कवयित्री हूँ या नहीं, नहीं जानती पर लिखती हूँ जो मन में आता है !!
Anjneetnijjar222@gmail.com

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याद

भूली हुई कहानी कोई, अक्सर याद आती है , जब खिलते है नए फूल पुरानी डाली पर, जब मीठी धूप छन कर आये छत पर, जब तितलियाँ अठखेलियाँ करे... Read more

सकारात्मक सोच

किसी गाँव में दो साधू रहते थे. वे दिन भर भीख मांगते और मंदिर में पूजा करते थे। एक दिन गाँव में आंधी आ गयी और बहुत जोरों की बारिश होन... Read more

दिल डरता है..

तुम करीब हो फिर भी, अनजाना सा इक डर साथ चलता है, जहन में तुझ से अचानक, बिछड़ जाने का ख्याल पलता है, कहीं ऐसा न हो वक़्त, ले हमा... Read more

मिला नहीं

मिला नहीं, और इस बात का कोई गिला नहीं, मिल भी जाता जो इस तरह, तो मिल कर भी तू मिलता नहीं, तेरा मिलना, इक यही तो किस्सा नहीं, ... Read more

कल एक छलावा है

कल एक छलावा है, अपना आज जिसने वारा कल पर, वो सदा ही हारा है, कल क्या होगा,कौन जानता है, कल का चिंतन, व्यर्थ का दिखावा है, वर्त... Read more

कसूर किसका था

कसूर किसका था, घटनाक्रम के बाद, इस प्रश्न का औचित्य क्या? सोचना था घृणित कार्य होने से पहले, क्यों परिस्थितियाँ यूँ बनी, क्या... Read more

ज़िंदगी है एक रंगमंच

ज़िंदगी है एक रंगमंच, यहॉं हर किसी को अपना किरदार निभाना है, और लौट जाना है, सोच ना तू कि स्थाई तेरा ठिकाना है, बड़े बड़े अभिनेत... Read more

भ्र्म

आँखों का भ्र्म था, तू मुझमें बहुत कम था, मैं,मैं ना थी, मैं तो तू ही थी, पर तू, तू ही था, मैं ना थी, भ्र्म का मायाजाल था फैला,... Read more

देखते रहे

देखते रहे, एकटक उस मासूम से बच्चे को हम, जो जल्दबाजी में ढूंढ रहा था कचरे में, कुछ पूरा सा, जो शांत कर सके उसकी, भूख और गरीबी को... Read more

मजबूर नहीं तुम

इतने तो मजबूर नहीं तुम, जो देख कर भी ऑंखें बंद कर लो तुम, हालात अभी इतने भी नहीं बिगड़े, कि संभाल ना पाओ तुम, अभी भी है आशा की ... Read more

जाने कहाँ

वो लम्हा, जब बेफिक्री थी, मदमस्त ज़िंदगी थी अल्हड़ शरारतें थी, हसीं के बवंडर थे जोशीली जवानी थी, जब काम कम और बहाने ज्या... Read more

आदर्श बहू

बहू कल निम्मी को लेने आने वाले है, मैंने शाम को सबका खाना रखा है, कुल 8 - 9 लोग है तुम सम्भाल लोगी ना। सासुजी ने कहा । वंदना - जी ... Read more

समझौता कर लेते हैं

समझौता कर लेते हैं, चलो फिर से एक बार, जी लेते हैं मर लेते हैं, समझौता कर लेते हैं, भूल जाते हैं सब गिले-शिकवे, दिलों को अपने, ... Read more

स्वाभिमान

प्रिये रहा हमेशा, मेरा स्वाभिमान, मेरा अभिमान जिसके लिए ना झुकी, ना डरी कभी, अदम्य, अविचलित,अडिग,अडोल रही सदा, प्रिये रहा हमे... Read more

जीवन

पल पल निकलता जीवन हर पल पल को तू जी ले कभी धूप कभी छांव जीवन रंगों की छाया कभी सूर्य चमकता जीवन कभी काले बादल की छाया जोरो... Read more

बुरा लगा

बुरा लगा, जब कहना चाहिए था बहुत कुछ, उन तानों के बदले में, जो स्त्री होने के लिए मिले, पर कह ना पाए, बुरा लगा, जब करना चाहिए था... Read more

कसक

तुम बिन अब खुश रहते है, दिल को अक्सर हम यह कहते है जानते हो सच तुम भी और मैं भी की इक दूजे से दूर कहां हम रहते है ! हाथ छूटे ... Read more

मैं कुशल गृहणी नहीं हूँ

आज सुबह से ही पता नहीं क्यों अजीब सा आलस आ रहा है।सुबह 6:30 का अलार्म बजा पर आज तो बेटे की छुट्टी है, पति की भी छुट्टी है ,तो अलार्म... Read more

रोशनी

जब अँधेरा गहरा गया तो सोचना पड़ा रोशनी को, अब भी न निकली तो कहीं बहुत देर न हो जाये, यह अँधेरा छा जाये, सब जगह, केवल जगह ही नहीं ... Read more

बदलाव

एक बार एक बुजुर्ग की तबियत खराब हो गई और उन्हें अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा।पता लगा कि उन्हें कोई गम्भीर बीमारी है हालांकि ये छूत क... Read more

ठोकर लग जाती है

ठोकर लग जाती है जब विश्वासी बन कर अपना कोई छलता है , अंतहीन विश्वास पर विश्वासघात का परचम फहराता है , ठोकर लग जाती है जब अपना क... Read more

अजनबी

कहीं किसी दिन हम अचानक मिले, बरसों पहले बिछड़े अजनबियों की तरह, हाँ ! अजनबी ही तो थे हम, कहाँ जानते थे,एक दूसरे के अनकहे जज्बात,... Read more

अवकाश

मन की थकन जो उतार दे वो 'अवकाश' चाहिए। इस भागती-सी जिंदगी में 'फुरसत' की सांस चाहिए। चेहरों को नहीं दिल को भी पढ़ने का वक्त हो ... Read more

पूर्णांगिनी

जया को रात में बुखार चढ़ गया था। दो बार उल्टी भी हुई थी। पास सोए रवि को उसने इस बात की भनक भी नहीं पड़ने दी, लेकिन सवेरे वह लाचार थी... Read more

लिख ना पाई

बस वो बात नहीं लिखी, जो लिखी जा सकती थी एक वृतांत की तरह, पर ना जाने क्यों, वह लिख ना पाई, लिख ना पाई वो अनकही शिकायतें, जो हर ब... Read more

जैसे कुछ हुआ ही नहीं

लम्हा लम्हा बदलती ज़िंदगी में कितने बदल गए हम, पर महसूस यूँ है होता, जैसे कुछ हुआ ही नहीं, बचपन की ज़िद्द समझौते में बदली, समझ ... Read more

फ़िक्र

ससुर जी के अचानक आ धमकने से बहु रमा तमतमा उठी-लगता है, बूढ़े को पैसों की ज़रूरत आ पड़ी है, वरना यहाँ कौन आने वाला था... अपने पेट का ... Read more

कौन हो तुम?

कौन हो तुम? जो अपने होकर भी अजनबी हो कौन हो तुम? जो साथ होकर भी साथ नहीं हो ... Read more

नई दुनिया बनानी है

जहां वक्त हो सबके पास अपनों के साथ बिताने के लिए जहां मोबाइल नहीं किताबें हो कहानियाँ सुनाने के लिए जहां दादा दादी हों बच्चों को... Read more

कैसी उधेड़बुन है ?

कैसी उधेड़बुन है ? सोचूँ क्या होता है , क्यों होता है? क्यों अक्सर मुझ संग होता है? क्या नाराज़ किया किसी देवता को मैंने?या फ... Read more

हो अंधेरा कितना भी घना

हो अंधेरा कितना भी घना, हमें रोक सकता नहीं, चल पड़े जो कर्मठ, तो राह उजला हो न हो कोई फरक पड़ता नहीं है, है रास्ता वीरान, उब... Read more

दिल बेदाग रखो

दिल बेदाग रखो, चेहरा तो हर कोई बेदाग है चाहता, पर दिल का ख्याल किसको है आता, हर छोटी छोटी बात पे दिल को, फरेब है भाता, कितना म... Read more

आवारा

आवारा हूँ, मनमर्जीओं का मारा हूँ, शायद इसीलिए आवारा हूँ, फितरत में नहीं झुकना झुकाना, सीखा ही नहीं दिल लगाना, दिल दुखाना, दुनि... Read more

जो होगा देखा जाएगा

जो होगा देखा जाएगा बढ़ा लिया जो आगे कदम, तो यह मत सोच कि पछताएगा, अपना भाग्य तू खुद ही बनाएगा, एक छोटा सा बीज भी कँहा जानता है, ... Read more

संबंध

"ओह छ:बज गए और माँ ने भी नहीं उठाया।" "इतनी देर तक कैसे सोती रह गई मैं?माँ कहाँ है।"बड़बड़ाती हुई श्रद्धा कमरें से बाहर भागी।रोज की... Read more

शांत मन

शांत मन प्रबुद्ध मन, अविचल अविरल मन, अपनी ही कुंठाओं का निवारण करता मन, जब कहीं होता यह शांत मन, यूँ तो निकलता नहीं जल्दी, समस... Read more

नाम एक है

अल्लाह कहो या राम कहो नाम एक है, प्याले जुदा जुदा है मगर जाम एक है, अल्लाह कहो या राम कहो, नाम एक है, हिन्दू ने तेरे वास्ते मं... Read more

जीत

पुरानी साड़ियों के बदले बर्तनों के लिए मोल भाव करती शारदा ने अंततः दो साड़ियों के बदले एक टब पसंद किया। "नही दीदी, बदले में तीन साड... Read more

देखो खो ना जाना

ख्वाबों के शहर में देखो खो ना जाना, गांव में है इक बूढ़ी माँ उसको भूल मत जाना, सपनों की इस दुनिया में, तुम भी हो किसी का सपना, ... Read more

औरत की जाति

एक आदमी ने महिला से पूछा- तेरी जाति क्या है? महिला ने पूछा : एक मां की या एक महिला की ..? उसने कहा - चल दोनों की बता और मुस्कान ब... Read more

तुम्हारी बाँहों में

तुम्हारी बाँहों में, भूल जाती हूँ दुनिया सारी, दिन भर की थकान, दूर कर देती है तुम्हारी मुस्कान, तुम्हारा आलिंगन भरता है शरीर मे... Read more

फलसफा ज़िंदगी का

फलसफा ज़िंदगी का, बड़ा सीधा सा है, ज़िंदगी मिलेगी सिर्फ एक ही बार, तो खुल कर इसे जी ले मेरे यार, छोड़ो हर वक़्त जीत के लिए दौड़न... Read more

मैं आज़ाद कहलाउंगी

दुनिया दिल पर हावी है, क्या सोचेंगे सब, क्या कहेंगे सब, जब-तब बस यही सिलसिला जारी है दुनिया जैसे चलाये चले जाएँ, क्या इसी में छ... Read more

पालतू

बात तो करो मुझसे, कुछ तो कहो मुझसे, क्यों बैठे हो उदास, लगा रखी थी क्या तुमने कोई आस? जो हुई ना पूरी, जो तुम हुए निराश, टुकुर टु... Read more

तलाक

पति ने पत्नी को किसी बात पर तीन थप्पड़ जड़ दिए, पत्नी ने इसके जवाब में अपना सैंडिल पति की तरफ़ फेंका, सैंडिल का एक सिरा पति के सिर क... Read more

पुस्तक

बन गई पुस्तक जिंदगी मेरी, प्यार इनसे करती हूँ, कभी आकाश में उड़ती, कभी पंख जमी पे पसारे हूँ, जाने कितनी ज्ञान बातें, पुस्तको से... Read more

सच्चा प्यार

अरे यार... ये बुढऊ भी 65 साल में सठिया गया है ये देख पेन ड्राइव के जमाने मे VCR मांग रहा है.... अब कहां से लाऊं अभी के अभी... कहता ... Read more

आहट भी ना हुई

आहट भी ना हुई कब वक़्त गुजर गया,हाथ से फिसलती हुई रेत की तरह, कल की ही तो बात थी, जब समझ आयी ज़िंदगी थोड़ा थोड़ा, रिश्तों की जट... Read more

मैं गिर जाती हूँ

बार बार मैं गिर जाती हूँ फिर उठ कर मैं चल देती हूँ कर्मशील है मेरा जीवन कर्तव्यनिष्ठ मैं बन जाती हूँ अन्तहीन राहों पर चलना ... Read more

परकटी

वो विधवा थी पर श्रृंगार ऐसा कर के रखती थी कि पूछो मत। बिंदी के सिवाय सब कुछ लगाती थी। पूरी कॉलोनी में उनके चर्चे थे। उनका एक बेटा भी... Read more