Aman 6.1

Punjab

Joined April 2020

नसीब की क्या बात हौंसले बुलंद रखिये,
दिल तो क्या है बहक जाता है,इरादे
अक्लमंद रखिये.

गैरों की बस्ती मैं भी मिलती है इज्जत,
खुद के नाम को इतना हुनरमंद रखिये।

aman6.1sunam@gmail. com

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*~~【【◆तितर-बितर◆】】~~*

*~~【【◆तितर-बितर◆】】~~* *तितर-बितर हुए पड़े हैं अल्फ़ाज़ लोगों के, ईष्या क्रोध में जल रहे एहसास लोगों के.* *कौन सुने किसी की त... Read more

~~【【◆◆लम्हें प्यार के◆◆】】~~

लम्हें प्यार के पास आने दो,आज महबूब साथ है ज़रा मोहब्बत जगाने दो. दो दिल एक चाँद बन रहे,ये आसमान का शोर भी थम जाने दो। महक प्या... Read more

~~【【{{◆◆दम दिलासा◆◆}}】】~~

दिल में उतार कितने ही अरमान रखे हैं, ख्वाबों में उठा उतने ही आसमान रखे हैं. ये सोच बहुत गहरी हो चुकी अब फकीरी में, इश्क़ की जुबा... Read more

~~◆◆{{🇮🇳🇮🇳ताज आज़ादी🇮🇳🇮🇳}◆◆}~~

कच्चे कदमों से नही मिलती आज़ादी,खून देकर आज़ादी का ख्वाब हक़ीक़त बनाया है हमने. हमने नही लहराया किसी खास दिन तिरंगा खेल मैदानों में,र... Read more

~~◆◆{{🇮🇳हिंदुस्तान लिखें🇮🇳}}◆◆~~

आओ आज खुद को इंसान लिखें,भेदभाव दूर कर अपने दिल पर सभी हिंदुस्तान लिखें. नही लिखनी नफरत कोई मज़हब की आड़ में,मिलजुलकर सब तिरंगे को ... Read more

~~◆◆{{◆◆कलम यार◆◆}}◆◆~~

आसमां की कोई जमीं ना,कमीने यारों में कोई कमी ना. कदमों की धूल से खेलते हैं यारियां,कोई नफरत की धूल दिल पे जमी ना। टकराते रहे ह... Read more

~~◆◆{{◆◆कौन जाने◆◆}}◆◆~~

ज़िन्दगी के जख्म मासूम नही होते,बार बार तड़पना पड़ता है आने वाले वक्त में. हर इंसान की अपनी दर्द-ए-कहानी है,नाजाने क्या क्या सहता है... Read more

~~◆◆{{◆◆फिरसे◆◆}}◆◆~~

दिल चला है मोहब्बत की राह पर, नैन मिले सावन की बरसात के माह पर. अलग ही रंगत है मेरे चेहरे पे,वक़्त रुक गया एक खास जगह पर. बेरं... Read more

~~◆◆{{◆◆खिताब◆◆}}◆◆~~

हम तो खुद को भूल गए कहाँ कोई बात याद रखें,ज़माने ने जो नोचा है इतना कहाँ दर्द की आवाज़ रखें. वो तो रूठ के बैठ गए अपनी ही सोच लेकर,ह... Read more

~~◆◆{{◆◆शाख◆◆}}◆◆~

खिलौना सा बना फेंकता है हर कोई प्यार को,सच्ची चाहत वाला रोता है अक्सर रात को. दिल उबाल कर गर्म पानी में दिखा दो,फिर भी नही समझता ... Read more

~~◆◆{{◆◆माक़ूल◆◆}}◆◆~~

एक फूल उठाया था हाथों में,नाजाने कब शूल बन गया. हरदिन हरपल मासूम आँखों का,नाजाने कब रोना उसूल बन गया। चाहतें तो बहुत ऊँची थी,न... Read more

~~◆◆{{◆◆गम◆◆}}◆◆~~

ये गम कई बार आता है,हर बार आयी खुशियों को जलाता है. लेने नही देता सुकून ये,सांस भी लूं तो बहुत तड़पाता है। मारता है ठोकर मेरी ह... Read more

~~◆◆{{◆◆रो रहा मेरा भारत◆◆}}◆◆~~

फूलों के शहर में कांटो का व्यापार,लोकतंत्र के तख़्त पर चोरों की सरकार. लग रहा चूना देश की तिजोरी को,धर्म के नाम पर फैलाया अंधकार। ... Read more

~~◆◆{{◆◆कफ़न◆◆}}◆◆~~

मेरा भी एक कफ़न बना देना,सब जात,धर्म की धूल उसपर से हटा देना. नफरत तो सारी ले गयीं सांसें,जो रंजिशों के दाग बाकी वो भी मिटा देना। ... Read more

~~◆◆{{◆◆मात लिखो◆◆}}◆◆~~

कुछ बनना है तो कुछ खास लिखो,चाँद कितनी भी हो दूर उसको दिल के पास लिखो. मत बहो एक छोटी सी नदी बनकर,बन समंदर गहराई से इतिहास लिखो। ... Read more

~~◆◆{{◆◆आतिश◆◆}}◆◆~~

Aman 6.1 शेर Jul 17, 2020
कहे दुनिया चाहे राख मुझे,मेरे घर का कोना कोना मेरे नजरिये से वाकिफ है. जहाँ कदम रखता हूँ वो जमीन जानती है,इन तलियों का जोर कितना ... Read more

~~◆◆{{◆◆एक धोखा◆◆}}◆◆~~

खुशियों की सौगात लेकर आया था,वो मेरे पास ख्वाबों की बारात लेकर आया था. दफन थी मेरी जिंदगी गुजरते वक़्त के आँगन में,वो मेरे लिए एक ... Read more

~~◆◆{{◆◆नाजाने◆◆}}◆◆

नाजाने क्यों लोग दूर चले,इंसानियत की बात सब भूल चले. अंधकार ही फैला है शिक्षा के दौर में,नाजाने कैसी ये आँखों में धूल चले. बना... Read more

~~◆◆{{◆◆जायदाद◆◆}}◆◆~~

सबकी जायदाद बस इतनी सी है एक सांस आती है एक जाती है,फिर भी किस वहम में लोग दुनिया पर ज़ोर चलाते हैं. एक मुट्ठी रेत भी साथ ना जानी,... Read more

~~◆◆{{◆◆चाहत◆◆}}◆◆~~

Aman 6.1 शेर Jul 17, 2020
मेरी जायदाद बस इतनी सी है एक सांस आती है एक जाती है,चाहत की तो बात ही ना कर इस ज़मीं से चाँद तक बस वो नज़र आती है। Read more

~~◆◆{{◆◆प्यारे◆◆}}◆◆~~

बेईमानी चलती है हमेशा नक़ाब ओढ़कर,ईमानदारी उड़ती है आसमान खुला छोड़कर. मेहनत में ही असली गुण है प्यारे,चोरी चकारी तो चलती है घर तोड़कर... Read more

~~{{◆◆मक़बूलकर◆◆}}~~

सब ले गए लोग मुझसे लूटकर,कितने ही किस्से बिखर गए मेरी कलम से टूटकर. हर दर्द हर लम्हा मैंने बयां किया अपनी खामोशी का,सब रह गया... Read more

~~◆◆{{{{◆◆कौन बचाये◆◆}}}}◆◆~~

हाहाकार मची है रिश्वतखोरी की,भूख नही मरती फिर भी सरकारी पट्ठों की चोरी की. लाला जी की कंजूसी के क्या कहने,पैसा खा खा के हालत खराब... Read more

~~◆◆{{{{सास ससुर जी}}}}◆◆~~

सारी ख़्वाहिशें तोड़कर,आयी है बाबुल का घर छोड़कर,ये तुमारे घर बहु बनकर आयी है, एक नया रिश्ता जोड़कर। ना रखो कोई भेदभाव ना करना इसका उ... Read more

~~◆◆{{{{¶¶कसूर¶¶}}}}◆◆}~~

मोहब्बत का नही कसूर,कसूर इंसान का है,मोहब्बत तो है पाक उपहार खुदा का,कसूर तो मन बेईमान का है। ये तो कच्चे धागों का पक्का रिश्ता थ... Read more

~~◆◆{{सलामी}}◆◆~~

जिंदगी से जिंदगी की कहानी लिखने चला,मैं आँसुओं से दर्द को पानी लिखने चला. टूटती रही हर उम्मीद अंदर ही अंदर,बिखरे हर ख्वाब को तस्व... Read more

~~◆◆{{पल दो पल}}◆◆~~

पल दो पल के आशियाने हैं, फिर युगों युगों तक कब्र से याराने हैं। हर कोई फिरता किराए की सांसे लिए,चार दिन के तो जिस्म के शामियाने ... Read more

~~◆◆【{{●●फितरत●●}}】◆◆~~

बंजारों सी फितरत है, बंजारों से ख्वाब. उड़ता मन अंधकार में, बंजारों सी ये रात। जल रही सांस इस जिस्म में, बंजारों सी है अपनी र... Read more

~~{{हे मालिक}}~~

हे मालिक,थाम ले मेरे मन की डोर,बना रहूं इंसान ही न बनु कोई चोर। क्रोध ईष्या से दूर रख,हो सच्चा मन साफ, पाप के मार्ग से दूर रहूं,... Read more

~~【{आदमी}】~~

कितने रंग छुपाए बैठा है आदमी,कहीं नफरत तो कहीं प्यार निभाये बैठा है आदमी। खुद की कशमकश में खोया है,कहीं परिवार बनाये तो कहीं मिटा... Read more

◆◆【【{{जी जनाब}}】】◆◆

मेरे अस्तित्व की कहानी के रंग हज़ार थे, बचपन से लेकर जवानी के किस्से हज़ार थे. सब गुजरा धीरे धीरे वक़्त खुशी गम की दहलीज पर,कुछ र... Read more

◆◆【【{{अस्तित्व}}】】◆◆

◆◆【【{{अस्तित्व}}】】◆◆ खो रहा मेरे देश का अस्तित्व अंधकार में, बिन बात के बन रहे मुद्दे बेकार में. हर कोई फैला रहा नफरत अधर्म... Read more

◆◆【【{{जीवन संघर्ष}}】】◆◆

चल मुट्ठी को ताड़ कर जीवन संघर्ष को फाड़ कर, मंजिल तो बूंद सा पानी है पी ले आंखों में अंगार भर।। रेत रेतीली क्या डरना , कांटो क... Read more

~~◆◆{{सो रही लोरी}}◆◆

दुनिया के दुखड़े हर दाता, रोते मुखड़े हस्ते कर दाता, ये कैसा आतंक फैल रहा रही पल पल इंसानियत मर दाता। ये कैसी राजशाही है, ये स... Read more

~~【【{{◆◆इंसानी कोयल◆◆}}】】~~

गलियों चौराहों पर फिर बहार आएगी,इंसानी कोयल एक दिन फिर हर जगह गायेगी। आसान नही हिम्मत इसकी तोड़ना,हजारों महामारियां आती जाती र... Read more

{{~~◆◆मन की बात◆◆~~}}

ठंडा पड़ा है गरीब का चूल्हा सारी उम्मीदों को गुमराह कर. मजबूर बाप दे रहा दिलासे भूखे बच्चों को,सच को जलाकर। बंद हो गया एक म... Read more

~~◆◆अरदास करता हूँ◆◆~~

●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●● एक बात दिल के पास रखता हूँ,तेरा चेहरा हर पल मैं याद रखता हूँ। ●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●● बना लिया ह... Read more

◆◆कलम बागी◆◆

ये कैसी लापरवाही हो रही है,एक दूसरे को नीचा गिरा कर वाहवाही हो रही है। जा रहा देश किस और एक कुर्सी की खातिर, इंसानियत की भारी ... Read more

◆◆एक कलम से पाकिस्तान एक कलम से हिंदुस्तान◆◆

नाजाने हिंदुस्तान किधर जा रहा है,नंगे पैर,पेट भूखा, रेल की पटरियों पर दौड़ा जा रहा है. लड़ रहा यहाँ मजदूर खुद के ही घर वापिस जाने ... Read more

【【◆◆एक कलम एक सियाही◆◆】】

एक कलम एक सियाही है,जिस से अब ये जिंदगी वियाही है. बड़ा जी लिए जीती जागती दुनिया में,अब तो महफ़िल सांसों की,सिर्फ तन्हाई है। ... Read more

~~((((तेरे जैसा यार कहाँ मिला))))~~

💥((((तेरे जैसा यार कहाँ मिला))))💥 बा खुदा मुझे कुदरत का एहसान मिला,,सांसों के रूप में ज़िन्दगी जैसा यार मिला. बड़ी लगी ठोकर ... Read more

~~~{{{ गरीब हूँ .}}}~~~

~~~{{{ गरीब हूँ .}}}~~~ गरीब हूँ झोला फटा है दिल नही , गरीब हूँ कपड़ा फटा है नियत नहीं, गरीब हूँ शक्ल बुरी है सीरत नहीं , गरीब ... Read more

【【{◆◆रेशमी रुमाल◆◆}】】

जिदर भी नज़र जाए बिखरा पड़ा है, ये गुजरे वक़्त का कचरा,कतरा कतरा हुआ पड़ा है. खुशियों के फूल कभी देखे नही,गम तन्हाइयों का दर्द,ह... Read more

【【◆◆उड़ती पवन◆◆】】

मेरे बेचैन मन से कुछ कहती उड़ती पवन, इस गगन की और देख कर ढूंढ रही क्यों सजन. पिया तो तुझसे दूर है,क्या चुभ रही तुझको जुदा... Read more

【【◆◆मजबूर मोहब्बत◆◆】】

#Sard_subh_ki_mulakat लेखक --अमनदीप सिंह💥 💥((((((((((मजबूर मोहब्बत))))))))))💥 उस सर्द सुबह को उसने मिलने बुलाया था, और अ... Read more

【【◆◆भुचाला---मधुशाला◆◆】】

अंग अंग मे जिये जवाला, खोलू जब मैं मधुशाला. इश्क़ रोग ने ऐसा मारा, जैसे दिल पे गिरा हिमाला. आँख से रुके न भारी वर्षा, अंग अ... Read more

【【{◆◆भंवरा◆◆}】】

मोहब्बत मे उसको आजमाने मैं चला, रास्ते में देख चाँद खुद ही बहक चला. ये नियत कैसी हो चली मेरे ईमान की, जो पूजती रही मुझको उसकी च... Read more

【【{{{◆◆शायर कहलाते हैं◆◆}}}】】

नही टिकती यारियां झुठ की दहलीज पर, ज़रा सी बात पर आशिक़ों के पैर फिसल जाते हैं। अंदाज़ ही बदल जाता है महबूब के बात करने का,जब क... Read more

【【{{◆◆◆काश काश◆◆◆}}}】】

मोहब्बत का पैगाम लिए उड़ रहा हूँ आसमां लिए. ये ज़िन्दगी तो दिखावा है क्यों जी रहे श्मशान लिए। दर दर मिल रही हैं ठोकरें फिर रहा ... Read more

【[{{◆●●●●अनजान सी कलम●●●●◆}}]】

खाक से उठे थे कुछ लफ्ज़,आज आसमान बन गए. एक अनजान सी कलम के खत,आज पहचान बन गए। इतरा रहे थे जो अपनी झूठी शान पर,उन परिंदों ... Read more