AJAY PRASAD

Joined November 2018

Blessed with family and friends

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डरता है

वो अपनी परछाई से डरता है मतलब ये , सच्चाई से डरता है । बरतता है वो एहतियात बेहद क्योंकि जग हँसाई से डरता है । इल्म है उसे रास्... Read more

ठगा नहीं

'ऐसा कोइ सगा नहीं जिसको हमने ठगा नहीं ' हल जो कर दे सब मसले वो हमारा नेता नहीं। जब मसले ही नहीं होंगे तो पुछेगी जनता क्यों वो सब... Read more

गरीब खाने पे

आईये आप को ले चलता हूँ मेरे गरीब खाने पे जहाँ शायद मैं भी नहीं गया हूँ एक जमाने से । आजकल मेरा शरीर ही रहता है वहाँ सिमट कर हाल... Read more

हिन्दुस्तान देख

मुझमें तू हिन्दुस्तान देख हूँ कितना परेशान देख। हैं योजनाएँ तो कई मगर अब तक हूँ अंजान देख । तीन ज़रूरतें हैं मेरी बस रोटी ,कप... Read more

दिशा निर्देश

जब मैं मर जाऊँ तो कोई मातमपुर्सी नहीं करना। कोई अर्थी नहीं सजाना। कोई भी आसूँ मत बहाना । रोनी सूरत बिल्कुल न बनना । मे... Read more

आत्मनिर्भरता

अच्छा है, बच्चे काम पर जा रहे हैं अपना भविष्य खुद बना रहे हैं । कुछ सड़क किनारे बने ढाबों पर जुठे बर्तन मांज कर, कुछ कच... Read more

आदमी हूँ

न संघी,न भाजपाई और ना मैं कांग्रेसी हूँ बस सहज-सरल शालीन, शुद्ध स्वदेशी हूँ । न सपा,न ब स पा,न सी पी एम,न रा ज द न जदयु,न आप,न ... Read more

आज़ाद गज़ल

मिल जाए अगर फुरसत' श्री राम'से गौर फ़रमाईएगा हुजूर ज़रा अवाम पे। जुगाड़ ज़िंदा रहने का कर दें हमारा फ़िर मंदिर भी बनाईयेगा धूमधाम... Read more

डेयर करें

कृपया मेरी पोस्ट को लाइक और शेयर करें मतलब मुझे फेमश करने के लिए केयर करें। मेरे यूट्यूब चैनेल पे भी जाएं,करें सब्स्क्राइब इस तर... Read more

आइनों

आइनों तुमने तो ज़रुर सहेज कर रक्खा होगा मेरे उम्र के हर एक पड़ाव को। रोज़ तुम्हें देख्र कर ही तो मैंने खुद को सँवारा है... Read more

प्यार

रिश्तों में आने लगती है दरार,और उबाऊ हो जाता है मनुहार , जबरन थोपा जाता है जब प्यार -अजय प्रसाद Read more

आज़ाद गज़ल

अच्छा ! तो आप एक पत्रकार हैं जरा ये भी बताएं किस प्रकार हैं । गर सत्ताधारी के पक्ष में लिखतें हैं तब आप एक शातिर चाटुकार हैं। ... Read more

पाप

" पाप " क्या है पाप समझतें भी हैं आप ? किसी बच्चे को जन्म देना और कहलवाना खुद को माँ या बाप ! -अजय प्रसाद Read more

आज़ाद गज़ल

मोहतरमा आपकी पोस्ट में बड़ा दम है शायरी तो पता नहीं मगर तस्वीरें कम है । चाहे कुछ भी लिखें मैं तारीफ़ करता हूँ गर कभी छुट जाता ह... Read more

आज़ाद गज़ल

हावी किस कदर आज बाज़ार है कितना डिजिटल हुआ त्योहार है । करतें हैं इमोशनल ब्लैकमेल कैसे देखिए आजकल जो इश्तेहार है । दो दुनिया है... Read more

आज़ाद गज़ल

हूँ मैं तुलसी, कबीर, निराला या पंत नहीं मीर,मोमिन ,गालिब दाग या दुष्यंत नही। कहता हूँ गज़लें बेवाक हर मुद्दे पर बेबहर शायर तो म... Read more

पुरूष

क्योंकि मैं पुरूष हूँ तो मुझे हक़ है स्त्रियों पे लांछन लगाने का उन्हें मारने का उन्हें सताने का उन्हें हथियाने का ... Read more

आज़ाद गज़ल

बड़ी बेरहमी से जज्बात को दबाया मैने, दिल की हर इक बात को है छुपाया मैने । तू मेरे दर्द रही कितनी बेखबर, लेकिन , रुबरु तेरे हरपल मग... Read more

लगता है आपको

लगता है आपको बहुत लिख रहा हूँ आप क्या जाने किस कदर रिस रहा हूँ । पढ़कर रचनाएँ आपको हँसी आती है क्यों नहीं आपको चिन्तित दिख रह... Read more

मुक्तक

इन्सान खुदा हमारी भी कुछ हैसियत है क्या अच्छा! तो हमें क्यों नहीं पता । सदियाँ गुजर गयी समझने में मालिक कौन? इन्सान या खुदा... Read more

चार लाईन

बदसूरत को हसीन बताऊँ कैसे आसमां को ज़मीन दिखाऊँ कैसे । कहतें हैं मुल्क में सब खैरियत है खुद को ये यकीन दिलाऊँ कैसे । -अजय प्रसा... Read more

चार लाईने

बदसूरत को हसीन बताऊँ कैसे आसमां को ज़मीन दिखाऊँ कैसे । कहतें हैं मुल्क में सब खैरियत है खुद को ये यकीन दिलाऊँ कैसे । -अजय प्रसा... Read more

चार लाईने

बंदिशो में रहने का आदी नहीं हूँ अहिंसा का पुजारी गाँधी नहीं हूँ । दिल गर जीत लिया,जान दे दूंगा लीडरों सा मै अवसरवादी नहीं हूँ ।... Read more

मुक्तक

भटकना है मेरी फितरत तो मंजिल क्या करे बेवफ़ा है मेरी तकदीर,तो संगदिल क्या करे । तन्हाईयों ने की है इस कदर मेरी तीमारदारी वीराने... Read more

मुक्तक

सरकारी अनुदान पर टिकी हुई जो संस्थाएँ हैं कम होती जा रही उन पर लोगों की आस्थाएँ हैं । बदहाल रख रखाव उदासीन ढुल मुल रवैया है लाप... Read more

चार लाइन

ज़िंदगी अपनी जैसे एल ई डी टीवी स्क्रीन है खुद तो काला मगर औरों के लिए रंगीन है । चैनेल कॉमेडी का यारों चेह्रे पर चला रक्खा है कह... Read more

आलाप

क्या ! हुजूर माई बाप ज़िंदा रहना ही है पाप । दान में देंगे मत अपना बस चिंता न करें आप। कृपया अन्यथा ना लें हैं ये आस्तीन के स... Read more

आज़ाद गज़ल

लगता है आपको बहुत लिख रहा हूँ आप क्या जाने किस कदर रिस रहा हूँ । पढ़कर रचनाएँ आपको हँसी आती है क्यों नहीं आपको चिन्तित दिख रहा ह... Read more

आज़ाद गज़ल

सोंचता हूँ कुछ देश सेवा कर लूँ लेकिन पहले अपनी जेब भर लूँ । भुख,गरीबी,बेरोजगारी कब न थी तो क्यूँ इलज़ाम अपने ही सर लूँ । वादे ... Read more

आज़ाद गज़ल

तेरे बाद किसी और से मुहब्बत न रही दिल किसी से लगाने की हिम्मत न रही । इस कदर बिखर गया मै टुट कर सनम खुद को फ़िर समेटने की ज़ूर्... Read more

आज़ाद गज़ल

कीमत मेरी कुछ भी,आपकी नज़र में नहीं क्योंकि कहता हूँ मैं गज़लें बहर में नहीं । खैर आप से नही कोई शिकवा ओ गिला मेरी गज़लें आती अरूज़... Read more

आज़ाद गज़ल

लौट आया हूँ कुछ दिनों के लिए अपने शहर में देखूँ कितना बदल गया हूँ मै लोगों की नज़र में । रास्ते ,गलियाँ, चौराहे,बाज़ार वगैरह सब व... Read more

आज़ाद गज़ल

गम छुपाना तुम्हें नहीं आता मुस्कुराना तुम्हें नहीं आता । बयां चेहरे से होती मायुसी है हाल छूपाना तुम्हें नहीं आता । आँखें में ... Read more

आज़ाद गज़ल

मंजिल सफ़र में नहीं आते रास्ते नज़र में नहीं आते । हौसला करूँ तो भला कैसे इरादे ज़बर मे नहीं आते । (ज़बर =मजबूती से,दृढ़ता) ... Read more

आज़ाद गज़ल

"पढ़ी रचनाएँ आप ने तो मेरा काम हो गया की आपने तारीफें तो मेरा नाम हो गया । अब मुझे मरने का भी कोई गम न होगा कुछ पल को सही दिल मे ... Read more

आज़ाद गज़ल

अच्छी सोंच को पनपने नहीं देंगे जुगनुओं को वो चमकने नहीं देंगे । पिलाएंगे जाम मद भरी नजरों से सितम ये है कि बहकने नहीं देंगे ।... Read more

आज़ाद गज़ल

इश्क़ सिर्फ़ पाना ही नही खोना भी है एक दूजे के लिए चुपचाप रोना भी है । सबकुछ हो जाए हासील,ज़रूरी है क्या ? कुछ चीजों के वास्ते मल... Read more

आज़ाद गज़ल

सेल्फ़ी से है कितना प्यार देखिए जां तक हैं देने को तैयार देखिए । चाहे कोई हो मौका या हो हादसा मोबाइल हाथों पे है सवार देखिए । र... Read more

आज़ाद गज़ल

बड़ी बेरहमी से जज्बात को दबाया मैने, दिल की हर इक बात को है छुपाया मैने । तू मेरे दर्द रही कितनी बेखबर, लेकिन , रुबरु तेरे हरपल मग... Read more

आज़ाद गज़ल

उम्मीद की सुराख़ को झरोखे में बदल देंगे हम अपने मुश्किलात को मौके में बदल देंगे । बस खुदा हमारे बुलंद हौसले महफूज़ रखना फ़िर क्या... Read more

आज़ाद गज़ल

क्या मिलेगा भला मुझे फरियाद कर के ! जब खुश हो खुदा ही बरबाद कर के । अब न लौटेंगे कभी इस गमे हयात में जा रहा हूँ मैं बदन को आज़ा... Read more

आज़ाद गज़ल

वफ़ात =death सोंचि हुई भला बात कहाँ होती है रोज रोज चांदनी रात कहाँ होती है । अब सिर्फ़ हाथ ही सब मिलातें हैं दिल में वो ... Read more

आज़ाद गज़ल

डर है उन्हें कहीं मशहूर हो न जाऊँ पहुँच से उनकी मै दूर हो न जाऊँ । पढ़ते हैं गज़ल वो ,मगर छूपकर फिक़्र हैं ,कहीं मगरूर हो न जाऊँ... Read more

आज़ाद गज़ल

मौत का मज़ा तो चखना पड़ेगा कर्म का फल तो भुगतना पड़ेगा । तोड़ना गर है दुनियाँ के रस्मो को जिगर फौलाद का रखना पड़ेगा । चाहते हैं... Read more

आज़ाद गज़ल

मुझे तुमसे मुहब्बत न थी, न है, न होगी खुद से ही वगावत ,न थी ,न है, न होगी । लाख करे कोशिश ये ज़माना मिटाने की मगर उसकी हैसियत न ... Read more

आज़ाद गज़ल

जितना आपने समझा उतना वफादार मै नहीं हूँ जो नेमत आपने बख्शा उसका हक़दार मै नहीं हूँ । एक पतझड़ का मौसम,एक सूखा हूआ पत्ता हूँ जो... Read more

गज़ल

आज भी तू वही की वही रह गई दोस्ती तो नही दुश्मनी रह गई यूँ तो सब कुछ है पाया,मगर देखले ज़िन्दगी मे तुम्हारी कमी रह गई । फूल... Read more

आज़ाद गज़ल

कुछ तो अच्छा रहने दो दिल को बच्चा रहनें दो बेहद शराफत ठिक नहीं कुछ तो लुच्चा रहने दो । आग,पानी ओ हवा जैसे खुद को सच्चा रहने... Read more

आज़ाद गज़ल

सपने टूटते हैं बड़ी खामोशी से अपने लूटते हैं बड़ी खामोशी से । ज़र,जोरू,ज़मीन की खातीर ही रिश्ते छूटते हैं बड़ी खामोशी से । जिनसे कर... Read more

आज़ाद गज़ल

खुदा की मुझ पर इनायत यही है करता कोई मुझसे नफरत नही है लाख दर्द मिले हैं दुनिया वालों से मुझे किसी से शिकायत नही है । किस... Read more