा वेद में रा... Read more

जीवन सत्य

सत्य यही है इस जीवन में, तन विशेष, न धन विशेष, इस मानव का जीवन अशेष। पावन पुण्य किये होंगे, जो मानव तन को पाया। धर्म कर्म के सा... Read more

वर्तमान स्थिति में मन के भाव

छल बल और पाखण्ड का जितना करें प्रयोग, उतना ही वो आगे बढ़े ये कैसा संयोग। तन से मन से धन से करे जितना भी दुष्टाचार दुनिया कहे महान ... Read more

चलना जरा सम्भल कर

जीवन की डगर पे साथी चलना जरा संभल के- 2 राहें बड़ी कठिन हैं काँटे बहुत पड़े हैं। बचते बचाते खुद को लाना बहुत कठिन है दुनिया की तुझप... Read more