ABHISHEK SHARMA

Joined December 2016

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कल्पना

----------------------------- कल्पना से बनी एक चिड़िया रानी है। लिखी किताबों मे सुन्दर सी कहानी है। पढ़ लिये कुछ पन्ने और थोड़े है... Read more

बीत गई वो घडी

समय के अनुरूप अपनी है कहानी मौसम की देखो कैसी है मनमानी कोहरे की चादर में सिमटा उजाला ठंड में ठिठुरती ये रातें है अनजानी शांत... Read more

प्रकृति माँ

____________________ सारे जग की एक ही सच्चाई है बिन माँ ज़िन्दगी भी पराई है राहो से नही भटकुँगा कभी में साथ हर पल माँ तेरी परछा... Read more

बिटिया

बिटिया को खूब पढ़ाया है जीवन को जीना सिखाया है उसे कैसे नम आँखे दिखाऊँ यह सोच के दिल घबराया है नटखट सी है वो मेरी गुड़िया ... Read more

साइकिल की सवारी

--------------------------- देखो कैसी ये साइकिल की सवारी है दो पहियों मे अब न वो साझेदारी है सीट नयी पर गति वही है पुरानी जैसे म... Read more

सवेरा

नये वर्ष का एक नया सफर है बीते गम अब खुशियों की लहर है अपनो के दिलों मे प्यार का पहरा जीवन के रंगों का हर रंग सुनहरा चमक रोशनी क... Read more

गुल्लक

" गुल्लक " बन्द देह की गुल्लक में अपनी काया है छोडो दौलत का मोह झूठी यह माया है हसरतों से उपर के सपने होते है झूठे लालच से उत्... Read more

सुखद पल

नीला अमर महकती बगिया सुखद पल बहता पानी नदिया के किनारे सुखद पल चाँद सूरज धरती के पहरे सुखद पल ईश्वर भक्ति मन ... Read more

किस्‍मत

अद्भुत मन भावन सा नजारा देखा मचलती लहरों का किनारा देखा मन की हर कली जैसे खिल गई का आज वो सहारा देखा ___________अभिषेक शर्मा अभि Read more

जीवन पथ

************************ जीवन पथ संभल मुसाफिर बदली दिशा --- शीत लहर कोहरे का जहर दूषित वायु --- भक्‍ति सागर परंपरा पुरानी ... Read more

नया सवेरा

अर्जन है तू इस रण का धर्म के अपने शस्‍त्र को थाम बीता काले युग का अंधेरा अब नया सवेरा न्‍याय का मुकाम भ्रष्टाचार और बढ़ती ला... Read more