Pr@d!pkumar $ackheray (The Versatile @rtist) : – Writer/Poet/Lyricist, Mimicry Artist, Anchor, Singer & Painter. . .

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"तु..."

तु मेरी मोशिकी, तु ही मेरी धुन दिल कोयल कुँहके तु भी सुन मैं तुझे चाहुँ, गाऊँ, गुनगुनाऊँ ऐसा समां तो कभी ना हुआँ दिवाने दि... Read more

. . . मेरी इक गज़ल

ऐ मेरी ज़ानु , मैं क्यां ज़ानु ? तु युं हसती क्यूं हैं ? गैर झुठी मुस्कुराहट पे युं फ़सती क्यूं हैं ? हमने तो फ़ुलों की रंगीन ... Read more

. . . और मेरी इक गज़ल

उस बेख़बर को अब ये ख़बर नहीं हैं । इस बेसबर को ज़िने में सबर नहीं हैं । झुठ के कितने ही परदे गिराये हमने , परदें बोले , तेरा न... Read more

. . . और भी इक मेरी गज़ल

झुठी - फ़रेबी तारिफ़ों से ख़ुश वो होने लगी । अंज़ाने , मुझसे शेरे - गज़ल वो पिरोने लगी । वफ़ा की सारी की सारी फ़सलें काटी उसने ,... Read more

". . . हाल गये ।"

( यह हास्य गज़ल हैं , इसमें इक तोतला प्रेमी अपने प्रेमिका से दिल का दर्द बयां कर रहा हैं ! . . . ) तेले प्याल में ज़ानू इसकदल हा... Read more

...और मेरी इक गज़ल...

उस बेख़बर को अब ये ख़बर नहीं हैं । इस बेसबर को ज़िने में सबर नहीं हैं । झुठ के कितने ही परदे गिराये हमने , परदें बोले , तेरा न... Read more

...मेरी इक गज़ल...

ऐ मेरी ज़ानु , मैं क्यां ज़ानु ? तु युं हसती क्यूं हैं ? गैर झुठी मुस्कुराहट पे युं फ़सती क्यूं हैं ? हमने तो फ़ुलों की रंगीन ... Read more

"बिटियाँ . . ."

रब का अनमोल वरदान बिटियाँ हैं | ज़ैसे की, तुफ़ान से टकराता दिया हैं | रिश्तों के ध़ागें तो अक़्सर बिख़र ज़ाते, मगर, दो परिवा... Read more