30 जून 1965 में उत्तर प्रदेश के जिला सीतापुर के “सरैया-कायस्थान” गाँव में जन्मे कवि अम्बरीष श्रीवास्तव एक प्रख्यात वास्तुशिल्प अभियंता एवं मूल्यांकक होने के साथ राष्ट्रवादी विचारधारा के कवि हैं। प्राप्त सम्मान व अवार्ड:- राष्ट्रीय अवार्ड “इंदिरा गांधी प्रियदर्शिनी अवार्ड 2007”, “अभियंत्रणश्री” सम्मान 2007 तथा “सरस्वती रत्न” सम्मान 2009 आदि | email:ambarishji@gmail.com

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मगर मेरे भाई न शादी रचाना.....

(समसामयिक हास्य-व्यंग्य रचना) अगर तुमको आये न खाना पकाना पड़े भूख से आये दिन बिलबिलाना बटन चेन गायब कभी मत लजाना सो बेचारगी में... Read more

तुम्हें मैं बुलाऊँ मुझे तुम बुलाना.....

अजी चाहे जब गीत औरों के गाना चहकना बहकना व सीटी बजाना गुसलखाने में मस्त हो गुनगुनाना मगर मेरे भाई तू कवि बन न जाना ये कविता बह... Read more

याद बहुत आते है गुल्ली-डण्डों वाले दिन....

कवि प्रमोद तिवारी व कवि के० डी० शर्मा ‘हाहाकारी’ की पावन स्मृति में ..... ____________________________________ याद बहुत आते है गु... Read more

सरस्वती वंदना...

शुचि शुभ्रवसना शारदा वीणाकरे वागीश्वरी, कमलासनी हंसाधिरुढ़ा बुद्धिदा ज्ञानेश्वरी, अमृतकलश कर अक्षसूत्रं पुस्तकं प्रतिशोभितं, शरणाग... Read more

इन्तजार करिए बस साहब...

इन्तजार करिए बस साहब... इन्तजार करिए बस साहब अपनी अपनी बारी का. काश्मीर में मौत बँट रही हाल देख गद्दारी का.. आतंकी को करें स... Read more

प्यार करना न इनसे सिखाओ सुकवि

प्यार के गीत रच-रच के गाओ सुकवि किंतु आतंक मत भूल जाओ सुकवि! मित्र सतनाम हैं यार रेहान हैं दोस्त लैम्बर्ट है शत्रु बुरहान हैं ... Read more

कसम तुम्हें नेता सुभाष की....गीत.

आओ बच्चों सुनो कहानी, अपने हिन्दुस्तान की. नित प्रति होती यहाँ आरती आरक्षण भगवान की. एससी०, एसटी०, ओबीसी० सब, सरकारी दामाद यहाँ ... Read more

चौराहों पर दण्ड उन्हें दें.....गीत

आओ साथी सुनो कहानी, अपने हिन्दुस्तान की. व्यर्थ यहाँ होती है पूजा आरक्षण भगवान की. मजहब से जब बांटा भारत तब यह हिन्दू देश हुआ श... Read more

'मेघ बरसें बने तन ये चन्दन' : नवगीत

राह तकती धरा आस में मन मेघ बरसें बने तन ये चन्दन आ चुका है असाढ़ी महीना चिपचिपी देह बहता पसीना हर कोई है उमस में ही व्याकुल चै... Read more

शहीदों के लहू का वो ...: गीत

कारगिल के शहीद कैप्टेन मनोज कुमार पाण्डेय को समर्पित... (जन्म : 25 जून 1975, सीतापुर, उत्तर प्रदेश -- वीरगति: 3 जुलाई 1999, कश्मीर)... Read more

"मानव बन कर जियो जिन्दगी"

हमारे पुत्रों नील श्रीवास्तव व भूषण श्रीवास्तव के प्रति उनके जन्म दिवस के शुभ अवसर पर स्नेहाशीष.... जन्म दिवस की कोटि बधाई, जीना ... Read more

आतंकी है चोला उसका...

कश्मीरी मानव था पहले दानव अब शैतानी है. आतंकी है चोला उसका, जालिम हुई जवानी है. मज़हब से जो पक्का नाता, पाकिस्तानपरस्त हुआ. फिर ... Read more

जो सरहद पे जाए ...

हवाओं में महके कहानी उसी की | जो सरहद पे जाए जवानी उसी की | सभी से जो बिछड़े सो घर बार छोड़ा, वतन की जरुरत पे संसार छोड़ा, थी स... Read more

मगर मेरे भाई तू कवि बन न जाना.

अजी चाहे जब गीत औरों के गाना चहकना बहकना व सीटी बजाना गुसलखाने में मस्त हो गुनगुनाना मगर मेरे भाई तू कवि बन न जाना कविता बहुत ... Read more