Surya Karan

Banswara

Joined July 2017

Govt.Teacher, poet &
Writer.

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मुक़द्दर

:- ग़ज़ल गुज़ार दी हमने उमर तन्हा इश्क़ उधर तो मैं इधर तन्हा मुक्कदर में वो हमसफर न था रात में रह गये अधर तन्हा तुमसे ... Read more

️पक्षी/ मोर🦃

🍁 घिरे है काले मेघा ,घन गरजे घनघोर । पंख पसारे नाच उठे, वन के सारे मोर । 🍁 विचलित है मन बावरा,याद आये चितचोर । जब-जब जंगल में... Read more

बेटियाँ 🦋🦋

बिटिया तेरा जन्मदिन ,लगता है यूँ खास सुन ली ऊपरवाले ने , सफल हुई अरदास जगत में पुत्री रत्न ही , बाँटती है प्रकाश बेटी पाकर पा ल... Read more

सड़क सुरक्षा

आओ सड़क नियम अपनाये... जन-जन में नव जागृति लाये दुर्घटना क्षति को कम करने सड़क सुरक्षा माह मनायें । जीवन बड़ा अनमोल है ... Read more

मुक्तक

खुदाया तूने उसको क्यों बड़ा संगदिल बनाया है। चक्षु को नीला और उसका बदन शीशा बनाया है। मुहबत में ये हसरत थी कि उसको आँखों से छ... Read more

मुक्तक

विधाता ने ये जीवन का बनाया खेल प्यारा है । कोई जीता मुहबत का तो कोई खेल हारा है। ना हो गमगीन ओ बन्देे,खुदा पे अब यकीं रख तू ... Read more

मुक्तक

ये दुनिया की रवायत है काग को बाज़ बतलाना । दान जर्रे सा करना और खुद को कर्ण बतलाना । मेरी सबसे गुज़ारिश है स्वार्थ के मोह से निक... Read more

मुक्तक

मैं जिनके इश्क़ में जिंदा हूँ उनको छोड़ आया हूँ। मैं अपने देश की रक्षा में रिश्ते तोड़ आया हूँ । गला ना पायेगी मुझको धवल ये बर्फ ... Read more

मुक्तक

सदायें सुन तो ले मेरी, मैं तुझको याद करता हूँ। मैं दश्तो-सहरा में गम की, दिन को रात करता हूँ। जमाना कह ले जो कहना, मुझे उसकी न... Read more

मुक्तक

प्रेम की सारी संज्ञाएँ तुम्हारे नाम कर दूँगा । मैं अपने इश्क़ में तुझको छलकता जाम कर दूंगा । खुमारी इश्क़ की मेरे तिरे सर चढ़ क... Read more

मुक्तक

अंधेरा हो भले कितना , न हिम्मत हार जाना तुम । उदासी हो भले कितनी , न हँसना भूल जाना तुम । सफर में जीत के अक्सर, बिछे काँटो क... Read more

हाइकु सरोज

🍁हाइकु -सरोज🍁 ***************** 🌷छोटी मुनिया माँ-बाबा ,बेटा, बीबी मेरी दुनिया 🌷सूर्य के घोड़े उजियाला करने ... Read more

🍁गरीबी

🍁गरीबी गरीबी कैसे लडू तुजसे ?? इस चकाचौंध के, बाजार में । तन्हा, अकेला नहीं हूँ, संसार में जरूरतें पूरी ही नहीं, हो पाती... Read more

🍁कलयुगी मानव

चल पड़ा कलयुगी मानव नए डगर पर , नए सफर की ओर । रिश्तों की उधेड़बुन में तैरता डूबता, लहरों सा तीव्र कभी रौद्र विकराल लिये आँध... Read more

बहुत कुछ बोलता हूँ ।।

लक्ष्य से भटकी हुई एक नाव सा । पतझड़ी वन में, मैं तरुवर ढ़ाक का शांत बेसुध, सा खड़ा हूँ। जिद्द जड़ों में आज भी है, शेष मेरे । पथ... Read more

?फासला

फासला दरम्यां बस इतना सा रह गया वो टूटकर गिरा में पेड़ पर ही रह गया माँ-बाप ने जो प्यार से सौंपी थी जागीरे आधा तेरे, आधा मेरे हि... Read more

"नारी" तू बड़ी महान है।?

गजब सी हे हस्ती तेरी बिन तेरे हर रिश्ता अनाम है। तू माँ, बहन, बेटी में, मौसी, मामी, पत्नी भी कितने ही तेरे नाम है । चरण पखारे ... Read more

जिनके लिए हमने फसादात छोड़े थे??

जिनके लिए हमने फसादात छोड़े थे चेहरे पर वो कई नक़ाब ओढ़े थे उल्फ़त में हमने कई अरमान जोड़ें थे उल्टे गिरे जमीं पे समझदार थोड़े थे... Read more

मजलूमों की,कबर

जिन्हें मुफ़लिसी की, ना ज़रा सी खबर चले मजलूमों की, आवाज़ बनने शहर दो वक्त की रोटी, ढूंढ़ें यहाँ बशर वायज़ खोलें है ; मज़हबों के घर ... Read more

?मेरा सफ़र

कुछ मैं कहूँ कुछ तुम सुनो ..... गुज़री जिनके ख़िदमत में उमर पीकर लफ़्ज़ों का कड़वा ज़हर गर्दिश में गुजरा बीता सफ़र आँसू पीकर रातों ... Read more

बड़ी नफ़रतें है दिलों में आजकल !!

बड़ी नफ़रतें है दिलों में आजकल !! मग़र दिलचस्प वाकया कुछ और ही है । जो असल परेशानी का सबब है ; उसे कोई नहीं जानता ? हैरत म... Read more

#नज़राना

बेमतलब की ये ; सारी दुनियादारी है । तेरे एहसान मुझपे , जिन्दगी से भारी है । जिन्दगी की शामें तेरे आँचल में गुज़ारी है नश्तर चुभो... Read more

"पाने की तलब है"

पाने की तलब है, न मुकद्दर में यकीं है मेरे कदम वहीं है ,जहाँ मेरी जमीं है। आँखों मे तिरे आज भी हया की नमीं है लगता है मुझे मेरी... Read more

"बंग महान" .....??

बंगाल सांप्रदायिक घटनाओं पर लिखी "हाइकु" रचना @@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@@ कटुता द्वेष मिटती मानवता बंग प्रदेश *********** ... Read more

"मैं भारत हूँ ।"

उबल रही ज्वाला उर में तुम शांति इसे ना मानो अनुयायी मैं तथागत का मुझको कायर ना जानो भू को निर्जन वन कर दूँ। मैं वो आँधी सघन... Read more

अँधेरा ही पायेगा

अमरनाथ यात्रा पर 10-7-2017 को हुवे आतंकी हमले पर जेहादियों को झकझोंरने वाली रचना । ********************************* अपने कर्मों... Read more

हाइकू

बंजारापन ले जायेगा मुझको तुमसे दूर ************* जल मछली तड़पे बिन पानी मेरी कहानी ************* उषा किरण इठलाती पवन मा... Read more

क़हर

क़हर जब बरपा ग़मों का , लड़खड़ा गया मुद्दत से ख़ुदा ने मुझे ; तुमसे मिला दिया रंज क्या है जो अग़र ,मिला ना तेरा संग तस्वीर को मैंने ... Read more

अब गांडीव उठाऊंगा

नहीं चाहता अहित हो , काल-कवलित हो नीतियों के कारण भार सह ना पाउँगा मृत्यु पर्यन्त !! दुर्भाग्य अहो !! तरकश निकालने पड़ेंगे स... Read more