Abhi

Joined July 2017

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समर्थन विरोध

Abhi कविता Apr 17, 2018
समथर्न और विरोध के पेंच में फसे हम दूरदर्शिता हो रही है ख़तम क्या गलत है या कमी शायद जानता आदमी फिर भी वह विरोध करता या समर्थन... Read more

उतावला उन्माद

Abhi कविता Apr 17, 2018
चैन अमन बना क्या रहे मेरे देश में? क्योंकि कोई नहीं है यहां होश में... हर कोई आवेश में, जोश में तैश में। समझेगा कौन क्या..? है ... Read more

गलत सही

दो गलत मिलाकर सही क्यों बनाने में तुले हैं लोग..? क्या इनकी फ़ितरत एक है या फिर मिले जुले हैं लोग..? ~अभिषेक Read more