Ashok Kumar Sharma

Aligarh

Joined June 2019

मैं उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जनपद का एक साधारण व्यक्ति हूँ। भारतीय रेलवे के मुंबई मण्डल का औसत शिक्षित एक सेवारत कर्मचारी, सेवा के साथ साथ कुछ लिखने का एक छोटा सा प्रयास।

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मेरा दावा नहीं, कि मैं बेहतर बनूँगा।
मगर कर्म पथ पर, निरंतर चलूँगा।।
निडर हूँ, मुखर हूँ, नहीं कुछ शिकायत।
स्वयं में अडिग था, अडिग ही रहूँगा।।

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क्षमा मांग लो...

भरा पड़ा है देश, धर्म के गद्दारों से। गूंज रहा परिवेश विरोधी नक्कारों से।। भारत तेरे टुकड़े होंगे, श्वर आता है। अफ़ज़ल का आवाह्न दे... Read more

कविता

कभी उनसे, कहीं मिलने की कुछ तरकीब हो जाये, कुपित जीवन के पतझड़ में, कभी एक फूल खिल जाये। सुना है हर धड़कते दिल के कुछ अरमान होते हैं... Read more

आज का मेहताब...

जन्म लेते ही, औरों का मोहताज था, अपने दम से, न चलने का ढंग था जिसे। जब जवानी का उसको, नशा चढ़ गया, वो किसी को भी, कुछ भी समझता नही... Read more

दोहा

ज्यों चन्दा घनघोर घटा से झाँक रहा अपने प्रीतम को, ऐसे ही रुखसार तुम्हारा आकर्षित करता जन मन को। -अशोक शर्मा Read more

काले तिल

मुख मंडल पर काले तिल की बातें अजब निराली है, लगता है मानो ईश्वर ने उनकी नज़र उतारी है। प्रेम छलकते चंचल नयनो पर वो भी बलिहारी है, ... Read more

दोस्ती व्यापार

दुनियां में दोस्ती फकत व्यापार बन गयी, मुहब्बत बे-वफाई की शिकार बन गयी। भरते थे दम जो खास ज़माने में प्यार का, आँखें खुली तो ज़िन्द... Read more

छंद

आये माटी की सुगंध भीनी भीनी मंद मंद, देख घन की किलोल मन गाने लगा छंद। यारो मानो मेरी बात आओ मेरे संग संग, करलें अच्छे कुछ काम उठी... Read more

दोहे

माफ़ करो गुस्सा छोडो तुम, हम तो हैं नादान अभी तक।। नहीं जानते दिल की बातें कैसे पहुंचें उनके दिल तक।। -अशोक शर्मा कंचन मुख कजर... Read more

मुक्तक

आँचल को आँचल की छाया, सदा सुहानी सुगम सुखद हो। माँ बेटी के जीवन पथ की, डगर सहज और निष्कंटक हो। मन अ'शोक जीवन की सरिता, कल-कल प्... Read more

मुक्तक

उठो लड़ो संघर्ष करो तुम हार न मानो विषम समय से। प्रीत ही मन की मीत समझना मत डर जाना आडम्बर से।। झूंठे हैं धन - तन के रिश्ते बा... Read more

कर दो यह ऐलान

बचपन से जो देशभक्ति के गीत सुनाये जाते हैं, वतन की रक्षा करने वाले धन्य कहाये जाते हैं। आज मगर कुछ गद्दारों ने उन पर प्रश्न उठाये ... Read more

सनम

मेरे दिल की एक मासूम तमन्ना हो तुम, मेरे ख्वाबों में उभरता हुआ अक्स हो तुम। तुम मेरे न हुए तो कोई शिकवा ही नहीं, मैं तो जन्मों से... Read more

जीवन उद्धार

जब से जीवन में आयीं, तन मन मेरा चमन हो गया। जीवन का यह कंटक वन अब, गुल गुलशन गुलज़ार हो गया।। चोटिल बोझिल से इस मन का, उनसे मिल ... Read more

हे प्रिये

परी सी सुन्दर चाँद सी शीतल, सौम्य चंचल अप्सरा हो। मेरे मन की एक पहेली, सरल साश्वत सहचरा हो। कल्पना हो स्वप्न की सी, भोर का को... Read more

विदा-गीत

कर्म क्षेत्र से आज आप, सेवानिवृत्त हो जाओगे। रोज-रोज घर आफिस के, इस चक्कर से छुट जाओगे।। एक बात होगी लेकिन, जो अतिशय कष्ट बढ़ाएगी। ... Read more

जन्म देने वाले...

जन्म देने वाले, तू इतना तो बोल रे, कैसे चुकाऊँ इन, साँसों का मोल रे... गर्भ में संभाला मुझे, माँ का सहारा बनकर, सुध बुध नहीं थी... Read more

तुम-बिन

मिथ्या है जीवन तुम बिन, कुछ बातें आज बताता हूँ। अंतर्मन की सत्य व्यथा, तुम सुनो आज मैं कहता हूँ।। जब से तुम जीवन में आईं, प्रथक ... Read more

गज़ल

जिन्हें हम याद रखते हैं, हृदय के पाक बंधन से, वो अक्सर दूर रहकर भी, हमेशा पास होते हैं। तरसती आँख से ओझल हैं, यादों से रुलाते जो, ... Read more

आज की दुनियाँ

मैं क्यों आया इस दुनियां में, क्या मेरी है औकात यहां। मन क्यों नहीं इसपर मनन करे, किस धोखे में इंसान यहाँ।। किस क्षण कब कैसे क... Read more