आकाश महेशपुरी

कुशीनगर

Joined September 2016

संक्षिप्त परिचय :

नाम- आकाश महेशपुरी
(कवि, लेखक)
मूल नाम- वकील कुशवाहा
माता- श्री मती रामरती देवी
पिता- श्री रामजीत कुशवाहा
जन्मतिथि- 15 अगस्त 1980
शैक्षिक योग्यता- स्नातक
॰॰॰
प्रकाशन-

काव्य संग्रह ‘सब रोटी का खेल’
साझा काव्य संग्रह- कवितालोक, गीतिकालोक, कुण्डलिनीलोक व अन्य।
विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का निरन्तर प्रकाशन
॰॰॰
उपलब्धियाँ-

आकाशवाणी व दूरदर्शन से कविता-पाठ
निम्नलिखित संस्थाओं द्वारा सम्मानपत्र-
1-
कवितालोक (लखनऊ) द्वारा गीतिका श्री सम्मान
2-
सर्व भाषा ट्रस्ट (नई दिल्ली) द्वारा साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मान पत्र
3-
गमहर वेलफेयर सोसाइटी (गाजीपुर उत्तर प्रदेश) द्वारा शिल्प शिरोमणि सम्मान
4-
हिंदी भाषा.काम (इंदौर मध्य प्रदेश) द्वारा धरा दिवस काव्य प्रतियोगिता के दोहा विधा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सम्मान पत्र
5-
नेहरू युवा चेतना समिति (पचरुखिया, कुशीनगर, उत्तर प्रदेश) द्वारा साहित्य रत्न सम्मान)
॰॰॰
पता-

ग्राम- महेशपुर, पोस्ट- कुबेरस्थान, जनपद- कुशीनगर (उत्तर प्रदेश)
पिन- 274304, मोबाईल- 9919080399

Copy link to share

ग़ज़ल- चुराकर दिल मेरा...

ग़ज़ल- चुराकर दिल मेरा... ■■■■■■■■■■■■■■■■ चुराकर दिल मेरा तुम आज मुझसे दूर जाते हो मुहब्बत में बताओ क्यों किये मजबूर जाते हो ते... Read more

ग़ज़ल- तड़पने के लिए मुझको...

ग़ज़ल- तड़पने के लिए मुझको... ■■■■■■■■■■■■■■■■■ तड़पने के लिए मुझको भले मजबूर करता है, मेरा दिलदार मुझको प्यार भी भरपूर करता है। म... Read more

गीत- जिंदगी की कहानी

गीत- जिंदगी की कहानी ■■■■■■■■■■■ यही है सुनो जिंदगी की कहानी, कि चादर नई रोज होती पुरानी। कोई जन्म ले, साल बीते, खड़ा हो, है ... Read more

जब बालक थे...{मत्तगयंद (मालती) सवैया छंद}

जब बालक थे...{मत्तगयंद (मालती) सवैया छंद} ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ याद करो जब बालक थे हम संशय का यह भाव नहीं था, थीं खुशियाँ भ... Read more

गीत- तुमसे मिलन की चाह में...

गीत- तुमसे मिलन की चाह में... ■■■■■■■■■■■■■■■■■ तुमसे मिलन की चाह में इतना दिवाना हो गया कल ही मिला तुमसे मगर लगता ज़माना हो गया ... Read more

गीत- हिंदी से तुम प्यार करो

गीत- हिंदी से भाई प्यार करो ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ हिंदी की बिंदी से भाई भारत का तुम श्रृंगार करो, दुनिया में यह रौशन होगी, घर में प... Read more

ग़ज़ल- धैर्य मेरा खो रहा है

ग़ज़ल- धैर्य मेरा खो रहा है ■■■■■■■■■■ धैर्य मेरा खो रहा है हाय यह क्या हो रहा है लोग कहते कवि मुझे पर ज्ञान मेरा सो रहा है ... Read more

ग़ज़ल- हे जनता के सेवक...

ग़ज़ल- हे जनता के सेवक... ■■■■■■■■■■■■ हे जनता के सेवक मेरी बात सुनो भूखे-प्यासे कट जाती है रात सुनो रोजी-रोटी ढूँढ रहे हम शहरों... Read more

ग़ज़ल- ऐ सनम जबसे तू...

ग़ज़ल- ऐ सनम जबसे तू... ■■■■■■■■■■■■ ऐ सनम जबसे तू आ गयी पास है, ये मेरी जिंदगी हो गयी खास है। जो हमें पास लाकर जवां हो गयी, वो... Read more

गीत- मत बाँटो इंसान को

गीत- मत बाँटो इंसान को ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ जाति-धर्म की बातें कर यूँ मत बाँटो इंसान को, मिल-जुल कर तुम रहो बचा लो अपने देश महान क... Read more

भारत माता की पुकार

भारत माता की पुकार ■■★■■★■■★■■★■■★■■ ऐ मेरे बच्चों जरा मिल-जुल के रहना सीख लो भाई भाई हो सभी तुम प्यार करना सीख लो तेरी इस माँ... Read more

कुण्डलिया- बिक जाते बिन मोल

कुण्डलिया- बिक जाते बिन मोल ■■■■■■■■■■■■■■■■ कविता पढ़कर साथियों, हम जाते हैं हार। लेकिन आयोजक नहीं, देते पैसे चार। देते पैसे चार... Read more

ग़ज़ल- रुकती ग़म की...

ग़ज़ल- रुकती ग़म की... ■■■■■■■■■■■ रुकती ग़म की कभी न धारा है इस नदी का नहीं किनारा है धन की खातिर ज़मीर को बेचूँ यह तो बिल्कुल नह... Read more

ग़ज़ल- आँखें बता रहीं हैं...

ग़ज़ल- आँखें बता रहीं हैं... ■■■■■■■■■■■■■■ आँखें बता रहीं हैं कि इनकार है नहीं शायद लबों ने झूठ कहा प्यार है नहीं दिल हारने क... Read more

ग़ज़ल- मैंने जिसको कहा पराया है

ग़ज़ल- मैंने जिसको कहा पराया है ■■■■■■■■■■■■ मैंने जिसको कहा पराया है पहले दुख में वही तो आया है हर किसी शय में दिख रहा है वो ज... Read more

ग़ज़ल- मैं खा कर दवाई...

ग़ज़ल- मैं खा कर दवाई... ■■■■■■■■■■■■ मैं' खा कर दवाई वजन कर रहा हूँ कि जिन्दा रहूँ ये जतन कर रहा हूँ मैं' आगे बढ़ूँ सोच मेरी है... Read more

गीत- उन बच्चों का जीवन भी तो जीवन है

गीत- उन बच्चों का जीवन भी तो जीवन है ■□■□■□■□■□■□■□■ जिनके हैं माँ-बाप नहीं, बस क्रंदन है उन बच्चों का जीवन भी तो जीवन है भूखे... Read more

ग़ज़ल- रोटी और मकान नहीं है

ग़ज़ल- रोटी और मकान नहीं है □■□■□■□■□■□ रोटी और मकान नहीं है जीवन यह आसान नहीं है खुद की बदहाली पर सोचो रोता कौन किसान नहीं ... Read more

ग़ज़ल- नून रोटी रोज़ खाते रहे गये

ग़ज़ल- नून रोटी रोज़ खाते रह गए ■□■□■□■□■□■□■ नून-रोटी रोज़ खाते रह गये पर कलम यूँ ही चलाते रह गये इससे अच्छा हम चलाते फावड़ा गीत... Read more

ग़ज़ल- जज़्बात से खेला...

ग़ज़ल- जज़्बात से खेला... ■□□■□□■□□■□□■□□■ जज़्बात से खेला मुझे बीमार है किया शिद्दत से हाय मैंने जिसे प्यार है किया जिसने कहा कि ... Read more

एकता कायम रहे...पाँच मुक्तक

एकता कायम रहे...पाँच मुक्तक ●●●●●●●●●●●●●●● 1- अपनों से जो लड़ोगे बिखर जाओगे सुनो जलने लगेंगे गाँव किधर जाओगे सुनो लड़ना कभी न भा... Read more

दोहे- जनता मालिक है मगर...

दोहे- जनता मालिक है मगर... ■■□■■□■■□■■□■■ नेताओं की बात पर, मत करना मतभेद। लोकतंत्र की नाव में, ये करते हैं छेद।। कुछ नेता गूं... Read more

ग़ज़ल- मंज़र नहीं देखा

ग़ज़ल- मंज़र नहीं देखा ■□□■□□■□□■□□■□□■ भीतर की हलचलों का वो मंज़र नहीं देखा सबने मुझे देखा मेरे अंदर नहीं देखा सब लोग मानते रहे ह... Read more

मुक्तक- कोई जवाब दो

मुक्तक- कोई जवाब दो □□■□□■□□■□□■□□ कहता नहीं हूँ मैं कभी दिल की किताब दो लेकिन ख़तों का आज तो कोई जवाब दो मैंने तुझे आँखों की है... Read more

मुक्तक- तेरे प्यार में

मुक्तक- तेरे प्यार में बैठा रहा मैं दिन में आधी रात की कभी चाहा बहुत मगर न कोई बात की कभी मैं आज भी रोता हूँ सनम तेरे प्यार में... Read more

मुक्तक- मुझसा नहीं मिलेगा

मुक्तक- मुझसा नहीं मिलेगा यादों को मेरी तुम गये क्यूँ भूल साथिया तेरे कदम का था नहीं मैं धूल साथिया ले के चिराग ढूंढना सारे जहा... Read more

मुक्तक- घायल हुआ हूँ मैं

मुक्तक- घायल हुआ हूँ मैं ~~~ तुमसे नज़र मिली है तो घायल हुआ हूँ मैं तेरे निखरते रूप का कायल हुआ हूँ मैं कोई किसी की चाह में गिरता... Read more

व्याधियाँ (घनाक्षरी छंद)

व्याधियाँ (घनाक्षरी छंद) ■■■■■■■■■■■■■■ दवा के बिना तो नहीं बचती फसल अब, हवा में है घुल गया देखिए ज़हर भी। रोज रोज इतनी दवाई हम... Read more

बुढ़ापा {घनाक्षरी}

बुढ़ापा {घनाक्षरी} □■■■□■■■□■■■□ हो के नौजवान तुम हँसते हो वृद्धों पर, तेरी बात तेरी माँ को देखना रुलायेगी। जो सारे संस्कार तु... Read more

कविता- हँसी ठिठोली कर लें आओ

कविता- हँसी ठिठोली कर लें आओ □■■■□■■■□■■■□ दुनिया के कुछ लोग हमेशा, रहते हैं मुरझाए। हँसी-ठिठोली कर लें आओ, हर कोई मुस्काए।। ... Read more

ग़ज़ल- छटेगी रात काली...

ग़ज़ल- छटेगी रात काली... ■■■■■■■■■■■■■■■■■■ छटेगी रात काली और फिर होगा सवेरा भी। हँसो लेकिन ज़माना एक दिन आयेगा मेरा भी।। भले ग़म ... Read more

ग़ज़ल- गुंडों में ऐसा क्या पाया लोगों ने?

ग़ज़ल- गुंडों में ऐसा क्या पाया लोगों ने? □□□□□□□□□□□□□□ गुंडों में ऐसा क्या पाया लोगों ने? संसद तक देखो पहुँचाया लोगों ने। इतनी... Read more

ग़ज़ल- उसे हाल दिल का सुनाने चला हूँ

ग़ज़ल- उसे हाल दिल का सुनाने चला हूँ ■■■■■■■■■■■■■■ उसे हाल दिल का सुनाने चला हूँ। मैं फिर से नई चोट खाने चला हूँ।। दुखा कर मेरा... Read more

ग़ज़ल- हर कोई बदहाल हुआ है सावन में

ग़ज़ल- हर कोई बदहाल हुआ है सावन में ________________________________ हर कोई बदहाल हुआ है सावन में। पानी जैसे काल हुआ है सावन में।। ... Read more

इसको बचा लो यह मर रही धरती

इसको बचा लो यह मर रही धरती ○○○○○○○○○○○○○○○ कहीं पर सूखा कहीं बाढ़ की विभीषिका है, कहीं वन ख़ाक होते आग यूँ पसरती। कहीं पेड़ काटते... Read more

मुक्तक- उनकी बदौलत ही...

मुक्तक- उनकी बदौलत ही... ■■■■■■■■■■■■■■■■■ कहीं मैं दूर जाऊँ तो मुझे वो घर बुलातीं हैं, रहूँ घर पे जो मैं दिन-रात बस पत्थर बुलाती... Read more

ग़ज़ल- तू जबसे मुझे प्यार करने लगा है

ग़ज़ल- तू जबसे मुझे प्यार करने लगा है □□□□□□□□□□□□□□ तू जबसे मुझे प्यार करने लगा है। मेरा चेहरा भी निखरने लगा है।। मैं जीवन की स... Read more

पश्चिमी हवा का असर

पश्चिमी हवा का असर ■■■■■■■■■■■■■■ अर्ध नग्न हो के नृत्य लोग अब करते हैं, जिसे देखते हैं रोज बेटे और बेटियाँ। पश्चिमी हवा को सभी ... Read more

शिक्षक की महिमा

शिक्षक की महिमा ■■■■■■■■■■■■■■■■■■■ 1- वे ऐसा काम करते हैं सभी गुणगान करते हैं, हमें अमरित पिला कर खुद जो अमरित पान करते हैं, क... Read more

ग़ज़ल- अब तो तेरे बगैर...

ग़ज़ल- अब तो तेरे बगैर... ★★★★★★★★★★★★ अब तो तेरे बग़ैर जीने से, पल भी लगने लगे महीने से। क्यों गरीबों से ही लिपटता है, आओ पूछें... Read more

माँ नहीं मारो जहाँ में मैं भी आना चाहती हूँ

गीत- माँ नहीं मारो जहाँ में मैं भी आना चाहती हूँ ■■■■■■■■■■■■■■■■■ भैया के ही जैसे हर पल खिलखिलाना चाहती हूँ। माँ नहीं मारो जहाँ ... Read more

सफलता

सफलता ■■■■■■■■■■■■■■■■ भरी सी दोपहर में भी शीतलता ढूंढ लेते हैं कि सूखे चाँद पर जाकर तरलता ढूंढ लेते हैं जुनूनी लोग धरती की सीमा... Read more

ग़ज़ल- मिलती खुशियाँ नहीं ज़माने से

ग़ज़ल- मिलती खुशियाँ नहीं ज़माने से ■■■■■■■■■■■■■■ मिलतीं खुशियाँ नहीं ज़माने से, मांग लेता हूँ मैं वीराने से। बाप माँ तो खुदा सरी... Read more

चमकी एक बुखार ने चमक लिया है छीन

चमकी एक बुखार ने चमक लिया है छीन ■■■■■■■■■■■■■■■ चमकी एक बुखार ने, चमक लिया है छीन। कोई बिन मुन्नी हुआ, कोई पुत्र विहीन। कोई पु... Read more

आज बहुत रोने का मन है

आज बहुत रोने का मन है ■■■■■■■■■■ भीतर से मैं टूट चुका हूँ, आज बहुत रोने का मन है। दूर कहीं बस्ती से जाकर, जी भर कर सोने का मन ह... Read more

ग़ज़ल- मुझे बज़्म में तुम...

ग़ज़ल- मुझे बज़्म में तुम... ■■■■■■■■■■■■■ मुझे बज़्म में तुम बुलाते हो साहब, मगर नाम भी भूल जाते हो साहब। जो तोड़ा है रिश्ता मुझे ... Read more

घनाक्षरी- आरामतलबी

घनाक्षरी- आरामतलबी ■■■■■■■■■■■■■■■ एक ही दीया से कभी, सात लोग पढ़ते थे, अब सात जलेंगे तो एक पढ़ पायेगा। झलकर बेना कभी नींद खूब ल... Read more

घनाक्षरी- छाले पड़े पाँव में

घनाक्षरी- छाले पड़े पाँव में ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ रोटी की तलाश हेतु जाम में फँसे हैं आज, कभी दिन कटते थे पीपल की छाँव में। गं... Read more

एकांत भाता है मुझे

एकांत भाता है मुझे ■■■■■■■■■■■■■■ शांति का परिवेश यह एकांत भाता है मुझे पर वो फुल साउंड में डीजे सुनाता है मुझे शर्म से यह च... Read more

कैसे लोग चला देते हैं बच्चों पर शमशीर

कैसे लोग चला देते हैं बच्चों पर शमशीर ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ सोच सोच कर मन यह मेरा होता रोज अधीर कैसे लोग चला देते हैं बच्चों पर ... Read more