स्वतंत्र लेखन

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सहारा

बेबस को सहारा देके ,तुम लौटे हो कल खुद की नज़रों में ,उठा लो खुद को इश्क़ की सौगात ला रहा कोई गुरूरो सुनो अब बिछा लो खुद को ... Read more