आकाश महेशपुरी

कुशीनगर

Joined September 2016

संक्षिप्त परिचय :
नाम- आकाश महेशपुरी
(कवि, लेखक, शिक्षक)
मूल नाम- वकील कुशवाहा
जन्मतिथि- 20 अप्रैल, 1980
प्रकाशन व उपलब्धियां-
काव्य संग्रह ‘सब रोटी का खेल’
साझा काव्य संग्रह- कवितालोक, गीतिकालोक, कुण्डलिनीलोक व अन्य।
विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का निरन्तर प्रकाशन
आकाशवाणी व दूरदर्शन से कविता-पाठ
कवि सम्मेलनों व कवि गोष्ठियों में यथा सम्भव सहभागिता
कुछ साहित्यिक संस्थाओं द्वारा सम्मानपत्र
***
पता-
ग्राम- महेशपुर, पोस्ट- कुबेरस्थान, जनपद- कुशीनगर (उत्तर प्रदेश)
पिन- 274304
मोबाईल नम्बर- 9919080399

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गीत- नहीं पूर्वजों की सहेजी निशानी

गीत- नहीं पूर्वजों की सहेजी निशानी ★★★★★★★★★★★★★ शिला की तरह टूटते जा रहे हैं कि रिश्ते सभी छूटते जा रहे हैं न दादा के रिश्त... Read more

ग़ज़ल- होना था तन्हा हुआ रंजूर तो

ग़ज़ल- होना था तन्हा हुआ रंजूर तो ★★★★★★★★★★★★★ होना था तन्हा हुआ रंजूर तो तुम भी जाओ जा रहे हो दूर तो कोई मुझसे प्यार अब करता... Read more

ग़ज़ल- चाहे नज़रों से ही गिरा जाना

ग़ज़ल- चाहे नज़रों से ही गिरा जाना ★★★★★★★★★★★★★ चाहे नज़रों से ही गिरा जाना नज़र आऊँ तो नज़र आ जाना तेरी नफ़रत भी बहुत प्यारी है ... Read more

झूठ का बोलबाला... (तीन मुक्तक)

झूठ का बोलबाला... (तीन मुक्तक) ■■■■■■■■■■■■■ नौकरी है नहीं क्या करे आदमी रोटियों के लिये भी मरे आदमी झूठ का ही पुलिंदा लिये देश ... Read more

किया है हमेशा करेंगे किसानी

किया है हमेशा करेंगे किसानी ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ भले ही हमारी कठिन जिन्दगानी किया है हमेशा करेंगे किसानी विवेकी मनुज हो अनारी हो कोई क... Read more

हड़ताल और बीमार बेटा

हड़ताल और बीमार बेटा ●●●●●●●●●● मन अनहोनी की शंका से थर-थर-थर-थर कांप रहा है आधी रात हुई है बेटा पल पल देखो हाफ रहा है अस्पता... Read more

ग़ज़ल- कोई शिकवा नहीं ज़माने से

ग़ज़ल- कोई शिकवा नहीं ज़माने से ●●●●●●●●●●●●● यार उसने मुझे सताया है मैंने दिल में जिसे बिठाया है उसका हँसना सुकून देता क्यूँ रो... Read more

ग़म के हजार घूँट.........तीन मुक्तक

ग़म के हजार घूँट.........तीन मुक्तक ●●●●●●●●●●●●● कितना बे'दर्द हो गया' संसार देखिये कोई नहीं है' पूछता' अखबार देखिये घायल तड़प रह... Read more

है चुनाव आने वाला

है चुनाव आने वाला ★★★★★★★★★ नेताओं का जत्था है अब गांव-गांव आने वाला देखो फिर से भाई शायद है चुनाव आने वाला गूँगे-बहरे बन... Read more

घर में घुसकर मारेंगे अब

घर में घुसकर मारेंगे अब ■■■■■■■■■■■ रोज-रोज छिप-छिप कर चूहों आ जाते हो सरहद में बुजदिल तुम डरपोक भिखारी जल्दी आओगे ज़द में ... Read more

कुर्ता भले सफेद...जोगीरा सा रा रा रा

कुर्ता भले सफेद...जोगीरा सा रा रा रा ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ नेता नोटों की गड्डी से खेल रहे हैं खेल जीवन अपना फीका फीका मिले नमक ना ते... Read more

झूठा यार

झूठा यार ◆◆◆◆◆◆◆◆◆ दिखता तो है मोम मगर वह धोखा केवल देता है ऑक्सीजन भी डर जाता जब लम्बी साँसे लेता है प्राण वायु पीता है लेक... Read more

आना फिर से वोट मांगने

आना फिर से वोट मांगने ◆◆◆◆◆◆◆◆◆ झूठी बातों में उलझाकर जनता को तड़पाने वालों आना फिर से वोट मांगने पाँच साल सिसकाने वालों अच्छ... Read more

जाड़ा

जाड़ा ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ ठिठुर ठिठुर कर जाड़े में हम क्या बतलाएँ भाई थर थर थर थर कांप रहे हैं जमने लगी रजाई जो जितना कमजोर उसे यह उत... Read more

रसोई गैस सिलेंडर की महँगाई

रसोई गैस सिलेंडर की महँगाई ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ लगता है यूँ भूखे प्यासे रह जाएंगे बच्चे है राशन पर क्या हम इसको खा पाएंगे कच्चे आज... Read more

तीन मुक्तक (शादी, फैशन, काला)

तीन मुक्तक (शादी, फैशन, काला) ●●●●●●●●●●●●●●●● (1) शादी कुँवारा जबतलक है खुल के मेरा यार दौड़ेगा गले में हार के पड़ते ही लेकर हार ... Read more

दो कुण्डलियाँ (उपवास और ईश्वर)

दो कुण्डलियाँ (उपवास और ईश्वर) ★★★★★★★★★★★★★ (1) उपवास रहने से भूखा नहीं, होता कुछ भी खास। क्यों करते हैं आप सब, कठिन कठिन उपव... Read more

दो कुण्डलियाँ 【टीका और शोर】

दो कुण्डलियाँ 【टीका और शोर】 ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ 1- टीका टीका करने से अगर, जाते सारे रोग। बिना दवा के साथियों, होते सभी निरोग। ... Read more

भूखी हैं क्या मूर्तियाँ

भूखी हैं क्या मूर्तियाँ ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ कंगाली है साथ तो, क्या मंदिर क्या धाम। पेट भरेगा क्या भला, जपने से बस नाम। जपने से बस ... Read more

माँ

माँ ●●● माँ कहती रहती है जिसको फूल फूल बस फूल पंख निकल आये हैं जबसे बना हुआ है शूल ●●● पेट काटकर जिसको पाला जिसकी बाहें माँ की... Read more

शरम भी बेंच कर नेता...

☆☆☆ शरम भी बेंच कर नेता... ☆☆☆ {तीन मुक्तक} ■■■■■■■■■■■■■■■■ हमें आजाद करने को पिया था विष भरा प्याला कटा... Read more

कलमकार

कलमकार वेद व्यास ने कृष्ण सुदामा तुलसी जी ने राम को अमर बनाया इस दुनिया में देखो इनके काम को ग़ालिब की ग़ज़लें देखो तुम दोहे द... Read more

सरस्वती वन्दना

सरस्वती वन्दना ○○○○○○○○○ मइया तेरे द्वारे आए हमको राह दिखा दो ना मन में ज्ञान दीप जल जाए हमको राह दिखा दो ना हम पापी हैं अज्... Read more

शुभ अशुभ का भय

【【【शुभ अशुभ का भय...】】】 ☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆ वे हमें समझा बुझाकर लूट लेते हैं शुभ अशुभ का भय दिखाकर लूट लेते हैं यह दिशा शुभ... Read more

स्वागत गीत- खिल गए आज हम

स्वागत गीत- खिल गए आज हम ★★★★★★★★★★★★★ आप आये यहाँ खिल गए आज हम स्वागतम स्वागतम स्वागतम स्वागतम आप आये यहाँ है खुशी छा गयी दू... Read more

कितना भरमाया जाता है

कितना भरमाया जाता है ◆◆◆◆◆◆◆◆◆ कितना भरमाया जाता है °°° पूर्व जन्म का कर्म बताकर स्वर्ग नर्क का मर्म बताकर जाल बनाकर पाखण्डो... Read more

ग़ज़ल- ...सहारे डूब जाते हैं

ग़ज़ल- सहारे डूब जाते हैं ★★★★★★★★★★★★★★ धरा ये चांद सूरज और तारे डूब जाते हैं नज़र के बन्द होते ही नज़ारे डूब जाते हैं ये नाते और... Read more

कुछ मुक्तक कीर्ति छंद पर आधारित

★★कुछ मुक्तक★★ ~~~~~~~~~~~~~~ हम टूट गए इतने हैं हर कष्ट लगे अपने हैं वह पूर्ण हुए न हमारे सपने अब भी सपने हैं।।1।। धन खात... Read more

ग़ज़ल- धन की जो किल्लत हो गयी है

ग़ज़ल- धन की जो किल्लत हो गयी है ☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆ हमें धन की जो किल्लत हो गयी है बिकाऊ ये मुहब्बत हो गयी है हमारा आशियाना लुट गया... Read more

जहाँ से चले थे वहीं आ गए

गीत- जहाँ से चले थे वहीं आ गए ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ वो' कैसा सफर था कि चकरा गए जहाँ से चले थे वहीं आ गए सलामत हमारे सभी अंग हैं कि चलन... Read more

चार पैसे का मैं भी बनूँगा कभी

गीत- चार पैसे का' मैं भी बनूँगा कभी ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ तुम भिखारी कहो या कहो अज़नबी चार पैसे का' मैं भी बनूँगा कभी एक पागल मुझे कह र... Read more

ग़ज़ल- सफ़र चिंगारियों का है...

ग़ज़ल- सफ़र चिंगारियों का है.... ●●●●●●●●●●●●●●●●● मुसीबत से भरी राहों में चलकर हार जाता हूँ सफ़र चिंगारियों का है मैं जलकर हार जाता ... Read more

एक सन्नाटा...

एक सन्नाटा... ■■■■■■■■■■■ थे किये मैंने बहुत उपकार पर रोज मिट्टी में मिलाती जा रही आज दुनिया स्वार्थ में अंधी हुई पाँव से ठोकर ... Read more

ग़ज़ल- था भरोसा मगर सब धुंआ हो गया

ग़ज़ल- था भरोसा मगर सब धुंआ हो गया ●●●●●●●●●●●●●●● था भरोसा मगर सब धुंआ हो गया नाम जिसका वफ़ा बेवफा हो गया °°° सिर्फ मतदान कर के ज... Read more

ग़ज़ल- राज दिल पे किया सनम तुमने

ग़ज़ल- राज दिल पे किया सनम तुमने ●●●●●●●●●●●●● राज दिल पे किया सनम तुमने दिल को ही दे दिया है गम तुमने °°° मैंने समझा कि दिल के स... Read more

ग़ज़ल- वो गुनाहों का एक साया था

ग़ज़ल- वो गुनाहों का एक साया था °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° वो गुनाहों का एक साया था दाग दामन पे जो लगाया था °°° अक्ल पे जैसे... Read more

मौत पर भी सभी मुस्कुराने लगे

पैरोडी- कितने वर्षों पढ़ाया लिखाया यहाँ... (तुम अगर साथ देने का वादा करो...फ़िल्म- हमराज़) दिनांक- 28/05/2018 गीतकार- आकाश महेशपुरी ... Read more

ग़ज़ल- ज़ुल्म का देखिये सिलसिला हो गया

ग़ज़ल- ज़ुल्म का देखिये सिलसिला हो गया ●●●●●●●●●●●●●●● क्या था' मैं आजकल क्या से' क्या हो गया चोट ऐसी लगी बावरा हो गया ○○○ जिक्र... Read more

पीना तू छोड़ दे

पीना तू छोड़ दे ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ बीवी पे' जुल्म कर के' यूँ' जीना तू' छोड़ दे कहता है' वक्त आज कि पीना तू' छोड़ दे ◆◆◆ देखो कि हाल आ... Read more

माँ तो देना जाने है बस...

माँ तो देना जाने है बस... ●●● माँ कहती रहती है जिसको फूल फूल बस फूल पंख निकल आये हैं जबसे बना हुआ है शूल ●●● पेट काटकर जिसको पा... Read more

साँसों की दरकार इधर है तेरा क्या है होली खेलो

साँसों की दरकार इधर है तेरा क्या है होली खेलो ●★●★●★●★●★●★●★●★●★ शिक्षामित्रों की लाशों पर जी भर के रंगोली खेलो साँसों की दरकार इ... Read more

शिक्षामित्रों पर उपकार...

शिक्षामित्रों पर उपकार कर दो हे मोदी सरकार दुखियारों का अब उद्धार कर दो हे योगी सरकार इतना है माथे पर भार जीवन से जाएंगे हार अ... Read more

ईश्वर के ठेकेदार

ईश्वर के ठेकेदार ■■■■■■■■■■■■■ ईश्वर के ये बने हुए हैं जो भी ठेकेदार यही तो हैं धरती के भार यही तो हैं धरती के भार ★★★ ईश्वर क... Read more

फिर से इक नव वर्ष मिला है

फिर से इक नव वर्ष मिला है ॰॰॰ फिर से इक नव वर्ष मिला है मानव मन को हर्ष मिला है और इसे आगे ले जायेँ अबतक जो उत्कर्ष मिला है ... Read more

नया वर्ष कुछ खास रहेगा

नया वर्ष कुछ खास रहेगा ●●● धूमिल हैं आशाएं सारी बने हुए सब हैं व्यापारी दिल की दौलत बेंच रहे हैं कैसी है यह दुनियादारी माना अब... Read more

सब रोटी का खेल

रोना-हँसना यहाँ जगत में सब रोटी का खेल ●●● रोटी की ही खोज में, छूट गया है देश मातृभूमि की याद है, भाए ना परदेश भाए ना परदेश, गां... Read more

ग़ज़ल- न जाने क्यूँ भला मशहूर होकर भूल जाता है

ग़ज़ल- न जाने क्यूँ भला मशहूर होकर भूल जाता है ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ मेरा साया है लेकिन दूर होकर भूल जाता है कि वह सत्ता के मद में चू... Read more

जाने किस दिन हो पायेगा भ्रष्टों का अवसान

जाने किस दिन हो पायेगा भ्रष्टों का अवसान ■■■■■■■■■■■■■ ■■■ ये चाहें तो नाहक़ में ही लड़ जाएं इंसान नेता बड़े महान कि भइया नेता बड़े... Read more

कुछ घनाक्षरी छंद

कुछ घनाक्षरी छंद ★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★ छन्द जो घनाक्षरी मैं लिखने चला हूँ आज, मुझको बताएँ जरा कहाँ कहाँ दोष है। या कि ... Read more

घनाक्षरी- नारियों का नर सम मान होना चाहिए

घनाक्षरी- नारियों का नर सम मान होना चाहिए ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ नारियों का अपमान क्लेश की वजह एक, इसका तो सबको ही ज्ञान ... Read more