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अधूरा श्रृंगार

हाथ सने थे मिट्टी में, फूल बिखरे थे हरसिंगार, पांव में पायल, मन से घायल, ना कंगन, ना गले में हार। छूट गई मेहंदी हाथों से, पकड... Read more