Akib Javed

बाँदा

Joined October 2017

मेरा नाम आकिब जावेद है| पिता – श्री मो.लतीफ़ , माता- श्रीमती नूरजहां | मैं एक छोटे से क़स्बे बिसंडा जिला बाँदा (उत्तर प्रदेश) का निवासी हूँ| जन्मतिथि- 06-02-1993, शिक्षा- स्नातक कंप्यूटर साइंस, उत्तीर्ण- प्रथम श्रेणी, सत्र-2012, कालेज- अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा (मध्य प्रदेश)
परास्नातक-MA History BU University Jhansi UP से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया।
इस समय बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक के पद पर कार्यरत हूँ।
कुछ लिखने का बचपन से ही शौख रहा हैं।समाज की बुराइयों पर कटाक्ष का माध्यम अपने ग़ज़ल,कविता,कहानी के माध्यम से रखने की कोशिश करता रहता हूँ,कुछ सीख रहा हूँ,लिख रहा हूँ।समाज कार्य को करने की कोशिश रहती हैं।।
इस समय संघ लोक सेवा परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हुए हैं| कविता ,लेखन और नई-नई जगहों में घूमने की रूचि रखते हैं ।

कविशाला,साहित्यपीड़िया,yourquote,Nojoto आदि के लिए लेखन कार्य जारी हैं।
साहित्य के सोपान परिवार,कवितालोक से जुड़े हुए हैं।
निरंतर सीख रहे हैं, कुछ लिख रहे है।।

ट्विटर पर फॉलो कर सकते हैं
www.twitter.com/rockonakib

फेसबुक में भी मिल सकते हैं

www.facebook.com/rockonakib

संपर्क सूत्र-09506824464
ajbisanda@gmail.com

बुंदेली धरती में जन्म लिया,इसका हमको अभिमान हैं
रक्त रक्त गुरूर रखता,यही इसकी पहचान हैं।।
सधन्यवाद
http://awajakibjaved.blogspot.com

Awards:
Waiting

Copy link to share

देख के देखती सी रहती है

ज़िन्दगी क्यों बुझी सी रहती है आँख में कुछ नमी सी रहती है ख़्यालों के आँगन में कहीं गुम सी ज़िन्दगी अजनबी सी रहती है बेवफ़ा ज़िन्... Read more

सच हो सब इस समय अख़बार जरूरी तो नही

2122-1122-1122-22(112) सारे नेता ही हो मक्कार जरूरी तो नही सच हो सब इस समय अख़बार जरूरी तो नही बिक गया झूठ सरे-राह यूँ बाजार... Read more

तुम लफ़्ज़ों से बेगाने रहे

तुम लफ़्ज़ों से बेगाने रहे हम धड़कन से बेगाने रहे ग़र कभी हमें होश न रहा अपने भी हमसे बेगाने रहे ज़िंदगी की डोर को बांधे ज़िंदग... Read more

दर्द में आदत है मुस्कुराने की

वो भी करने लगे ज़िद जाने की हमको आदत नही मनाने की हाल बेहाल ज़िंदगी भी थी उसने कोशिश की आज़माने की जख़्म गहरे बहुत थे ज़म... Read more

बाल कविता : बधाई

बस्ते में है कलम और कम्पास मन में खूब उमंग और विश्वास परीक्षा का भी नही है उसे भय सुमन चली पड़ी अपने स्कूल । पढ़ने में उसे है ... Read more

सूरज

छीन लो गम के बादल रूह में कायम गर्मी थका हारा है सूरज मयस्सर नही है सुकूँ जज्बात उसके गुम है चक्कर लगाते है दर्द परेशान है धड़... Read more

शिल्पकार

वा पत्थर मा देई चलाये चाहे वहिमा जो हुई जाये नव नव रूपन मा गढ़ देई मन चाहे वा रूप बनाये वाहे शिल्पकार कहाये वहिके हाथें मा इतन... Read more

आपने तो साल बदलते देखें है

आपने तो साल बदलते देखें है हमने तो यार बदलते देखें है देखा है दिल पे कुछ लब पे कुछ पल पल किरदार बदलते देखें है नफ़रत देखा,देख... Read more

हवा सोच रही दवा को

हवा सोच रही दवा को देख रही नज़ारे धरा में ज़हरीली हो गई है हवा लेना होगा सबको दवा ग़र न चेते समय से हम नज़र न आयेगी ये धरा हरे भरे... Read more

दर्द  सब  लेती  हैं  माँ  की कोई पैमाई नहीं!

इस जहाँ में मेरी माई जेसी माई नहीं माई जैसी किसी ने भी नेमत पाई नहीं माँ के पैरों में ही बीते मेरा भी ये ... Read more

दीपावली विशेष कविता : वो उम्मीद सजा कर बैठ गई

कच्चे दिए बना कर बैठ गई वो उम्मीद सज़ा कर बैठ गई! मेरी दिवाली भी रोशन होगी वो भी आस लगाकर बैठ गई! कोई न आया दिये लेने पास वो ब... Read more

आसान नही किसी से दिल का लगाना

आसान नही किसी से दिल का लगाना खंजर छुपाये बैठा हो अब कोई दीवाना आसान नही अपने दिल के हाल बताना धोखा दे जाते हैं लोग निभा के दो... Read more

ज़िन्दगी में चलती है यूं आंधियां कभी कभी

ज़िन्दगी में चलती है यूं आंधियां कभी कभी उड़ा के ले जाती है ऐसे मर्ज़ियाँ कभी कभी।। सफ़र दर सफ़र गुज़रता जा रहा ये कारवाँ तुम बसा लो ... Read more

इंसा भी बदलता है वक्त निकल जाने के बाद

हुई घनघोर बारिश तूफाँ गुज़र जाने के बाद ज़िन्दगी में कोई आये तुम्हारे जाने के बाद बाद मौत नही निभाता रिश्ता किसी से कोई सब भूल ... Read more

मैं अनमोल हूँ अपनी कीमत से ज़ियादा

ये शुहरत इज़्ज़त कुछ नही क़िस्मत से ज़ियादा दरख्वास्त तुम्हारी है ज़रूरत से ज़ियादा मै बिक जाऊ ऐसे ये मुझे मंज़ूर नही मै अनमोल हूँ अप... Read more

होली

मुक़द्दर से मिलता है दर आपका रंग में रंग हो और साथ आपका मनाऊ होली अपने पीर के संग मेरे मौला रंग दे दर हो आपका ।आकिब जावेद। Read more

मोरे  पिया तू  मुझको अब रंग डाल।।होली विशेष।।

उड़ते रंग उड़ती है इश्क की गुलाल इस फ़िज़ा को भी करती हरी लाल इक रंग उड़ पहुंचा यूँ पिया के द्वार मन भावन मोरे पिया हुए निह... Read more

खुदा से हमारे सम्भलने की दुआ माँगो

थोड़ा सा दिल के संभलने की दुआ माँगो महबूबा के हाथों में अब सजी हिना माँगो मुक़द्दर से मिला है ,वो उनका हाथो में हाथ ख़ुदा से म... Read more

इंसानियत प्यार का पैगाम है

मुह में राम,नाम बदनाम है वो ही अल्लाह और राम है बेच कर ईमान लड़ते हो बताओ क्या अब अंजाम है धरती एक,एक ही अम्बर इंसानियत क... Read more

ग़ज़ल

221 2122 221 2122 देख अब दिल मेरा कितना लाचार हो गया है बिन तेरे अब ज़िन्दगी जीना दुश्वार हो गया है बना बावरा फिरता मन य... Read more

ये जो दिल मिले है, कुछ तो राब्ते है!!ग़ज़ल

ये जो दिल मिले हैं, कुछ तो राब्ते हैं ज़िन्दगी का सफर,रास्ते मय-क़दे हैं।। खैर माँगी जो तुमसे,कुछ तो सोचा था यूँ दिल जलाने के अब... Read more

सूरज निकल रहा था कि नींद आ गई मुझे!!ग़ज़ल

प्रेम का धागा बाँधा आपने,उनकी याद तड़पा गयी मुझे बरसो बाद देखा हमने,यूँ ही आँखे छलका गयी मुझे सहमे सहमे से रहते थे वो,ख्वाबो में ... Read more

हिन्द के निवासी हैं, फख्र करेंगे

हिन्द के निवासी हैं,फख्र करेंगे देश के लिए जियेंगे,मर मिटेंगे ये दौलत,जवानी कुर्बान करेंगे देश के लिए हम नग़मे लिखेंगे तिरंगे... Read more

माँ!!

ज़िन्दगी में जिसके माँ नही होती है उनसे पूछो माँ की कमी क्या होती है।। जब आफ़त मेरे सर पे आन पड़ती है सिखाई माँ की सीख याद पड़ती है... Read more

सजदों में लज़्ज़त ना थी...मेरी दोस्ती से पहले

तुझे कोई जानता ना था...मेरी दोस्ती से पहले तेरी जिंदगी रोशन कहाँ थी...मेरी बंदगी से पहले तेरी सादगी कहाँ थी..मेरी हाज़री से पहले ... Read more

अकेला

हर राह,हर गली, हर मोड़,हर सड़क हर चाह,कोई हमसफर मत भूल तू पथिक निडर चलता जायेगा तू हरदम यूँ ऐसे अकेला ही चल जिंदगी के इस पथ पर... Read more

हाइकु!!डोली

नाज़ों से पली बाबुल के आंगन वो दौड़ी खेली डाँट भी सही माँ की लोरी भी सूनी पायी प्यार भी भाई से लड़ी बहन को सताई खूब हँसाती... Read more

कुछ बिखरे किस्से याद आ गए!!

नींद के आगोश में जो हम आ गए कुछ बिखरे हुए किस्से याद आ गए राजदां थे वो,जो कल तक जिस हवेली में जर्जर हवेली देख,पुराने किस्से याद... Read more

मुहब्बत के फ़लसफ़ा में ये कहानी होनी चाहिये!!

सोच में तुमको ही सोचूँ,सोच ये होनी चाहिये मुहब्बत के फ़लसफा में ये कहानी होनी चाहिये तेरे मेरे इश्क की,कोई पुरानी निशानी चाहिये ... Read more

ग़ज़ल!!अश्क़ का वो कतरा अब कहाँ मेरे हासिल में हैं!!

रंजो गम की दुनिया में वो मेरे महफ़िल में हैं लाख छुपाये प्यार मुझसे वो अब मेरे दिल में हैं।। लाख हालात मेरे मुश्किल सही राब्ता त... Read more

हाइकुः सुबह..प्राताः..भोर *********************

हुआ सवेरा जब आँखे खुलती हो दिन प्यारा चिड़िया कूकी वो सूरज भी आया सर के पास बिखरी लाली हैं फैला उजियारा अब जग में भास... Read more

राम अपना करीम अपना

सपने अपने दर्पण अपना होगा खुदा भी राज़ी उनका मेहनत करते रहते दिन-रात हासिल उनका बाकी उनका सर्द हवाएं अब ऋतु है गर्म माजी अपन... Read more

दिल!!हाइकु!!

पत्थर दिल बेख्याल सा रहता घूमता रहा घमंडी रहा बेपरवाह फिरा ऐसे ही रहा तोड़ने वाले तोड़ते ही रहते मायूस हुआ चाहत रही ... Read more

एल्बम

छण छण गतिमान जिंदगी का पहिया उस पहिये को यादो के रूप में समेट के रखती है चाहे अच्छा लम्हा हो या कि हो कोई बुरी याद कभी किसी म... Read more

ग़ज़ल!!यूँ तेरी जुल्फ़े निहारी जा रही है!!

मेरे हर सोच में तेरा शय शामिल किस्मत हमारी सँवारी जा रही हैं जिंदगी हो गयी हैं रंगमंच की तरह जैसी भी हो अब गुज़ारी जा रही हैं ... Read more

धड़कन

मेरी हर साँसों मे सिर्फ अब तेरी ही रवानी है... तुझे देखू सिर्फ तेरी ही कहानी है.... दिल की हर धड़कन में अब तू ही धड़क रही है...... Read more

हमारी मुहब्बत सिमटी है

एक शम्मा जलाया था तेरे मुहब्बत का हमने उस दिन के इंतज़ार में अब जाँ मचलती है। मेरे महबूब तू आ जा अब मेरे सामने वो सच्ची मुहब्बत ... Read more

असर है प्यार की रजाई का!!

जब नज़र पडी मेरी किसी के बुराई पर खुद पे ना ध्यान दिया अपनी परछाई का बादलों की छटा और मौसम पुरवाई का याद आता हैं दौर किसी के रुस... Read more

ओस

ओस गिरे बूंदों से जो फूलों के ऊपर रखती नमी ओस की बूँद देती सीख नयी हैं जीवन भर किरन अब सूरज की पड़ती ओज भरती नये पल्ल... Read more

ग़ज़ल!!खंजर छुपाये बैठा कोई जान मुश्किल में हैं

गनीमत हैं कि वो फूल अभी खिला नही हैं खंज़र छुपाये बैठा कोई जान मुश्किल में हैं।। याद आती हैं, दुआएँ अब माँ की मेरी आज जान मेरी क... Read more

ग़ज़ल!!अश्क़ का वो कतरा अब कहाँ मेरे हासिल में हैं

रंजो गम की दुनिया में वो मेरे महफ़िल में हैं लाख छुपाये प्यार मुझसे वो अब मेरे दिल में हैं।। लाख हालात मेरे मुश्किल सही राब्ता त... Read more

ग़ज़ल!!

अपनी तबाही का ऐसे जश्न यूँ मानाती हैं सफर में भी जिंदगी लेती हैं इम्तिहाँ अपना।। दिल की धड़कनों पे हैं अब किसी का हक हैं उस निश... Read more

हाइकु!!निर्झर

बारिश आयी निर्झर सी बछौर मन भायी सोता बहा दिखा प्रकृति छटा मन समायी इंद्रधनुष रंग बिखेरे खूब झरना खिले आकिब देखो ऋत... Read more

झरना

मन का झरना बहता जाये इस कोने से उस कोने झरना देखो आँखों का भी बोझ हुआ गर कुछ दिल में बह जाता यह पल पल में झरना एक जुबां का... Read more

!!ग़ज़ल!!ऐसे ही चलता रहे अब कारवाँ अपना

मैं तेरा हो जाऊँगा,तू मेरा हो जाना ऐसे ही चलता रहे अब कारवाँ अपना।। हर चेहरे पे यहाँ एक मुखौटा देखा किसको बनाये यहाँ राजदां अपन... Read more

मजहब,जात में इतने बट गये हैं...

अपनी नैतिकता हमने यूँ खो दी हैं कितने नीचे अब हम गिर गये हैं मजहब,जात में इतने बट गये है हम इंसान अब कहाँ रह गये हैं टूट कर हम ऐ... Read more

माँ के पल्लू में सारे सिक्के मिला करते हैं

घर पे छोड़ जाते हैं सारे बालाओं को माँ के पल्लू में सारे सिक्के मिला करते हैं माँ की दुआओ से फूल खिला करते है। घर मे उन्ही से द... Read more

उम्र की झुर्रियां चेहरे पे झलक जाती हैं

छलकता जा रहा हैं वो जाम अब खुशियां मयखाने में मिला करते हैं उम्र की झुर्रियां चहरे पे झलक जाती हैं लोग फिर भी यहाँ जवान हुआ करत... Read more

दिसम्बर

छंद मुक्त रचना: दिसंबर साल का अंतिम महीना हूँ महीनों का मैं नगीना हूँ गर्मी को मैं देता मात जाड़े की लाता सौगात काम धाम सारे छ... Read more

ग़ज़ल।।होती हैं माँ की दुआ और तरह की।।

देख कर नज़रो से हमे वो मुस्काये ऐसे दिल से मेरे आयी थी सदा और तरह की वो आये थे ख्यालों ख्याल में इस तरह जिंदगी में गम भुलाया और... Read more