Aarti Ayachit

भोपाल

Joined November 2018

मुझे कहानी, कविता एवं लेख लिखने का बहुत शौक है । मैं नवोदय विद्यालय समिति , क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल की पूर्व कर्मचारी रही हूं । हिन्दी भाषा की अस्मिता को बनाए रखने के लिए जीवन में प्रयासरत हूं ।

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गीत-संगीत में रूचि #100 शब्दों की कहानी#

छोटा राहुल कक्षा में गुमसुम बैठा था, लंच में रिया और रमेश ने कारण पूछा, जो दूसरी कक्षा में पढ़ते, लेकिन ठहरे पक्के दोस्त । पता चला,... Read more

किताबें सच्ची दोस्त #100 शब्दों की कहानी#

विद्यालय में विद्यार्थियों को शिक्षिका द्वारा सामाजिक-विज्ञान के प्रयोग, परियोजना, उनसे संबंधित किताबें, साथ ही विख्यात लेखकों द्वार... Read more

पर्यावरण संरक्षण (संक्षिप्त कहानी)

बिट्टु स्कूल से आया और आते ही अपने दादा से कहने लगा "आज मालूम दादू हम बच्चों को शिक्षिका एक बगीचे में ले गयी" और पर्यावरण के संबंध म... Read more

"अनमोल संस्कार" 100 शब्दों की कहानी

"थैक्यूमां" ज़िंदगी के हर सुख-दुख के पलों में तेरी ही दी हुई सीख व संस्कार को सार्थक रूप देते हुए ही जीवन में आगे बढ़ रही हूं । मुझ... Read more

मनोरम केसरी-हवामहल #100 शब्दों की कहानी#

ऑफिस में वेंकटेशजी कार्यरत थे, घूमने- फिरने के इतने शौकीन कि पूछो मत । वे ऑफिस के काम से बाहर कहीं जाते, फिर वहां की प्रसिद्धि अवश... Read more

मशाल जीत की (कविता)

आदि मानव से नवचेतना के हाथ नित नये आविष्कारों के साथ देश हमारा चल पड़ा है खोज में नये अनुसंधान की महिलाएं भी पुरुषो... Read more

"मैं मेरी मां जैसी" (कविता)

ममता रूपी छबि मां की कभी भुलाई नहीं जाती तेरे भोलेपन की मीठी कसक दिल की गहराइयों में समाई रहती तकलीफ किसी की भी उससे देखी न... Read more

अपना हाथ जगन्नाथ (कविता)

इन हाथों की किमत उस मजदूर से ज्यादा कौन समझ सकता है जो दो वक्त की रोटी के लिए ईंटे ढोकर, कोयले की खदान में मेहनत कर रोजी-रोटी कम... Read more

सुकूनभरी अंगीठी (कविता)

बिना कौतूहल शोरगुल के गांव की बिंदास जिंदगी का आनंद ही कुछ और है दोस्तों ठंड के खुशनुमा मौसम में अंगीठी पर मां के साथ हा... Read more

एक मुट्ठी आसमान (कविता)

हे अपना दिल तो छोटा सा वो जाता कहा फिर न जाने तलाशें क्यों वो ऊंचा जहां रहने को तो चाहिए एक मुट्ठी आसमान मन में रख सदा आशा ... Read more

बंद दरवाजे का रहस्य (कहानी)

हम काफी दिनों से सोच ही रहे थे, कि आखिर इस बंद दरवाजे का रहस्य क्या है ? बाद में पता चला कि रितु आती है कॉलोनी में , रोज वो दरवाजा ख... Read more

मानव का नवजीवन (कविता)

छोटे बच्चे का मां की गोद में होता है आगमन पिता के कांधे पर बैठे देखता वह जहान है दुनिया में हर माता-पिता को सदा ही नमन है ध... Read more

प्यार के रंग बिखेरो (कविता)

जिंदगी में हमेशा हर रिश्ते के संग मनोरम प्यार से दिलों में भरो रंग जिस भी महफ़िल में रखो कदम अपनी मुस्कान को बिखेरो हरदम ... Read more

खुशनुमा पल #100 शब्दों की कहानी#

मुझे याद है आज भी वो दिन जब डॉक्टर ने तीसरी बार हार्निया की सर्जरी के लिए जनवरी की तारीख तय कर दी और कॉलोनी में हमारे, 31-दिसंबर को ... Read more

यादगार हवाई यात्रा # 100 शब्दों की कहानी#

कोई भी चीज जब पहली बार होती है तो उसका उत्साह अलग ही होता है और विशेषकर बच्चों को । स्कूल की छुट्टियां कम होने के कारण समय बचाने की ... Read more

विचारधारा-नवनिहाल

एक स्कूल-बस में ड्राईवर बच्चों को बिठाकर स्कूल से रवाना हुआ, इतने में यश बोला, अमोल तो छूट गया । ड्राईवर ने बस को रिवर्स लिया, अमो... Read more

सोच ( विचारधारा)

मानव के कर्म ही उसके विचारों की सर्वश्रेष्‍ठ आख्‍या है । जो चाहे वह मिल जाए तो यह सफलता है लेकिन जो मिले उसे चाहना ही प्रसन्‍न... Read more

काश ऐसा होता

जी हां पाठको एक बार फिर हाजिर हूं अपने कुछ महत्‍वपूर्ण विचारों को लेकर इस लेख के माध्‍यम से, आशा है कि आप जरूर सहमत होंगे । ... Read more

यह समय-समय की बात है #100 शब्दों की कविता#

यह-समय-समय की है बात भाषा मराठी हो या हिंदी लिखी जातीं चिट्ठियां रहता हरसमय आने का इंतजार इस युग में एसएमएस व्हाटसप ईमेल क... Read more

इंसानियत # 100 शब्दों की कहानी #

रोजाना की तरह मनोज ऑफिस समय पर पहुंचने के लिए निकला ही था, रास्ते में एक भीषण सड़क-दुर्घटना में दो लोग भयंकर रूप से घायल-अवस्था में... Read more

समय-प्रबंधन #100 शब्दों की कहानी#

मेरे चाचाजी का टुरिंग जॉब होने के कारण व्यस्तता के चलते वे न घर की तरफ ध्यान दे पाते, न ही चाची और तीन बेटियों की परवरिश पर । चाची भ... Read more

गर्मी की छुट्टियों में अपने बच्चों को देख लेने दो खुला आसमान

जी हां पाठकों, आपके बच्‍चों की वार्षिक परीक्षा के बाद सालाना छुट्टियां करीब हैं और आप हमेशा की ही तरह मशरूफ होंगे, बच्‍चों की फुर्स... Read more

पिया के हाथ की चाय (लघु कविता)

# कविता # पिया के हाथ की चाय सुबह हो गई हाय मोहे मन भाय गरम-गरम एक प्याली पिया के हाथ की चाय इस चाय में है वो जादू... Read more

"धैर्य एवं संयम का बांध" (लघुकथा )

आज फिर से तुम देर से कार्यालय आ रही हो वर्षा, अधिकारी ने वर्षा से डांटकर कहा । तुम्हें मालूम नहीं है ?? कितना सारा कार्य पूर्ण करना ... Read more

वास्तविकता क्यों नहीं दिखाते ? #100 शब्दों की कहानी#

मैं ऑफिस में विद्यालयों से प्राप्त शिकायतों के संबंध में जांचोपरांत उच्च-अधिकारी द्वारा दिये गए निर्देशानुसार मुख्यालय को भेजने हेत... Read more

मन ( विचार सागर )

मन के हारे हार है मन के जीते जीत अपने मन को खुश रखिए सदैव सफलता हासिल किजीए Read more

राजा को मिली लाभदायक उचित सलाह

राजा को मिली लाभदायक उचित सलाह जी हां, पाठकों जो कहानी बचपन में दादी-नानी से सुनी है, उसे अपने शब्‍द रूपी माला में पिरोते ह... Read more

सुकूनभरी चाय #100 शब्दों की कहानी#

मेरे पिताजी घर पर गिरने के कारण पैर में फ्रेक्चर होकर हड्डी ओवरलेप हो गयी, डॉक्टर ने तुरंत ही सर्जरी की सलाह दी । इससे पहले कि हम ब... Read more

विचार मंथन

जो बीत गया, वह अवशेष हो गया, जो आएगा वह शेष है, परंतु जो आज है, अभी है, वही विशेष है Read more

मानसिक क्षमता के विकास हेतु जरूरी है मस्तिष्‍क की जिमिंग

जी हां पाठको, मैं आपको यह बताना चाहती हूं कि स्‍वस्‍थ मन का स्‍वस्‍थ शरीर पर सीधा असर पड़ता है । मन को जकड़ते रोगो के वर्तमान दौर मे... Read more

खुशियों के लिए अच्छी नई शुरूआत # 100 शब्दों की कहानी#

गुड़ीपड़वा के दिन मां ने कहा हम कोई भी शुभ काम करने से पहले पूजा-पाठ करके ईश्वर से उस काम के सफल होने की प्रार्थना करते हैं. तुम्हें... Read more

खुशियों की नयी शुरूआत का आगाज़ #100 शब्दों की कहानी#

प्रभा के चले जाने से अशोक अकेले हो गए , उनकी नौकरी दूसरी जगह थी । दोनों बेटों की शादी रचा दी थी, बस चिंता थी, बेटी रचना की शादी क... Read more

आत्म-विश्वास, आत्म-सम्मान व आत्म-अनुशासन से सब कुछ हासिल # हौसले की उड़ान#

जी हां पाठकों मैं आज आपको ऐसी कहानी से वाकिफ करा रही हूं जो आपकेे हौसले की उडान को भी और बुलंद कर देगी । कहानी सच्‍ची घटना पर आधारि‍... Read more

मां की दी हुई सीख #100 शब्दों की कहानी#

हम जब छोटे थे, तब ब्लॉक में सभी पड़ोसी एक-परिवार जैसे ही रहते थे । पड़ोस में एक आंटी अकेली रहती, पढ़ाती वे सरकारी स्कूल में । बे... Read more

सावधान रहना आवश्‍यक #100 शब्‍दों की कहानी #

मुुुझे कार्यालय की तरफ से प्र‍शिक्षण हेतु मेरी सहेली सुषमा के साथ चेन्‍नई जाना पडा । हम लोग पहली बार ही जा रहे थे, इसलिये इतना अनु... Read more

एक ही स्थान पर संवर रही है बच्चों एवं महिलाओं की जिंदगी

जी हां पाठकों, मैं फिर हाजिर हूं, एक नये ब्लॉग के साथ, जिसके माध्यम से मैं आपको अवगत कराना चाहती हूं कि आज के इस तकनीकी युग में व्यस... Read more

वो अनमोल पल नवोदय के (कविता)

वो अनमोल पल नवोदय की नौकरी के सदा ही समाये रहेंगे मेरे ज़हन में रूह भी झुठला नहीं सकतीं है मेरे भावपूर्ण कथन को इसकी नींव को ग... Read more

दोस्ती है अनमोल. #100 शब्दों की कहानी#

मोहन ने उच्च- स्तरीय-अध्ययन हेतु विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया । गांव से मां भी आई । पहले ही दिन विश्वविद्यालय में उसके साथ पुलिस-... Read more

भाषा ही अनमोल #100 शब्दों की कहानी#

मातृभाषा संस्कृति की संवाहक है, जिसे ध्वनि ऊर्जा के माध्यम से शब्द रूप में ग्रहण किया गया, शब्द ब्रह्म, मनुष्यता को उच्चतम विकास तक ... Read more

अचरज-अनमोल-उपहार #100 शब्दों की कहानी#

दिपावली का त्यौहार हर साल इंदौर में मनाया जाता, पूजनीय दादी, माता-पिता, तीनों चाचा-चाची, इकलौती अविवाहित बुआ, हम आठ बहनों में एक अ... Read more

खुशियों की सौगात #100 शब्दों की कहानी#

हमारी सगाई के बाद जैसे-जैसे शादी का समय निकट आ रहा था, वैसे-वैसे पिया-प्रेम के गहरे रंग की सतरंगी छटा अनोखे अंदाज में रंगभरी फुहारो... Read more

जीवन के रंग #100 शब्दों की कहानी#

रंगबिरंगा त्यौहार मनाने की उत्सुकता सबसे ज्यादा छोटे बच्चों को रहती है । रंगों से सराबोर माहोल में छोटी सी पूजा को भी रंगभरी पिचकारी... Read more

होली  की  फुहारों के संग एक सगाई का रंग ऐसा भी

"अरे भाभी! थोड़ा जल्दी भी करो , हो गयी न तैयारी सब सगाई की? सुभाष अपनी निशा भाभी से बोल रहा था "। "अरे देवर जी! हो गई समझो, तैय... Read more

नारी तेरी सदैव ही परीक्षा (महिला दिवस पर विशेष "कविता")

सभी नारियों के जीवन पर आधारित कविता दूर गगन की छांव में रह गया मेरा गांव हरे भरे लहलहाते खेत पिंपल की छांव बाबुल ब्याह... Read more

मां की सीख एवं संस्कार (महिला दिवस पर विशेष "कहानी")

छोटी सी मुन्नी आज फिर उदास मन लेकर स्कूल जा रही थी । मां ने कहा," नाश्ता करके ही जा बेटी", मुन्नी खाली पेट बिल्कुल मत जाना कभी । मुन... Read more

सपनों में जीवित हो दादी #100 शब्दों की कहानी#

"दादी भले ही, तुम इस दुनिया में नहीं हो", लेकिन कैसे अपने जीवनकाल में हर कदम पर संघर्ष कर, पांचों बच्चों की परवरिश पूरी हिम्मत के ... Read more

जिंदगी की प्रताड़ना से बाहर निकलना आवश्यक (महिला दिवस पर विशेष "कविता")

हे आज की नारी, है सब पर भारी, तु बाहर निकलने की कोशिश तो कर, जिंदगी की दास्तांभरी प्रताड़ना को तोड़कर, होममेकर कहते तुझे, उ... Read more

अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाना आवश्यक (महिला दिवस पर विशेष

"क्षमा सहमी घबरायी हुई घर आई" आते ही मां ने पूछा क्या हुआ बेटी ? आज स्कूल से आने में देर क्यों हुई ? क्षमा ने बताया" आज न मां हम सभी... Read more

बुलंद हौसलों को मिले सहायता (महिला दिवस पर विशेष "कहानी")

ज्योति गुमसुम सी कक्षा में बैठी सोच रही, मुझे क्रिकेट में रूचि होते हुए भी पापा खेलने से रोकते हैं , गांव में पढ़ रही तो क्या हुआ? म... Read more

हिंद देश की जय भारती (महिला दिवस पर विशेष "कविता")

आज गाँव की हर लड़की देख रही सपना पुलिस की ट्रेनिंग लेकर देश में नाम करें अपना प्रयास करेंगे हम अपने दम पर दिखा देंगे दुनिया को ... Read more