Dr. ADITYA BHARTI

Tenganmada Bilaspur , Chhattisgarh

Joined November 2018

आदित्य कुमार भारती

मैं एक छोटे से गाँव(टेंगनमाड़ा)का रहने वाला युवक हूँ।मैं कोई कवि या गीतकार नहीं हूँ।किन्तु हृदय में विभिन्न प्रकार की भावना का जन्म प्रतिदिन, प्रतिपल परिस्थिति और स्थिति के अनुकूल होता है जिन्हें शब्दों में बांधने की प्रक्रिया का पालन करते हुए एक सृजन का प्राकट्य होता है और उसे पटल पर आपके समक्ष प्रस्तुत करता हूँ।
आशा है भावना से सरोकार हो।
और एक हृदय के उद्गार दूसरे हृदय तक सम्प्रेषित हो।ऐसी पुण्य कामना के साथ।
अभ्यास में सधकर निरंतर यहाँ हूँ रण में खड़ा
धैर्य धारण है तरकश में और साहस है मेरा बड़ा
सृजन की धरा पर उपस्थित हूँ लेकर अमृत का घड़ा
करें स्वीकार सहर्ष प्रणाम,अब आपसे मेरा सामना पड़ा
मैं आदित्य करता हूँ अभिनंदन जो आपने मुझको पढ़ा

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सफलता कभी अंतिम नहीं होती

जीवन के संघर्ष का मुस्कान से उत्तीर्ण करो हर कठिन इम्तिहान ध्वस्त करो पथ में जो आये चाहे जितना भी विकट व्यवधान समय से स्वयं ... Read more

चुनाव क्या है?

आप सभी को मेरा सादर प्रणाम, नमन, वंदन सब कुछ जय हिंद चलिए आप लोगों से अपनी बात प्रारंभ करता हूँ आशा करता हूँ कि आप भारत की इस भूम... Read more

अम्बेडकर तुम भीम हो।असीम हो।

अम्बेडकर एक कथा नहीं सजीव जान है भारत माँ का एक धूमिल परिधान है अम्बेडकर स्वयं भारत का संविधान है शोषण के विरुद्ध मुखर होता आह्वा... Read more

मेरा देश कितना बदलता जा रहा है।

मेरा देश चुनाव के चक्रव्यूह में फंसता जा रहा है नेता अपना मतलब साधता देखिए विकास बेचारा कितना बेबस बनता जा रहा है धर्म युद्ध प्रा... Read more

दौर-ए-इलेक्शन

दौर-ए-इलेक्शन में कहाँ कोई इंसान नजर आता है कोई हिन्दू, कोई दलित, कोई मुसलमान नजर आता है बीत जाता है जब इलाकों में इलेक्शन का दौर ... Read more

मौसम-ए-चुनाव

नमस्कार आप सभी को। बहुत दिन हुए आपसे बात नहीं हुई मैं एक बार फिर से उपस्थित हूँ आप सभी के मध्य शरीर के मध्य भाग से मन नहीं हृदय की ... Read more

मैं भी कितना मूर्ख हूँ?

भारत मेरा, आपका और हम सबका देश आइए एक साथ मिलकर जय हिन्द कहते हैं ऐसा करने से देशभक्ति की भावना को बल मिलता है और हम सच्चे देशभक... Read more

लोग मुझे पागल कहते हैं।

आप सभी के समक्ष एक कविता पेश है लोग तुम्हारे हसीन चहरे को खुबसूरत खिलता हुआ कमल कहते हैं मोहब्बत में जो मकबरा बना दे तो उसे ... Read more

एक चिंगारी से "आदित्य" बनाने आया हूँ

घट में मेरे प्राण रहे ना रहे तरकश में मेरे बाण रहे ना रहे हाथों में मेरे प्रमाण रहे ना रहे इस युद्धभूमि में कर्ण सा केवल अपना व... Read more

समस्या तू रंग बदलती है।

महान वैज्ञानिक अलबर्ट आइंस्टाइन का सिद्धांत है कि ऊर्जा ब्राह्मण में नष्ट नहीं होती है केवल उसका स्वरूप बदलता है।मैंने भी गहन विश्ले... Read more

राजनीति क्या है?

असंभव के विरुद्ध अनुशासन, अभ्यास, अनुभूति और अनुभव आधारित अलख स्वर्गीय कल्पेश याग्निक को अपनी प्रेरणा मानकर उनके प्रति मेरी श्रद... Read more

दिल की बात

मैं एक बार फिर उपस्थित हूँ आप सभी के मध्य अपने मन की बात रखने, नहीं, हृदय की बात रखने मन की बात तो मोदी जी रखते हैं।मैं मोदी जी की न... Read more

एक चौकीदार............जागते रहो

आप चाय वाले परधान रक्षक बनो,भक्षक बनो,चोर बनो या बनो चौकीदार हमने आपके हाथों में ही दी थी इस अखण्ड भारत की सरकार हम सबको देखना है ... Read more

भगत एक गाथा........ अभी जारी है

अपनी माँ के लिए इतना कोई रो नहीं सकता जिसे निज ध्यान हो इस देश का कभी वो सो नहीं सकता अमर है वो आत्मा जिसका अवमूल्यन आंका नहीं जात... Read more

भगत सिंह का आह्वान जन्मभूमि को

मेरा कुछ नहीं यहाँ सब कुछ तो तेरा है मेरा जीवन तो केवल यहाँ बसेरा है तेरी कृपाओं ने मुझे चारो ओर से घेरा है तू नहीं तो मेरे लिए फ... Read more

मुझे भी भगतसिंह बना दे

भगतसिंह की कहानी मेरी जुबानी आइए आपको इस सफ़र में ले के चलता हूँ और आपकी सोच में कुछ विचार बदलता हूँ इस यात्रा में कुछ तथ्य से पर... Read more

मानव से जल की बात

विश्व जल दिवस पर एक कविता जल ने हमको जीवन दिया है जल पर हमने कैसा किया है यह आघात यक्ष प्रश्न जल पूछ रहा है और खड़ा है मौन मानव... Read more

मैंने जो कलम उठाई है

राजनीति के इस भीषण रण में एक कविता भावना के कण-कण में सोच बदलती है जो हर क्षण-क्षण में स्वार्थयुक्त कार्य है मन के स्मरण में ... Read more

मौसम-ए-चुनाव

नमस्कार साथियों कैसे हैं सब कुशल और मंगल हम मंगल पर घर बनायें या ना बनायें किन्तु घर में मंगल को अवश्य स्थान दें। बहुत दिन से श... Read more

जल है तो कल है

विश्व जल दिवस पर आग के साथ कविता आप सब ने सुना होगा कहते हैं जल है तो जीवन है और अब जल संकट सबके सामने खड़ा है हमें ये समझ लेना ... Read more

जोगिरा सारा रा रा रा...........

होली की कविता अब तु ही बता ना कोई मेरी खता मेरा प्यार जता होली आई रंगों में डूबा त्यौहार लिए खुल गया खुशियों का पिटारा ज... Read more

मेरा मन होली बन जाये

सम्पूर्ण आपदा जल जाये होलिका की तीव्र आग में कोई कष्ट ना शेष रहे जीवन के व्यापक बाग में हर्ष से हर्ष का संगम हो दिव्य वातावरण के प... Read more

एक रंग ऐसा भी होली में

एक कविता विलंब वाली पर भावना की लिए मजबूत डाली आपका हृदय नहीं रहेगा खाली बजानी पड़ेगी आपको जरूर ताली इस होली में एक रंग मा... Read more

माँ एक लेख,सारी दुनिया ले देख

माँ पर लिखना इतना सहज और सरल नहीं है जितना हम सोच लेते हैं क्योंकि माँ शब्द को शब्दों के व्याकरण में तो बांधा जा सकता है लेकिन मा... Read more

मौत को गले लगाते हुए

एक कतरा ना बचा तन का साथियों इस वतन की जमीं को बचाते हुए याद रखना हमें तुस से है ये इल्तिजा कह रही है यही आखिरी सांस जाते हुए ... Read more

मेरा रंग दे बसंती चोला

यूंही भारत कब तक ऐसे ही सज्जन बनकर रहेगा सीधा और भोला और कितने शहीदों की शहादत के बाद भड़केगा देशभक्ति का शोला मुझे फिर याद आया मे... Read more

अब तिरंगा लहरायेगा

अमर शहीद की जुबानी स्वयं उसकी सच्ची कहानी देखिए, देश मेरा एक दिन मेरी जान लेकर ही जायेगा लेकिन शर्त ये है कि अब तिरंगा हर जगह प... Read more

हिंदी स्वयं मेरी माँ है

हिंदी तू भाषा नहीं मेरी ममतामयी मातृ के मृदु हृदय के समान है हिंदी यशस्वी भाषा के गीत का अनुपम, अलौकिक गुणगान है कालीदास का अभिज्ञ... Read more

पाकिस्तान तेरी खैर नहीं

कहाँ नेक है कायर पाकिस्तान जिसकी नजर में रहती आपकी गिरेबान करता आपको घड़ी-घड़ी हमेशा परेशान पूरी दुनिया भी गई है जान आप निंदा करो,... Read more

आज मैं इंकलाब हूँ

मैं देशभक्तों के लहू में सना हुआ सुर्ख आफताब हूँ आज मैं फिर मुखर हूँ, देखिए,आज मैं इंकलाब हूँ उन प्राणों का मोल नहीं जो मातृभूमि... Read more

मैं अटल हूँ

मैं अटल हूँ, हर युग में अविरल हूँ मानवीय गुणों से युक्त अत्यंत सरल हूँ नियति के इस काल चक्र में मृत्युलोक से मोक्ष के कुचक्र मे... Read more

प्रधानमंत्री को आह्वान,अब कुछ किजिए कृपा निधान

मैं भारत का रहने वाला भारत की बात बताता हूँ मैं कम बोलता हूँ आदरणीय मोदीजी से ज्यादा बोलवाता हूँ इस देश पर मुझे बड़ा गर्व है विभि... Read more

हिंदी तेजी जय हो!

इस अखिल ब्रह्मांड में हिंदी तेरी जय हो, सदा विजय हो तेरे विशाल गर्भ से नित नये आयाम का निज उदय हो भारत माँ के सदृश्य तेरा अनुगुं... Read more

ऐसी मेरीकॉम

जो स्वयं अपना परिचय अपनी प्रतिभा से बताती है ऐसी मेरीकॉम कई युगों में एक बार धरा पर आती है नारी शक्ति की व्याख्या जो आज हम सबको ... Read more

देखो मोबाईल रसिया

कलयुग में आया है मोबाईल का दौर जोरदार रसिया उसमें भी स्मार्टफोन है और भी मजेदार रसिया आज मोबाईल से है सबको मोह अपार रसिया संचार क... Read more

माँ पर्याप्त है व्याप्त है

ईश्वर के सृजन की कृतार्थ अनुकृति भगवान के स्वरूप की मात्र मूल प्रति ब्राह्मण की सर्वोच्च जागृति अखंड शक्ति अनुराग में लीन अनंत भा... Read more

माँ,एक व्याख्या सुनिए

माँ के असीम प्यार से बढ़कर दुनिया में कोई बड़ा नहीं होता और जिसकी माँ हो उसके सामने कोई संकट खड़ा नहीं होता माँ का आँचल, जैसे निर्म... Read more

माँ अमूल्य कृति

नौ महीने कोख में अपनी जिसने जिलाया है मुझे गर्भ में प्राण देकर अवचेतन से जगाया है मुझे प्रसव की पीड़ा उठा के इस दुनिया में लाया है ... Read more