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अमर रहेगा रावण

जल गया रावण फिर से हर साल की तरह, पर इंसा में अभी तक जिन्दा एक काल की तरह I मन के भीतर बैठा है एक ख्याल की तरह, लिपटा हुआ है तन... Read more

धर्म की सीख

अपनी मर्जी किस पर थोपु धर्म की यही दुहाई है। राह राह पर राख पड़े हैं किसने आग लगाई है? मन के भीतर झांक जरा तू इनमें भी परछाई है। ल... Read more