Anil singh

NARAINI

Joined July 2020

नाम – अनिल सिंह
पता – नरैनी जनपद बांदा उत्तर प्रदेश
शिक्षा – बीटेक फूड टेकनोलॉजी

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स्त्री

रो नहीं सकती मै,अश्कों को पीती हूं। मै स्त्री हूं,सब कुछ ,आसानी से सहता हूं। कभी बेटी, बहन , तो कभी, माँ बनती हूं । मै सभी के जज्... Read more

हकीकत

जी रहा था ख्यावों में हकीकत से सामना न था दुनिया की इस भीड़ में अपनों का पता ना था लोगो की इस भीड़ में कोई भी पराया ना था टूटा... Read more

इंसान कितना मजबूर है

इंसान कितना मजबूर है जिन्दगी तुझे जीने के लिए सब कुछ सहता है आसानी से खुलकर तुझसे मिलने के लिए अपने जज्बातों को सहता है कुछ रि... Read more

हम महान है

हम महान है ये मै भी जानता हूं कुछ सवाल है मेरे जानना चाहता हूं इंसान हम सब है तो भेद भाव क्यों खून सबका एक है तो जाति धर्म क्यों... Read more

छोड़ रहा हूं मै

Anil singh शेर Aug 10, 2020
आज सारे वादे तोड़ रहा हूं मै हा अब तुझसे मुह मोड़ रहा हूं मै कुछ दिनों से चाहती थी न दूर जाना जा आज तुझे छोड़ रहा हूं मै Read more

देश

चाहता हूं तुझे सबसे ऊपर लिख दूं जाति धर्म ,भेद भाव से ऊपर लिख दूं अपने मन की व्यथा को बाहर कर दूं तेरी शान में अपना आत्मसम्मान लि... Read more

आरजू

Anil singh शेर Aug 10, 2020
मेरी आरजू है तेरी रूह में सिमट जाने की कई अरसे हो चुके है तेरे लावो की छुए हुऐ Read more

बेटी

मै भी उड़ना चाहती हूं पंख कहा से लाऊं मै मै बेटी हू इस धरती पर जी कहा से पाऊ मै लड़ना था मुझे भी दुनिया ... Read more

शेर

मोहब्बत, हम भी अच्छे थे तेरी गलियों में आने से पहले दो चार शब्द क्या लिखे बदनाम हो गए मिलने से पहले Read more

शेर

ख़ुद-खुशी का इरादा भी रखते हो ,और मौत से भी डरते हो। फिर क्यों न तुम इश्क़ कर लो। Read more

शेर

आखे नम हैं मेरी किसी की दुनिया देखकर खुश है वो दुनिया में अपनी ही हस्ती देखकर Read more

नारी का सम्मान

चुप है क्योंकि वो अपने सम्मान पे मरती है सपने है उसके लेकिन समाज से डरती है सब कुछ करना चाहती है सोच से डरती है कुछ भी करके अपने ... Read more

माँ

जब मैं चलता हूं हर बद्दुआ बेअसर होती है मां तो नहीं होती लेकिन दुआ साथ होती है मेरे साथ , मेरे साये की तरह चलती है माँ की दुआ हर... Read more

ज़िन्दगी

जिन्दगी तू ही बता क्या लिखूं तुझे खुशहाल लिखूं या लिखूं परेशान आजाद परिंदा लिखूं या लिखूं तेरा गुलाम हस्ते हुए इंसा लिखूं या लिखू... Read more

ज़िन्दगी

सड़कों पर चलती भीड़ का हिस्सा हूं मै संघर्ष कि इस दुनिया का किस्सा हूं मै पीछे छूटती दुनिया में आगे बढ़ना चाहता हूं सफलता की गल... Read more