उज्ज्वल दास

Bokaro Steel City

Joined July 2020

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इंसान

किस कदर बेहोश है इंसान बुद्धिमत्ता किधर गई, पुतला जला कर सोचते है जो बुराई मर गई....!! ✍️उज... Read more

बदलाव - एक प्रेरणादायक लघुकथा

एक समय की बात है, एक शहर में एक मशहूर मूर्तिकार रहा करता था। उसके मूर्ति का पूरे इलाके के साथ-साथ पूरे देश भर में चर्चा होती थी, क्य... Read more

वो रात

बातों बातों में जो ढली होगी, वो रात कितनी मनचली होगी..! तेरी सिरहाने याद भी मेरी, रात भर शम्मा-सी जली होगी...!! जिससे निकला ह... Read more

लक्ष्य मेरा

लक्ष्य मेरा कह रहा मुझसे, लक्ष्य तेरा दूर है तुझसे कहता है मेरी ओर चल दे...! तू थक नही ,तू रुक नही यू नदियों जैसा बहता चल मुश्... Read more

हमारा बचपन

झूठ बोलते थे फिर भी कितने सच्चे थे हम, ये उन दिनों की बात है जब बच्चे थे हम..! बचपन वाला इतवार अब आता नही, गांवो में अब वो खेल द... Read more

अनकही बातें

न जाने कितनी अनकही बातें साथ ले जायेंगे...? लोग झूठ कहते हैं कि, खाली हाथ आये हैं , खाली हाथ जायेंगे..!! जो सच है, उसे स्वीकार ... Read more