Anoop Sonsi

Moradabad

Joined November 2019

Manager HR & Admin

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बचपन...!!

वो कागज़ की कश्ती और नदी का किनारा था! खेलने की मस्ती थी और दिल भी आवारा था! अब आ गये हैं हम सब समझदारी के ज़माने में! हमारा वो न... Read more

हौसला रखो...!!

बुरा वक़्त हैं गुज़र जायेगा ज़रा हौसला रखो! अच्छा वक़्त फ़िर आयेगा ज़रा हौसला रखो! कभी रोक न पाया अंधेरा भी सवेरा होने से! राहे ले जा... Read more

"अजनबी हमसफ़र"

"अजनबी हमसफ़र" वो ट्रेन के रिजर्वेशन के डब्बे में बाथरूम के तरफ वाली एक्स्ट्रा सीट पर बैठी थी, उसके चेहरे से पता चल रहा था कि थोड... Read more

जाता हूँ जब करीब..!!

मैं जाता हूँ जब करीब कुछ बताने के लिये! ज़िन्दगी दूर चली जाती हैं सताने के लिये! महफ़िलो की कभी शान न समझो मुझ को! हम तो अक्सर हँ... Read more

मेरा शहर..!!

हाँ बहुत ही सुनसान हैं सड़के मुरादाबाद में! हाँ बहुत ही चुपचाप हैं गलियाँ मुरादाबाद में! चहलकदमी कम हो गयी हैं अब हर चौक में! ह... Read more

चाँद..

उनकी ही जिद थी कि कोई मुझसा दूसरा लेकर आओ तो जाने! बड़ी मशक्कत से चाँद को खींचकर अपने कमरे तक लाया हूँ! Read more

ज़िद...!!

जो मिल ना सके उसे पाने की ज़िद नहीं करते! जो ना हो उसको अपनाने की ज़िद नहीं करते! जिस वक्त आया हुआ होता हैं समंदर मे तुफ़ां! तब सा... Read more

तेरी याद...!!

दुर रहकर भी तेरी याद आये तो क्या करे! अब तु हमारे दिल से न जाये तो क्या करे! सोचते हैं मिलेंगे अब ख्वाब मे हम तुम से! खुशी मे न... Read more

कवर...!!!

हमें यह नहीं पता कि क्या ढ़कना है और क्या खुला रखना है ?? हम भारत वासियों को कवर चढ़ाने का बहुत शौक है ! . बाज़ार से बहुत सुंदर सोफ... Read more

"पिता का हाथ"

"पिता का हाथ" एक पिता ने अपने बेटे की बेहतरीन परवरिश की ! बेटा एक सफल इंसान बना और एकमल्टीनेशनल कम्पनी का सी ई ओ बना ! शादी हुई औ... Read more

रात गहरी हैं

रात गहरी हैं पर सुबह होने से रोक नही पायेगी! मुश्किले बेइन्तहा हैं पर मुश्किले भी कट जायेगी! दूरियाँ भी मिट जायेंगी सूरज की रोशन... Read more

जाता हूँ जब करीब!

मैं जाता हूँ जब करीब कुछ बताने के लिये! ज़िन्दगी दूर चली जाती हैं सताने के लिये! महफ़िलो की कभी शान न समझो मुझ को! हम तो अक्सर हँ... Read more

ज़िद नहीं करते !

जो मिल ना सके उसे पाने की ज़िद नहीं करते! जो ना हो उसको अपनाने की ज़िद नहीं करते! जिस वक्त आया हुआ होता हैं समंदर मे तुफ़ां! तब सा... Read more

ख़ुदा खैर करे!

टक्कर हम ने भी ली है दुश्मनों से सौ-सौ बार! सामना जब अपनो से ही हो तो खुदा खैर करे! रूबरू हुए दुनिया से तो पता हमको भी चला! जब ... Read more

ज़ख्म

वो नाराज़ हैं हमसे कि हम कुछ लिखते नहीं! लफ्ज़ लाये कहाँ से जब हम को मिलते नहीं! दर्द की ज़ुबान होती तो बता देते हम तुमको! ज़ख्म कै... Read more

झुका हुआ शख़्स

कलम लाएंगी एक रोज़ बदलाव की सूरत! लफ़्ज़ो से खतरनाक शरारा नहीं होता हैं! तहजीब अदब और सलीका भी तो कुछ है! झुका हुआ हर शख़्स बेचारा... Read more

इश्क तो हो ही गया...

इश्क तो हो ही गया फिर छुपाना क्यूूूं है! परिंदों को हवाओं से अब बचाना क्यूूूं है! ज़िंदगी तो छोटी बहुत हैं जानते हैं सब! फ़िजूल... Read more

इश्क तो हो ही गया...

इश्क तो हो ही गया फिर छुपाना क्यूूूं है! परिंदों को हवाओं से अब बचाना क्यूूूं है! ज़िंदगी तो छोटी बहुत हैं जानते हैं सब! फ़िजूल... Read more

काली रात

गहरी काली रात अब सूरज को न रोक पायेगी! मुश्किले कैसी भी हो सब की सब कट जायेंगी! जब होगा उजाला तो सब दूरियाँ मिट जायेंगी! सवेरा ... Read more

रब बिकता हैं!

क्यूँ पुछते हो यहाँ कौन कैसे और कब बिकता है! मत पुछिये यहाँ पर तो मतलब पर रब बिकता हैं! इज्जत गैरत ईमान खुद्दारी मत पुछिये क्या ... Read more

मध्यम वर्ग का व्यक्ति

"सोचा कुछ अपने लिये भी लिखे यानि के "मध्यम वर्ग" व्यक्ति पर" मध्यम वर्ग का आदमी सहमा हुआ पड़ा है जीवन के चौराहे पर! सभी दिशाओं से... Read more

थक गया हूँ...

थोड़ा थक गया हूँ दूर निकलना छोड़ दिया है! पर ऐसा नहीं है की मैंने चलना छोड़ दिया है! ये फासले अक्सर बढ़ा देते हैं दूरीयाँ रिश्तो... Read more

खाली पेट...

*खाली पेट -* (लघुकथा) लगभग दस साल का बालक राधा का गेट बजा रहा है। राधा ने बाहर आकर पूंछा "क्या है ? " "आंटी जी क्या मैं आपका ग... Read more

Ek Kitaab

ज़िंदगी पर मैं जब एक किताब लिखूंगा! उस वक़्त में मैं सभी का हिसाब लिखूंगा! वक़्त तो फ़िसल रहा है बस हाथों से मेरे! ख़ुद की चाहतों ... Read more

गहराई इश्क की.......

तैरना हम को भी आता हैं गहराई में यारो! पर जाने कैसे डूब गये हम इश्क में उनके! 🍂अनूप एस.🍂 Read more

मेरे महबूब...

साकी ज़िक्र न कर मेरे महबूब का तु मुझसे! मैं यहाँ पर न आता गर वो पिलाते नज़रो से! 🍁-अनूप एस. Read more

दास्ताँ.....

ख़त्म होने को हैं दास्ताँ अपनी तब पैगाम आया तो क्या आया! सिलसिला ख़त्म हुआ तब पैगाम भिजवाया तो क्या भिजवाया! बरसो बरस खड़े रहे स... Read more

गिरफ़्त-ए-लम्स

कड़कड़ाती ठंड में तेरे आग़ोश का नशा चाहिए! उम्र भर तेरे गिरफ़्त-ए-लम्स की सजा चाहिए! 🍁-AnoopS© 30 Nov 2019 गिरफ़्त-ए-लम्स (gri... Read more

वक़्त

गर बदलना चाहते हैं आप वक़्त अपना! फ़िर ज़रा वक़्त को भी तो वक़्त दीजिये! 🍁-AnoopS© 03 Jan 2020 Read more

दौड़

न ही किसी दौड़ में हूँ न किसी होड़ में हूँ! जाने क्यो चन्द लोग हड़बडाये से रहते हैं! #Anoop S Read more

इश्क

इश्क काम नहीं हैं बनियो का......!! इश्क करना हैं तो ज़रा खुल के कर! 🍂-अनूप एस. Read more

बदल न जाँऊ!

जब तक पिघल न जाँऊ और तुझ में ढल न जाँऊ! समा लो मुझको खुद मे जब तक मैं बदल न जाँऊ! 🍂अनूप एस🍂 Read more

रिवाज़

हदें तोड़ दी हैं हमने भी उन से रूठ जाने की! उस ने भी खत्म कर दिया रिवाज़ मनाने का! 🍂-अनूप एस. Read more

तलाश

मेरे वजूद को तलाश न कर कभी मेरे अल्फ़ाजो में! महसूस जितना करता हूँ उतना मैं लिख नहीं पाता! 🍂अनूप एस🍂 Read more

गुनाह

हैं याद मुझ को मेरे सारे गुनाह! एक तो इश्क़ कर लिया! दूसरा आप से कर लिया! तीसरा बेपनाह कर लिया! 🍂अनूप एस🍂 Read more

बेसमझ

बेसमझ ही थे................. तो ठीक था! उलझने ज्यादा हुई तो समझदार हो गए! 🍂अनूप एस🍂 Read more

मदहोश

मैं ख्वाबो की दुनिया में बस खोता चला गया! मदहोश था नहीं पर मदहोश होता चला गया! ना जाने क्या बात थी उस दिलकश चेहरे में! ना चाहते... Read more

बदनाम 2

नाम तो बहुत हैं अपना खुद की गलियों में! बदनाम तो हम सिर्फ़ उन की गलियो में हैं! 🍁अनूप एस🍁 Read more

बदनाम

शब भी होगी ज़रा सूरज तो डूब जाने दो! लौट जाऊंगा ज़रा नाकाम तो हो जाने दो! बहाना ढूँढते हैं सब हमें बदनाम करने का! नाम भी होगा ज़रा... Read more

मेरे सारे गुनाह ...

हैं याद मुझ को मेरे सारे गुनाह! एक तो इश्क़ कर लिया! दूसरा आप से कर लिया! तीसरा बेपनाह कर लिया! 🍂अनूप एस🍂 Read more

कश्ती-ए-ज़िंदगी

गर मौज़े बेरहम हो तो कोई सहारा नहीं मिलता! कश्ती-ए-ज़िंदगी को कोई किनारा नहीं मिलता! सब ख्वाब कुछ इस तरह से ऐसे बिखर जाते हैं! फ़... Read more

चिंगारी बुझा आया हूँ!

भड़की नहीं जो अब तक वो चिंगारी बुझा आया हूँ! फ़ितरत नहीं हैं सुलगने की फ़िर भी सुलग आया हूँ! दलदल से भरी हैं ज़िंदगी मेरी ये वो नह... Read more

मेरी शायरी में तुम हो!

मेरी गज़लो में तुम हो मेरी शायरी में तुम हो! बस हिसाब कर के देखो बे-हिसाब तुम हो! ~अनूप एस. Read more

वफादारी

एक दिन करेगा जमाना हमारी भी कद्र! एक बार ये वफादारी की आदत तो छुटे! 🍁-AnoopS© 15 Dec 2019 Read more

तहज़ीब

तहज़ीब और फ़रमान एक साथ बिकता हैं! यहाँ पर तो टके टके में ही ईमान बिकता हैं! 🍁-AnoopS© 06 Jan 2020 Read more

हैसियत

आजकल वो भी हमारी हैसियत पर सवाल करते हैं! जिनकी शख्सियत भी बिक जाये हमारी हैसियत पर! 🍁-AnoopS© 06 Jan 2020 Read more

जागा हुआ हूँ

जागा हुआ हूँ रात भर का अब मैं भी चलूँ! आ गयी सहर अब अपना घर खुद सँभाले! 🍁-AnoopS© 06 JAN 2014 Read more

नकाब

नकाब का सलीका भी क्या अज़ब कर रखा हैं! खुली निगाहों ने भी तो क्या गज़ब कर रखा हैं! 🍁-AnoopS© 07 Jan 2020 Read more

भूल भुलैया

तेरी मोहब्बत भूल भुलैया का एक जाल हैं! उसमे खो चुका हूँ बस खुद से ये सवाल हैं! निकलना चाहता हूँ बस तेरे इस दिखावे से! मोहब्बत क... Read more

माहौल

मैं दर्द को बस सीने में छुपाये रखता हूँ! अपना माहौल लेकिन बनाये रखता हूँ! मौत तो आयी हैं कई बार मिलने हमसे! मगर मैं उसे बातों म... Read more