ankit verma

lakhimpur kheri

Joined February 2018

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मोहब्बत किसे कहते मालूम नही

हमने तो एक ही शख़्स पर अपनी चाहत खत्म कर दी अब मोहब्बत किसे कहते मालूम नही Read more

तन्हा

मेरा और उस चाँद का मुकद्दर एक जैसा है, वो तारों में तन्हा है और मैं हजारों में तन्हा। Read more

मुझे मशहूर कर दिया

एहसान ये रहा तोहमत लगाने वालों का मुझ पर, उठती उँगलियों ने मुझे मशहूर कर दिया। Read more

दिल ने मानी ही नही

दिल ने मानी ही नही मेरी.. वरना, हम ...तुझे भूलने के हक मे थे..!! Read more