अजीत कुमार तलवार

मेरठ (उ.प्र.)

Joined January 2017

शिक्षा : एम्.ए (राजनीति शास्त्र), दवा कंपनी में एकाउंट्स मेनेजर, पूर्वज : अमृतसर से है, और वर्तमान में मेरठ से हूँ, कविता, शायरी, गायन, चित्रकारी की रूचि है ,
EMAIL : talwarajit3@gmail.com, talwarajeet19620302@gmail.com.

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Books:
दो कविता साहित्यापेडिया में प्रकाशित हुई है..यही मेरा सौभाग्य रहा है

Awards:
नहीं

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-- किरायेदार हूँ --

मेरा जिस्म यहाँ किराए पर रहता है अपनी सांसो को बेचता हूँ दिन रात मेरी औकात तो है बस"मिटटी" जितनी पर बात में महलो की कर जाता हू... Read more

--वो चुस्कियां-

कितनी भी कोशिश कर ली तुझ से दूर दूर जाने की पर तेरा मेरे लबों पर आकर अपनी गर्माहट के साथ वो एहसास दिलवा देना कि मेरे बिन त... Read more

-- मैं सैनिक हूँ --

बना ही था इस भारत माता के लिए मुझ को पैदा ही किया मेरी माँ ने सिर्फ और सिर्फ भारत माँ के लिए इस माटी का खून हूँ इस माटी ... Read more

-- कितना मुकुर जाते हैं --

लिख दिआ सो लिख दिआ लिखा हुआ कभी मिटता नहीं मुंह के बोल जो कभी रूकते नहीं लिखा हुआ कभी कहीं भागता नहीं मुख से कहने से लोगो... Read more

-- वाह डाक्टर साहब --

कुछ दिन पहले पत्नी जी को हो गया बुखार बोली जल्दी ले चलो अब डाक्टर साहब के द्वार बैठा के अपनी गाडी पर चल दिआ मैं उनके दरब... Read more

--अपना पैसा मांग कर देखो --

इज्जत, मान, मर्यादा का अब जमाना नहीं रहा अपनी जेब तक का दोस्तों अब खजाना बी अपना नहीं रहा देकर किसी को देखो फिर जरा मांग... Read more

--वो तस्वीर तेरी --

देख कर इस तस्वीर को मदहोशी सी आने लगी इन आँखों से आपने क्या कहा धड़कन है बताने लगी खोल कर जुल्फोन को जो आपने अंदाज बयान क... Read more

-- प्रेम की भाषा --

अपना बनाने के लिए काफी है मिठास का होना प्रेम को जताने के लिए इश्क में सब लुटाने के लिए प्रेम की भाषा का होना बहुत जरुरी ह... Read more

-- सच की बुनियाद --

सच की बुनियाद ही है जो धरती रुकी हुई है वरना झूठ ने तो अब तक यहाँ से रूखसत कर दिआ होता हर बात अगर झूठ से चलती तो जमाना ... Read more

--रूक जा --

वकत से हैं दिन रात वक्त कभी रूकता नहीं वक्त के संग संग चल यह किसी के लिए ठहरता नहीं दुनिआ आती जाती रहेगी मेले यहाँ लगते ... Read more

-- तेरी तस्वीर से बातें -

तनहा बैठा था सोचा क्या करूँ किस तरफ दिमाग को ले जाऊं खामोशी का माहौल था मन में मायूसी सी थी दिमाग उछल रहा था क्या करू... Read more

-- वर्तमान -

आज और अभी जो जी लिया वो जी लिया कल बीता किस काम का आने वाला वक्त अपना नहीं जिंदगी अगर है तो आज ही है.. प्यार मोहोब्बत ... Read more

-- किस ने कहा -

मेरे शहर की फ़िजां खराब है अब सुना पर खराब कहाँ है यह "किस ने कहा " दुश्मन बन गए हैं हिन्दू और मुस्लिम कल गले मिलते देखे... Read more

-- आँखे भी बोलती हैं --

कभी सुना नहीं होगा कि आँखे भी बोलती हैं बड़े ही सहज से लहजे में यह राज खोलती हैं जुबान को तो लोग जुबान कहते हैं यह बिन जुब... Read more

-- नारी न होती तो --

सच कहा है न नारी न होती तो कैसे जगमग होता संसार सच कहा है न नारी न होती तो कैसे चलता सब का व्यापार सच ही तो कहा है ... Read more

-- वो एम्बुलेंस की आवाज --

चारों तरफ इक सन्नाटा कहीं से कोई आवाज नहीं चारों तरफ मातम का मंजर खामोशी को तोड़ती हुई वो एम्बुलेंस की आवाज धड़कती रात और द... Read more

-- मेरी रफ़्तार --

इक रफ़्तार से चलना अच्छा सा नहीं लगता रूक के बस फिर रूक जाना मुझ को अच्छा नहीं लगता अपनी रफ़्तार से जीत लेता हूँ जहान मैं ... Read more

--क्यूँ मक्खन लगाते हो ?--

अपनी मखमली बातों से क्यूँ किसी को बहकाते हो माखन जैसी बातो से क्यूँ तुम फिसलाते हो यूं तो आदत सी होती है कुछ चलते फिरते ... Read more

-- हिंदी दिवस --

सब लोग हिंदी दिवस पर अपने अपने विचार दे गए सोचा आज में भी अपने दे आऊं जाकर हिंदी को अपना कितना कोई हिंदुस्तान में मानत... Read more

-- बस अपना बना लो --

मुझ को अपने दर्द का तुम हमदर्द तो बना लो दिल अगर खाली नहीं तो खयालात में ही बैठा लो सपनों में नहीं रख सको तो अपनी अखियों... Read more

-- बेशक दूरियाँ हैं --

बेशक दूरियां बढ़ गयी हैं अपनी पर तेरे हिस्से का वक्त आज भी तन्हा ही गुजरता है दिल में अरमान हुआ करते थे पर आज भी उन... Read more

-- गरूर टूट गया --

बहुत गरूर था मौसम को भी कि मेरा कुछ कभी बिगड़ता नहीं आया तूफ़ान उडा ले गया बना गया शमशान मानव हताहत हो गए परिंदे ... Read more

- दिल को कैसे जलाओगे-

कितनी बार बेरहमी से मरे हुए को तुम जलाओगे क्यूँ की दिल अभी जलेगा नहीं तुम जो बस्ते हो उस में. दिल है वो कोई खिलौना नहीं ज... Read more

-- दर्द --

क्या पानी पर लिखी थी मेरी तकदीर तूने मेरे मालिक हर ख्वाब बह जाता है मेरे रंग भरने से पहले शीशा नहीं है जो उकेर दू कुछ चि... Read more

-- तेरी माया तेरी काया-

तेरे दिए जन्म मानस को नमन मैं करता हूँ माया और काया में भगवन् मैं हर रोज उलझता हूँ किस का करूँ गुमान जिस का पल का भरोस... Read more

-- अनमोल लम्हे --

तुम से मिलना, बातें करना, साथ में वक्त बिताना कुछ सुन लेना कुछ सुना जाना बस वक्त के साथ खुद को सजाना शाम को आने का इंत... Read more

-- सन्नाटा --

होती है शाम तो होने लगता है सन्नाटा जैसे जिंदगी में हर लम्हा करता है परेशां उस वक्त अँधेरी सी रात में हर तरफ अब वो चेह... Read more

-- बहुत कुछ सीखा है --

जब से बड़े हुए हम न जाने कहाँ कहाँ से गुजर गए हम कभी तकदीर ने सताया कभी जमाने ने रुलाया कभी गिर गए जमीन पर मंजिल को हांसि... Read more

-- मेरे मार्गदर्शक मेरे पापा --

आपने अंगुली पकड़ के चलना सीखा दिया आपने मुझ को बोलना सीखा दिया आप न होते तो मेरा क्या वजूद था आपने मुझ को अनमोल बना दिया आप ... Read more

---पितृ हमारे---

बिन आपके हमारा कोई मोल नहीं है बिन आपके मार्गदर्शन से हमारा संसार है आप जहाँ भी हो. जिस जगह भी हो हाथ जोड़ सब से पहले ... Read more

--वक्त के साथ -

वकत की दरकार है की तुम मेरे साथ चलो वक्त ही तो कहता है तेज रफ़्तार मत चलो मुझ छोड़ के आगे न जा सकोगे हाथ खींच लूँगा वही ठ... Read more

-- वाह रे कोरोना के पालनहार-

आज मेरे शहर में इतने मरीज मिल गए कि जैसे कभी मरीज थे ही नहीं किसी दूसरी बिमारी से गजब का तमाशा बना दिया इस कोरोना की तो ... Read more

--पल पल बदल रही है --

हर पल बदल जाता है मंजर तेरा ओ जिंदगी हर पल बदल से जाते हैं जीने वाले लोग यहाँ मतलब तक साथ देते हैं उस के बाद हाथ खींच ले... Read more

-- यूं न बहलाया करो --

दिखा के मुझ को सब्ज्बाग़ तुम यूं बहलाया न करो नहीं है मोहोब्बत तो एक बार साफ़ कह जाया करो क्यूँ कस्ते हो कसीदे अपनी तुम वफ... Read more

--प्रियतम की आस --

अभी भी , याद है , वो नजारा सुबह की सुखद बेला का... वो तेरा "नींद" से उठ जाना और मुझे "आवाज" देना "सिमरन-ओ -सिमरन" शर्मायी सी... Read more

-- मौत से पहले एक पेड़ लगाऊं -

कौन करेगा याद कुछ ऐसा कर जाऊं और कुछ नहीं तो अपने हाथ से एक दरख़्त तो लगा जाऊं न उस पर शिलापट होगा न उस पर कोई नाम बस... Read more

-- जिंदगी है यह साहब --

कभी कुछ न मिले तो दिल से लगा के न बैठ जाना जिंदगी है यह साहब अपनी कोई अमानत नहीं है ठोकर भी मिलेगी यहाँ प्यार भी मिलेगा ... Read more

-- शायरी --

"कोयले" की ख़दान में... हीरे के मानिंद , दबे घुटे जिये जाते हैं हम,! इक पारखी निगाह चाहिए तराशने के लिए..-!! "तू" "आ... Read more

-- मेरी माँ --

मुझ को लौटा दे फिर से मेरा वो बचपन फिर से मैं गुजार लूँ अपना गुजरा हुआ लड़कपन तेरी मार , तेरा प्यार तेरा गोद में लेकर ... Read more

-- वक्त मिलता नहीं।।

वक्त मिलता नहीं निकला जाता है हक़ मिलता नहीं दोस्तों छीना जाता है कैसे कह दूँ सारा दिन उलझा रहता हूँ दिल में तमन्ना हो ... Read more

-- सम्झौता -

ऐ जिंदगी कदम दर कदम तुझ से क्यूँ सम्झौता किया जाए शौंक है जीने का सब को होता है इतना भी नहीं कि मर मर के ही जीया ज... Read more

- स्पष्टीकरण -

क्यूँ दू मैं अपना स्पष्टीकरण क्यूँ दूँ मैं अपना हाल जब तुम सुनकर भी करते हो तिरस्कार क्यूँ दूँ में अपने दिल का सब ह... Read more

-- मेरे कान्हा --

चारों ओर सन्नाटा ही सन्नाटा, क्यूँ नजर आ रहा है मोको रे "कान्हा" चारों और सन्नाटा ही सन्नाटा। आठों पहर चारों दिशाओं से न ध... Read more

-- अभिमानी -

करता है, रोज करता है न जाने किस बात का ओ इंसान तू बता जरा क्यूँ अभिमान करता है नंगे बदन चल के आया जो भी पाया यही से पाय... Read more

-- झूठ की बुनियाद --

चल रही है जिंदगी एक झूठ को पाले हुए तन ही जब अपना नहीं क्यूँ यह भ्र्म है हर यहाँ पाले हुए चलता फिरता आदमी पल में रूखसत हो ... Read more

-- अकड़ है, पर हस्ती --

इंसान के अंदर अकड़ बहुत है जबकि पता है तेरी हस्ती तो कुछ नहीं पानी का बुलबुला पल में फट जाता है गुब्बारे सी हवा झट से ... Read more

-- फक्कड़ --

जो देखा तो अपन स्वाभाव में शामिल कर लिआ ऐ जिंदगी मैने तुझ को फक्कड़ बन के जी लिया जिस से हुआ प्यार उस के साथ निभा लिया... Read more

-- शुक्रिया कैसे अदा करूँ --

शुक्रिया कैसे अदा करूँ मेरे पास तो शब्द ही नहीं हैं कहाँ से लाऊँ वो आवाज मेरे पास वो आवाज ही नहीं है कितना प्यार लुटाते हो... Read more

-- शायरी --

👍जाने से पहले अपने कफ़न पर भी क्यूँ बोझ रखूं किसी बात का, 👆न जाने जनाजा उठाने वालों पर क्या गुजरेगी, मैं तो चला ही जाऊँगा 🏃‍♂️... Read more

-- शायरी --

🌹ओ जिंदगी मैं थक गया हूँ तेरी गुलामी कर कर के,😔 मुझ से तेरा यह बोझ अब उठाया नहीं जाता, 😔 रोज रोज की मुसीबतों से सर खपाया नहीं जाता... Read more