मुझे इतिहास लिखना है

चलते-चलते तेरे और मेरे हुनर में फर्क बहुत है ऐ मेरे दोस्त, तुझे इतिहास पढ़ना है और मुझे इतिहास लिखना है। कवि अभिषेक पाण्डेय Read more

मै भूला दूं तुझे

मै भूला दूं तुझे बोलो कैसे पिया, मेरे तन -मन मे तु है समाया हुआ। क्या देखा कभी चांद की दुश्मनी रोशनी को अकेले मे रोते हुए, क्या... Read more

इश्क

किसी दिल से नहीं करना कभी औकात की बातें, जब रिश्ते टूट जाते हैं तो उन हसीं रात की बातें, इन दो लभो के दर्मियां जो भी गुफ्तगू हो जा... Read more