गीत-ग़ज़लकार by Passion
नाम: आनंद कुमार तिवारी
सम्मान: विश्व हिंदी रचनाकार मंच से “काव्यश्री” सम्मान
जन्म: 10 जुलाई 1976 को सारण (अब सिवान), बिहार में
शिक्षा: B A (Hons), CAIIB (Financial Advising)
लेखन विधा: गीत-गज़लें, Creative Writing etc
प्रकाशन: रचनाएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित
FB/Tweeter Page: @anandbiharilive
Whatsapp: 9878115857

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बेटियां हैं तो आँगन है...

बेटियां हैं तो ये आँगन है, बेटियां हैं तो घर है बेटियां जग में ना हों, तो कौन नहीं बेघर है।1। मेरी बेटी, तेरी बेटी, सबकी बेटियां... Read more

मुझे तुमसे ही उल्फ़त हो गई है

मुझे तेरी अब आदत हो गई है। मुझे तुमसे ही उल्फ़त हो गई है।1। तेरे सिमरन बिना सांसें नहीं अब मेरी जां,जां पे आफ़त हो गई है।2। रह... Read more

साकार हो स्वप्न अच्छे दिन के नए साल में

मन मस्त हो, तन स्वस्थ हो, बुद्धि सकुशल नए साल में आएं ना किसी भी प्रकार, किसी वायरस के जाल में.... व्यक्तिगत उन्नति पर्वत सदृश, ... Read more

आपने देखा मुझे और दिल दीवाना हो गया

आपने देखा मुझे और दिल दीवाना हो गया हर गली तेरा औ मेरा आम चर्चा हो गया।1। दिल तेरे यादों में डूबा, आँखें तेरे सपनों में दिल दीव... Read more

तू ले ले बाँहों में अपने तो मैं जल जाऊंगा

तू ले ले बाँहों में अपने, तो मैं जल जाऊंगा बना हूँ मोम से मैं, फिर तो पिघल जाऊंगा।1। तुम मेरे जागी आँखों के सपन में आते हो तुम्... Read more

पहाड़ों के दरमियाँ एक नदी बहती हुई

?हिमाचल की यादें ताज़ा करती रचना? पहाड़ों के दरमियाँ, एक नदी बहती हुई हिरणी-सी चलती गई सर्दियां सहती हुई-1 पानी की लहरें हो, या... Read more

काले नोटों का कारोबार बंद हुआ

काले नोटों का कारोबार बंद हुआ.... नकली नोटों का भी बाजार बंद हुआ। सोना,मकां चुटकी में खरीद लेते थे कालेधन का काला व्यापार बंद ह... Read more

अब मुझे ज़िन्दगी भी दे साहिब

अब मुझे जिंदगी भी दे साहिब इक हसीं आशिक़ी भी दे साहिब। कोई सितमगर भी मुझसे प्यार करे कोई ज़ालिम हसीं भी दे साहिब। मैं भी, बंदन... Read more

वो आगे और जाना चाहता है

वो आगे और, जाना चाहता है मुकाम ऊँचा, बनाना चाहता है।1। लोगों के काम आए, ताज़िन्दगी किरदार, यूँ निभाना चाहता है।2। प्रेम बढे,... Read more

छवि सांवली सलोनी लगते हो सबसे प्यारे

छवि सांवली सलोनी, लगते हो सबसे प्यारे जीवन में रंग भर दो, अब तक हैं हम बेचारे।1। बेताब दिल की धड़कन, अब ढूंढती सहारे भवरों में घ... Read more

माँ दुर्गा-वंदना

माँ दुर्गा-वंदना तेरी चरणों में दुर्गेश्वरी हम आ गए तेरी शरण में परमेश्वरी हम आ गए... हमें ज्ञान दो, स्वाभिमान दो, वरदान दो ... Read more

बलिदान शहीदों का बेकार नहीं होगा

हर बार हुआ जो भी इस बार नहीं होगा बलिदान शहीदों का बेकार नहीं होगा।1। जब तक बाहुबल का व्यवहार नहीं होगा हो चीज भले अपनी,अधि... Read more

क्यूँ हम वीरों की शहादत भूल जाते हैं?

ग़ज़ल (23.09.2016) हर बार उसकी नापाक, आदत भूल जाते है क्यूँ हम अपने वीरों की,शहादत भूल जाते हैं? घड़ी बस दो घड़ी कुर्बानियों को य... Read more

शर्म आती क्या राजधानी को???

#उरी के शहीदों को समर्पित... कौन भूलेगा इस कहानी को शहीदों को, उनकी क़ुर्बानी को।1। सुर्ख़ केशर है शहीदों के खूं से ना भुल... Read more

मेरी बिगड़ी भी तू ही बना श्यामलं

अच्युतं केशवं कृष्णं वल्लभं स्वागतं स्वागतं स्वागतं स्वागतं.... मथुरा और वृन्दावन में करिश्मा किया होनी अनहोनी अनहोनी होनी ... Read more

जगह दिल में बनाना जानते है

जगह दिल में बनाना जानते है याराना भी निभाना जानते हैं।1। पूछो कुछ; बताते कुछ हैं यारों फ़कत बातें बनाना जानते हैं।2। को... Read more

दिल में यारों रब की इबादत रहे

ताज़ी ग़ज़ल (31.08.2016) दिल में यारों रब की इबादत रहे मुझसे तुझसे बहुत दूर आफ़त रहे।1। सुबह शाम सुमिरन भी होता रहे ये अच्छी भली... Read more

जब वो मुझसे जुदा हो जाएगा

जब वो मुझसे जुदा हो जाएगा फिर तो बड़ा फ़ासला हो जाएगा।1। ख़ुशी भी जाएगी उसी के साथ कि ग़म मुझपे फ़िदा हो जाएगा।2। दीद की सोंच... Read more

दुआ उसकी क़ुबूल करता है

दुआ उसकी क़ुबूल करता है कांटे-कांटे को फूल करता है।1। सालों बहन दुआएं करती है भाई राखी से वसूल करता है।2। वो बहन है या अप्स... Read more

दिल उसपे आया सवेरे-सवेरे

मैं सो कर उठा था, सवेरे-सवेरे कि दिल उसपे आया सवेरे-सवेरे रज़ के नहाये वो सजधजके आये और मैं भी नहाया ..सवेरे-सवेरे बड़ी लज्जते... Read more

हम इतने दीवाने निकले

लोग हमें समझाने निकले हम इतने दीवाने निकले नज़रें मिली,बात इतनी थी किस्से कई अफ़साने निकले जब भी मिले यारों से अपने दिल का हा... Read more

जो कहोगे-जो करोगे वापिस मिलेगा सौ-गुना

खुद के बनाए ज़ाल में यूँ उलझकर रह गए दर्द सारे दिल के मेरे अश्क बनकर बह गए हम खड़े रह भी गए घाट पर तो क्या हुआ वक्त की रफ़्तार में... Read more

कुछ मुक्तक आनंद बिहारी के-1

?कुछ मुक्तक आनंद बिहारी के? ★1★ तुझे आँखों की पुतलियों में छुपा रखा है ऊपर से पलकों का भी पहरा लगा रखा है। तुझे सोती नहीं...जागी... Read more

तन्हाई अब कातिल हो गई है

ये तन्हाई अब कातिल हो गई कि अब मेरे लिए मुश्किल हो गई है तुम ख्वाबों में अब आते हो इतने कि गमगीं दिल की महफ़िल हो गई है तेरी ... Read more

कैसे कहूँ कि तेरे बिना ग़म नहीं हुआ

कैसे कहूँ कि तेरे बिना, ग़म नहीं हुआ जो भी हुआ, जितना हुआ कम नहीं हुआ। औरों की तरह मैं भी तन्हा जी गया तो क्या सच कहूँ जीने का क... Read more