Abhinav Saxena

Joined October 2016

मैं कोई लेखक नहीँ हूँ साधारण सी बात कहने वाला एक आम इंसान हूँ।।

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बदलता वक़्त

बदलते वक्त का शेर है कि, अच्छा या बुरा वक्त आता है बदल जाने के लिए इंसान को इंसानी फितरत याद दिलाने के लिये। वक़्त आता है अ... Read more

मतला और कुछ शेर

जब उन्हें इश्क़ न हुआ तो हमने बहाना कर लिया, अपनी तरफ उन्हें छोड़कर सारा जमाना कर लिया। आंसू खुशी के किस्मत में हैं ही नहीं ये स... Read more

मतला और एक शेर

आसमानों के ऊपर भी कहीं कुछ जमीं है क्या, तुम्हारी आँखों में अब तक वही नमीं है क्या। फुरसत के पलों में आज हमने ये सोंच ही लिया ... Read more

नाकाम ग़ज़ल के कुछ शेर

सन्नाटों भरी ये रात भी है यादों वाली बरसात भी है। नफ़रत करने वाले सैकड़ों है इश्क़ कर सको तो बात भी है। मैंने एक निगाह से दे... Read more

सुबह का आगमन-नज़्म

एक नज़्म हुई है.. एक और नया दिन मगर फिर तेरे बिन रात कटी है करवटों में आधी तो चांद तारे गिन। थोड़ा शोर मचा था बस्ती में दे... Read more

सड़क छाप पत्रकार

प्यारे दद्दू, हम हियाँ एकदम ठीक हैं। घर से चलते बखत आप हमसे बोले थे कि बेटा वैज्ञानिक बन जाना, टीचर बन जाना, अधिकारी बन जाना, डाक... Read more

सच्चा देशभक्त (कहानी)

सच्चा देशभक्त बिंदु जरा देख दिए सुख गए होंगे एक बोरे में भरकर रख दे शाम को ईंधन लाऊंगा तब पकाने रख देना। कुम्हार श्यामू ने अपनी ब... Read more