दहेज़ एक अभिशाप

मैं करुण वंदना करता हूँ ऐ प्रभु इसे स्वीकार करो सृजनकर्ता खतरे में है अब थोड़ा सा उपकार करो नाहक में मेरी बहना जो हर रोज जलाई जाती ... Read more