Aarti Ayachit

भोपाल

Joined November 2018

मुझे लेख, कविता एवं कहानी लिखने और साथ ही पढ़ने का बहुत शौक है । मैं नवोदय विद्यालय समिति, क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल ( केन्द्रीय सरकार के अधीन कार्यरत एक स्वायत्त शासी संस्थान) की पूर्व कर्मचारी रही हूं । कार्यालयीन अवधि में हिन्दी दिवस के अवसर पर हिन्दी पखवाड़ा के तहत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं जैसे निबंध, भाषण, वाद विवाद एवं कविता पाठ में हिन्दी अधिकारी एवं उपायुक्त महोदय द्वारा पुरस्कृत भी किया जा चुका है । एकता की जान है हिन्दी , भारत देश की अस्मिता है हिन्दी । हिन्दी दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए साहित्य पीड़िया समूह पर अपनी लेखनी के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत करने का एक छोटा सा प्रयास कर रही हूं । सेवा में धन्यवाद प्रस्तुति ।

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"कालचक्र का बहाव" (लघुकथा)

शीर्षक :- "कालचक्र का बहाव" जी हां साथियों इस कालचक्र के घेरे को कौन समझ पाया है भला ? भूतकाल, वर्तमानकाल और भविष्‍यकाल इनके घे... Read more

"आशीर्वाद पिता का" (संक्षिप्त कहानी)

फोरसेप से डिलीवरी हुई घनश्याम की पत्नी सुनंदा की, "सुंदर लक्ष्मी घर आई", पर दिव्यांग, दिमाग विकसित नहीं हुआ था उसका । ड्राइवर की ... Read more

"ज्ञानरूपी संगिनी" "संक्षिप्त कहानी"

हिंदी साहित्य-संगोष्ठी आयोजन में शामिल होने का प्रथम बार अवसर मिला तो मेरा साहित्य-प्रेम वहां जाने से मुझे न रोक पाया। विख्यात ले... Read more

"नई दिशा" #50 शब्दों की कहानी#

अनाथाश्रम पहूंची गीता से पूछा, आप बेटे या बेटी में किसे अपनाएंगी ? सोच रही "किस तरह आया की नौ महीने की मासुम के साथ मजदूर ने मुं... Read more

"बकेट-लिस्ट" (संक्षिप्त कहानी)

बरसों चिकित्सकीय उपचार के पश्चात भी रूबिना मां नहीं बनीं तो रफीक ने तलाक देकर दूसरा निकाह सलिमा से किया । रूबिना ने भी जीते जी ह... Read more

"सिल्वर जुबली" #100 शब्दों की कहानी#

कुल्लु-मनाली की हंसी वादियों में खो जाने का दिल करता मेरा रवि । हां मोनिका शादी की रस्में, मेहमानों की आवाजाही, कंपनी में अवकाश हे... Read more

"इंटरनेट की दुनिया में कहीं खो न जाए परिवार आपका "(लघुकथा)

सुबह-सुबह दादाजी कॉलोनी के बगीचे में टहलने जाते हैं और आते समय एक बाईक जिस पर तीन-चार दोस्‍त सवार थे, वे दादाजी को टक्‍कर मारकर चल ... Read more

"आत्मरक्षा की अलख जगाई" #100 शब्दों की कहानी#

रिया पहली बार मां को लेकर गई मुंबई दर्शन कराने और वैसे भी सुरभी बुला रही थी, पर जैसे ही मुंबई सेंट्रल रेल्वे स्टेशन पहुंचकर टेक्सी म... Read more

"हे प्रार्थना यही" # 100 शब्दों की कहानी#

"हे प्रार्थना यही" जिंदगी की विषम परिस्थितियों से गुजरने के बाद सितंबर 2018 से इस मंच पर मैंने हिंदी और मराठी दोनों ही भाषाओं मे... Read more

"सच्चा प्यार" #100 शब्दों की कहानी#

"सच्चा प्यार" सच्चा प्यार ही तो किया था पूजा ने शिक्षक जोसेफ से और प्यारी सी गुड़िया के साथ जिंदगी बसर हो रही थी, पर दोनों के ब... Read more

"सुहागन" #हिंदी कविता"

शीर्षक -"सुहागन" पिया तोसे कैसे कहूं मैं मन की बात साथ तेरे जिंदगी की धूप-छांव में बह रही हूं मैं करती हूं सदा तेरी ही... Read more

"कोशिशें कामयाब" #100 शब्दों की कहानी#

अभी कुछ दिन और रूक जाती बेटी तान्या, सुमेद को हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हुए एक महिना भी नहीं हुआ । रोको मत मां, ममता के आंचल में... Read more

"हीरे की अंगूठी" #50 शब्दों की कहानी"

शेखर का सपना था,शादी करेगा तो रीना से ही । इसलिए वह शहर गया नौकरी की तलाश में,पर जब गांव लौटा तो मां ने कहा, "रीना को कोई और ब्... Read more

"मकसद साकार किया" #100 शब्दों की कहानी#

यह तो सर्वविदित है, हम सबका इस दुनिया में आने का एक मकसद है, बस जीवंत रूप हर किसी के लिए पृथक होने के कारण उसकी सार्थकता हेतु प्रयास... Read more

"हौसला रखना आवश्यक" #100 शब्दों की कहानी"

नीती गर्भवती होने के बावजूद भी सहायक पद परीक्षा हेतु आखिरी मौका गंवाना नहीं चाहती थी, सो बेटी को पति के पास छोड़कर पहली बार मां संग ... Read more

"प्रज्वलित प्रकाश" #50 शब्दों की कहानी#

एक नज़र देखते ही बिस्तर की सिलवटों को हम ठीक कर देते हैं बेटा सुयश, लेकिन मन के विचारों में डूबी सोच की सिलवटों को कभी गहरी मत होने... Read more

#सकारात्मक ऊर्जा" #100 शब्दों की कहानी#

2005 में हम सासुमां को हार्ट बाईपास सर्जरी हेतु अपोलो अस्पताल लेकर पहुंचे, समस्त औपचारिकताओं को पूर्ण करने के पश्चात जैसे-जैसे तिथि ... Read more

", दादाजी चले पोते-संग बगिया" #100 शब्दों की कहानी#

तमाम उपायों के पश्चात शादी के दस साल बाद भी प्रदीप और ज्योति की जीवन बगिया कोई एक गुलाब खिलने से वंचित रह गई, पर वे पिताजी की सेवा ... Read more

"परिवार की धुरी" #100 शब्दों की कहानी#

हम शुरुआत से ही नौकरीपेशा, सास-ससुर संग रहने के साथ ही बड़े होने के नाते जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते । पहले कभी बीमार हुए ही नहीं... Read more

"सिसकियां"

1.जिंदगी की रेखाओं में उलझी सिसकियों का मोल नहीं वह अदृश्य ही रहती हैं 2.इनकी आहट को संवेदना से सींचते हुए ... Read more

"ईश्वरीय-रूप" #100 शब्दों की कहानी"

स्नातक पूर्ण होने के बाद नीता स्नातकोत्तर के अध्ययन के साथ बैंक की प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु प्रयासरत थी ताकि पिताजी के रिटायरमेंट के... Read more

"सतरंगी रंग" #50 शब्दों की कहानी#

स्वास्थ्य समस्या के चलते घर,ऑफिस की जिम्मेदारियों को निभाते हुए जुही की अपरिहार्य स्थितियों में एकाएकी नौकरी छूटने पर उसे वह पल को... Read more

"समर्पित हिंदी दिवस"

'सिर्फ एक ही दिन हिंदी दिवस मनाते हैं फिर साल भर लोग अंग्रेज़ी गुनगुनाते हैं' कोशिश करें हम अमर रहे राजभाषा सबके मन में हो एक ह... Read more

"आरंभ नवीन जिंदगी का"

अमर सुनो बेटा तुम्‍हें बहु सीमा को लेकर जाना है अमेरिका तो जाओ बेटा मैं रोकूँगी नहीं पर हां जब तक तेरे बाबुजी की तबियत नासाज रहने लग... Read more

"अलौकिक पहचान" #100 शब्दों की कहानी#

शुरूआत से शिक्षा दी गई माता-पिता द्वारा सीता-गीता को, चलीं उसी राह, मुश्किलों को पारकर नौकरी की मंजिल पर पहूंचने तक कर दी गई सीता क... Read more

"ईश्वर का वास" #50 शब्दों की कहानी#

अरे बहना हर साल भाई-बहन के प्रेम-स्नेह प्रतीक रक्षाबंधन का त्यौहार मनाते हैं, फिर मेरा दिल कचोटता है, कैसी दरिंदगी करते हैं,चार माह... Read more

"महत्वपूर्ण यादगार लम्हा" (हिंदी दिवस) #100 शब्दों की कहानी#

मेरा नौकरी का सफर शुरू हुआ ही था, उपायुक्त द्वारा विद्यालय-प्रशासन, आरटीआई एवं राजभाषा हिंदी का कार्य सौंपा, कहा आप हिंदी में यह कार... Read more

#जियोअपनेसपने "मां का सपना" #100 शब्दों की कहानी#

पति की मृत्यु जल्दी हो जाने के कारण टूट ही गई अनुभा, बेटे-बेटी की जिम्मेदारी भी अब उस पर आ गई । परिवार की सबसे छोटी बहु थी, पर सभी र... Read more

"साहसिक कदम" #100 शब्दों की कहानी#

विभा को खेतों से जाते समय रोज चेहरा पिले कपड़े से छिपाकर जाना पड़ता, पुलिस मुजरिम को पहचानने के लिए ले जाती उसे । कसुर ही क्या था उस... Read more

"सफल परिणाम" #50 शब्दों की कहानी"

सरलाजी ने समस्त जिम्मेदारियों को निभाते हुए अध्यापिका होने के नाते विद्यार्थियों को बखूबी अध्यापन कराने के साथ साहित्य-लेखन को बरकरा... Read more

"आशा की किरण" #100 शब्दों की कहानी#

सुशील पढ़ाई में पहले से ही होनहार, सब उसकी तारीफ करते, कड़ी मेहनत कर वह प्रतिवर्ष अव्वल नंबरों से उत्तीर्ण होता । इस बार बारहवी बोर्... Read more

"मैं हमेशा खुश रहती हूं" (कहानी)

कैसी हो वीणा? ऐसी शांत बैठी हो। नहीं मधु , पति से कहा कि यदि आप जीवन में सब कुछ देखते हैं, और महसूस करते हैं कि इस दुनिया में आपको... Read more

"सपनों की उड़ान" #100 शब्दों की कहानी#

जम्मु में मैकेनिकल विभाग के जवान विपिन की सड़क हादसे में हुई मौत की खबर से रमा सात माह की वेदिका को गोद में लिए बदहवास सी हो गई , बे... Read more

"वर्षा-जल संचयन प्रक्रिया" #50 शब्दों की कहानी#

विश्व में पेयजल की कमी पर अनुसंधान करते हुए चेन्नई के राघवन को यह तस्वीर देखकर याद आया, कैसे सुबह-शाम मां महिलाओं संग स्टील-पीतल ... Read more

"मेरी खुशियों की शुरुआत" #100 शब्दों की कहानी"

बचपन से बेटी, बहु, पत्नी और मां बनकर जिंदगी के सफर में माता-पिता के आदर्श संस्कारों को बरकरार रखते हुए मैं घर ,ऑफिस में सामंजस्य स... Read more

"अपनी पहचान" #100 शब्दों की कहानी#

ये वही तस्वीर है, जिसमें सांवली ‘रसिका’ ने नाक में नथनी, कानों में बालियां बड़े ही अदब से पहनकर फोटो खिंचवाई, सांवला-रंग होने की वजह... Read more

"मददगार" #50 शब्दों की कहानी#

नताशा को फेलोपियन-ट्यूब में रूकावटों के संबंध में डॉक्टर ने सचेत भी किया था । पति की खातिर प्रेगनेंसी की रिस्क ली, लेकिन चौथी बार ग... Read more

"आखिर रंग लाई सखियों की प्रगाढ़ दोस्ती"

अरे शीतल क्‍या हुआ ? आज इतनी गुमसुम क्‍यों हो ? बहुत दिनों बाद मिली उसकी सहेली पूनम ने पूछा । हमारे कॉलेज के दिन अपने अध्‍ययन में ही... Read more

"राज जो हम कभी नहीं जान पाये" #100 शब्दों की कहानी#

मेरे हमदम बंधी तेरे संग विवाह की डोर, अजनबी होकर भी अपनेपन का अहसास एक छोर से दूसरे छोर । कभी रूठना, कभी मनाना, कभी मिलना, कभी बिछड़... Read more

"राज मौत का" #100 शब्दों की कहानी#

कॉलोनी में बहुत हिम्मती-चाची रहतीं , जिन्हें साधचाची के नाम से पुकारते थे । वे अस्पताल में नर्स थी , मुस्कराते हुए हर कार्य करने म... Read more

"उपहार-स्वरूप कैमरा" #100 शब्दों की कहानी#

बरसो बाद रीना सखियों-संग पचमढ़ी पिकनिक मनाने गई, बहुत खुश थी । अपने कॉलेज के दिनों में अध्ययन में व्यस्त रहने के कारण कहीं जा ही नही... Read more

"अपनी उड़ान भरो" #50 शब्दों की कहानी#

बचपन में एक हादसे का शिकार हुई नेहा वि‍कलांगता को अपनी ताकत बना आईएएस बनने के सपने को साकार करने के लिए सफलता की हर सीढ़ि‍यांं चढ़ती... Read more

"देशभक्ति" (कविता)

जी हां पाठकों, हमारा स्वतंत्रता दिवस नजदीक ही है, तो मैंने इस कविता के माध्यम से देशभक्ति शीर्षक पर कुछ अपने विचार व्यक्त किए हैं, आ... Read more

"प्रेम-स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन" (कविता)

1. प्यारी सी उस तकरार का बंधन है ये भाई-बहन के प्यार की बंधी डोर, रिश्ते की डोर इसका ना कोई है मोल और ना ही कोई छोर 2. ... Read more

"सखी मनभावन सावन झूमकर आयो रे" (कविता)

जी हां पाठकों, फिर हाजिर हूं इस कविता के साथ । वैसे ही अभी सावन का महीना चल रहा है तो मैंने इस कविता के माध्यम से सावन के अलग-अलग एह... Read more

"वीरता-सम्मान" #100 शब्दों की कहानी#

भारतीय वायुसेना हमले में शामिल पायलटों को उनकी बहादुरी के लिए वायुसेना मेडल वीरता-सम्मान देने की योजना बना ही रही थी, उसी दौरान पायल... Read more

"तू हंसी, मैं जवां" #50 शब्दों की कहानी"

शादी की 75वी सालगिरह मनाने की खुशी में चाचाजी ने चाचीजी से कहा हमें उम्र की जरूरत के हिसाब से भले ही दांतों की बत्तीसी और चश्मा जिंद... Read more

"आकाशदीप" #100 शब्दों की कहानी#

राकेश जो कभी मां के साथ कैंडल लाइट बलून बनाकर बेचता था, पिताजी के जल्दी गुजरने के बाद मां ने कैसे हिम्मत से यह काम शुरू किया, वह भूल... Read more

"विशेष जीवनदान" (50 शब्दों की कहानी)

डॉक्टर ने कहा शर्माजी उस भली-जोकर को धन्यवाद दिजिएगा, जो समय रहते बेटे को अस्पताल लाई, उसकी देखभाल करने रात भर रुकी रही । सर्क... Read more

"रंग लाई है दोस्ती" (कविता)

* रंग लाई है दोस्ती .. * अजनबी अजनबी कहते रहे लोग मुझे सब ना जाने कब इस परिवार का हिस्सा बन अचानक, मिले दोस्तों संग एक दूसरे के आ... Read more