मन मे जो भी विचार और भावनाएं आती है और जो भी आसपास देखता हूँ उसे लिख देता हूँ।

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मौत के परवाने

दुनियाँ में उसूलों वाले बड़े किरदार दिखते है, वफ़ा जो कर नही सकते वैसे बीमार दिखते हैं। हसरतें उनकी ऐसी है कि जैसे आसमा छू लेंगे, म... Read more

नफरत के बीज

कंचन सी मन को कभी धोया नही करते, मुश्किलें लाख आयें हौसला खोया नही करते। जब चाहते हो के हर कोई इंसान हो जाये, नफरत के बीज दिल में... Read more

अमर रहेगा रावण

जल गया रावण फिर से हर साल की तरह, पर इंसा में अभी तक जिन्दा एक काल की तरह I मन के भीतर बैठा है एक ख्याल की तरह, लिपटा हुआ है तन... Read more

धर्म की सीख

अपनी मर्जी किस पर थोपु धर्म की यही दुहाई है। राह राह पर राख पड़े हैं किसने आग लगाई है? मन के भीतर झांक जरा तू इनमें भी परछाई है। ल... Read more