Abhishek Kumar Dubey

Giridih

Joined November 2017

Student of Diploma in computer science engineering at Govt.Polytechnic Dumka

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लिख दूँ

मैं अपना हर दिन तेरे नाम लिख दूँ। तेरे लिए अपनी दोपहर शाम लिख दूँ। अब कोई फिक्र न रहे मुझे दुनिया की मैं तुझे ही अपना हर काम ल... Read more

ऐसा हिंदुस्तान बनाते हैं

चलो आज मिलकर इस जग में एक नई अलख जगाते हैं थोड़ी कोशिश तुम करना और थोड़ी हम कर जाते हैं चलो आज हम अपने मन के सारे मैल मिटाते ह... Read more

यारी

यारा तेरी यारी छुटी अब तुम मेरे पास नहीं विरह वेदना की मेरी शायद तुझको अहसास नहीं मालुम कहाँ अब तेरे बिना क्या हश्र मेरा होना ... Read more

काश मैं भी

काश मैं भी होता एक पंछी उड़ता फिरता निल गगन में हवा के संग संग बाते करता खुश होता मैं अंतर मन में काश मैं भी होता एक भँ-वरा... Read more

अँखियों की भाषा

काश हमें भी समझ में आती थोड़ी अँखियों की भाषा हम भी उनसे कह पाते अँखियों से अपने मन की अभिलाषा मन की मृगतृष्णा में उलझकर हम ... Read more