Dr. ALKA GOYAL

Delhi

Joined November 2018

मेरी स्वरचित मूल रचनाओं के 2 काव्य संग्रह – ‘ एक
साल तेरह दिन ‘ एवं ‘ दर्द की तपिश ‘ प्रकाशित हो चुकी हैं और इसके लिए मुझे डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिल चुकी है ।

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माँ

तुझे खो कर ही जाना तेरी छत्र-छाया में ज़िन्दगी कितनी महफूज़ थी न परवाह थी ज़माने की ज़िन्दगी ग़मों से मीलों दूर ... Read more

माँ

तुझे खो कर ही जाना तेरी छत्र-छाया में ज़िन्दगी कितनी महफूज़ थी न परवाह थी ज़माने की ज़िन्दगी ग़मों से मीलों दूर ... Read more