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ख़ामोशी

खामोशी जब- जुबां से उतर कर, निगाहों में आ जाती है, तो मुस्कराहट होठों होती, लेकिन निगाहें तो, अंदर की बात- बोलती-सी होती , आज ... Read more

तू नहीं हमटूटेंगे

काश ! हम भी चुन सकते, बना सकते जीवन साथी, अपनी निजता के साथ, जब हम बहुत छोटे थे, तब हमने दुनियादारी जानी- ना-थी, फिर भी ,मेरे... Read more

तू बदल जा मौसम की तरह

कल सुबह का आसमान - साफ और बहुत साफ था, ना जाने क्यूँ - आज उसका मिजाज़ बहुत नासाज़ है, ए-मौसम तेरी गुफ़्तगू , मैं आज़ भी जान नहीं प... Read more

हाट का ठाठ

ज्ञान ध्यान की बात ना कर, हाट की बात सोच, कितना ठाठ है बाजार का- स्कूल भी दुकान बिकने लगा है- यहाँ ज्ञान, अब ज्ञान भी ज्ञान ... Read more

मार डाला मासूम ने

कितनी मासूम थी वह, जिसमें ताकत थी, मुझे जीते जी- मार डालने की, खता किसकी थी? हमने जाना नहीं, लेकिन इतना जान पाया, मेरी ख्वा... Read more

कुछ तो है ?

हमने बहुत बार ये सोचा, बहुत खोजा, कि-मिल जाये, फिर भी -तुझे पा ना सका, ना ही देख पाया, लेकिन जब भी मेरी परेशानियाँ- मुझे सोने न... Read more