‘ऐ ज़िन्दगी कुछ ख़ास नहीं हैं चाहतें मेरी,
थोड़ी सी मुस्कान लबों पर और थोड़ी सी पहचान दिलों में..’
पंजाब के शिक्षा विभाग में सीनीयर सैकेंडरी स्कूल में हिन्दी विषय की अध्यापिका हूँ।पंजाब विश्वविद्यालय से भूगोल विषय में आॅनर्स और एम.ए.(हिन्दी) किया है। भाषा मुझे अत्यन्त प्रिय है और हिन्दी साहित्य में रुचि है।प्रयास करती हूँ कि मेरे कारण किसी के हृदय को ठेस न पहुंचे।

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ख्वाहिशें

समेट लूं कुछ पल, जी लूं कुछ लम्हे कि जिंदगी तुझसे मोहब्बत हो गई है।अल्फाजों में बयां कैसे करूं,क्या चाहता है मन कि बेवजह मुस्कुराने... Read more

मन

कभी कभी तन्हाई भी खूबसूरत लगती है और कभी किसी के साथ को मन बेकरार होता है,कभी कभी मन ओढ़ लेता है नक़ाब बेसाख्ता और कभी किसी पर खुद क... Read more

हसरतें

कुछ हसरतें जिंदगी की राह में यूं शामिल हो गई, उन की ताबीर मेरे इरादों की हकीकत हो गई, क्या हुआ ग़र ख्वाहिशों को पंख लग गए, मेरी जिंद... Read more

ज़िन्दगी की उलझनें

ज़िन्दगी की उलझने कभी कभी इतना सताती हैं मुझे अपने बचपन के हसीन लम्हें याद दिलाती हैं। माँ का आँचल ,पिता का वो प्यार भरा स्पर्श ... Read more

एक प्रश्न

आज बस में बैठे-बैठे बाहर बस स्टैंड पर खड़े उसे देखा क्षीण काया, चांदी से बाल एक छोटा बैग हाथ में लिए पैरों के बाहर खड़े होने म... Read more

फ़ासले

लहरों की तरह आगे हम बढ़ते रहे, दायरे हमारे और भी सिमटते रहे, कभी तुम आगे निकल गए कभी हम, फासले यूं ही हमारे बढ़ते रहे आज जब शिद्द... Read more

हिन्दी

मंदिर की घंटियों सी मीठी ध्वनि है हर इंसान के ह्रदय में धीरे से उतरी है । ईश्वर से मिलने की सीढ़ी है यह प्रेम व विश्वास की धारा... Read more

दूसरी बिटिया

पलकें जब अपनी खोली थी मैंने, एक नया संसार सामने था। एक नया एहसास था रोशनी का, ईश्वर की अनुपम सृष्टि का। मैंने यहां देखा,कभी वहां... Read more