नारायण अंशु कवि

Hoshangabad (MP)

Joined September 2019

I am teacher from hoshangabad MP
ansu kavi

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करवा चौथ

करवा चौथ बड़े पति की उम्र सदा सुहाग *****"*********"""**"""** उमर नहीं* मांग चंद्रदेव से ** दारू से मुक्ति *** *************... Read more

हाइकु

१* करवा चौथ * बड़ेगी उम्र पति ** पत्नी उपास *** """"""""""""""""""''""""'''""""""""''"""" २ * हे कन्यादान* विद्यादान सर्वम ... Read more

प्रहरी किसान

खेत में किसान , सीमा पर जवान, देते देशभक्ति का पैगाम । पसी बहा फसल पकाता, खून बहा कर, रक्षा करता। रात अंधेरे सीमा की रक्षा ... Read more

बताओ वह कौन है?

पसी बहाता, हल जोतता, बंजर धरा को, उपजाऊ बनाता। बताओ है कौन है? अंकुर फसलों को, सुत जैसा पालता , खून सींच कर फसल पकाता । बताओ... Read more

दृढ़ निश्चयी बनो **

खड़ा हिमालय पुकार रहा है , जीवन गाथा कह रहा है। मानव दृढ़ निश्चय बनो, धन नहीं तो क्या हुआ। पूरा विश्वास रखो मन में, असंभव कार्य... Read more

हाइकु

१* मेरी लाडली** बिटिया फूल जैसी ** है मुलायम *** """""""'""'''""""""""""""""""'''"""""""""" २ * कर सम्मान * रोशन करना तू ** ... Read more

अजनबी हूं **

मैं धरा पर अजनबी हूं , तेरा गीत गुनगुनाता हूं । परदेस में तू जाकर बसी , दुनिया तेरे नाम हंसी । गढते रहूं तेरे नाम के गीत गुनगुना... Read more

हाइकु

१ पत्नी बीमार * मैं बेरोजगार हूं ** कैसे इलाज *** """"""""""""''"'"""""'"""''''""'"""" महंगाई में * काम धंधा नहीं है ** पालन... Read more

मैं गुनहगार

मैं बन गया गुनहगार, तेरे साथ रहकर । बिन पानी के मछली तड़पे, मेरी जिंदगी हो गई तबाह। तान सुनाई दी एक मंजिल से , पर मंजिल में मुक... Read more

हाइकु

१ बेटा पराया * घर में आई बहू ** जंजीर पड़ी *** *********************** २ हम देश के * समानता हमारी ** सब आजाद *** *********... Read more

हाइक

पुतला जला** माना सत्य की जीत ** खुशियां छाई खुशियां *** """"""""'''"""""""""""""""""""""""""""""" बजा बिगुल * रावण का दहन ** स... Read more

अतिवृष्टि और दीपावली

अतिवृष्टि और बाढ़ से सब तबाह हो गए। आंखों में से बहे आंसुओं मैं सभी सपने बह गए।। हजारों परिवार सड़क पर आ गए। किसान -मजदूर हंसी-खु... Read more

व्यक्तित्व विकास

मेरे अंतश मन में , अनायास हलचल हुई । कैसे हो व्यक्तित्व विकास, ऐसी पाठशाला की आस। कोई मार्गदर्शक होता आज, जो मन का खोलता राज। ... Read more

प्लास्टिक मुक्त भारत बने

हे भारत माता, वरदान तुझ से मांगता । मुक्त हो धरती माता प्लास्टिक से धरती माता। जन्म जन्म से , तुझ से नाता। तेरे श्राप से मुक्त... Read more

दारू पीकर ,दारू से मुक्ति मागते**

मान मर्यादा, भूल गए। दौड़ा रहे घोड़े मन के। दारू पीकर घर से, कारजो में जा रहे । नहीं छोड़ते देव स्थलों को , पीकर रहते सदाबहार।... Read more

हाइकु

१ विदाई हुई * पराया हुआ घर** रोई बिटिया *** """"""""""""""""""""""""'""""'''""""""" २ ले जा आशीष * मेरी बिटिया आज ** होगी रो... Read more

मेरा देश ऐसा हो

मेरे देश में सत्य, अहिंसा का बोलबाला हो। समरसता की सरिता प्रवाहित हो। ना मुस्लिम हो ना हिंदू हो। अनेकता में एकता का सिंधु हो। सद... Read more

बापू से शिकायत

बापू तेरे देश में? अहिंसा के पुजारी झेल रहे सीने पर गोलियां। बापू तेरे देश में? सत्यवादी खा रहे सीने पर गोलियां । बापू तेरे देश ... Read more

गांधी तेरे देश में

गांधी तेरे देश में, बोलते मीठी बोलियां। निर्धनों के खून से, खेलते खूनी होलियां । सत्य अहिंसा के पुजारी, झेलते सीने पर गोलियां। ... Read more

धर्म के ठेकेदार

झूठे हैं तेरे मठ_मंदिर, तभी तो तू जाने नहीं देता अन्दर । समदर्शी की आड़ में चढ़वाते, दसी,पंजी, और छिदाम , और हलूआ , पूड़ी,बदाम। ... Read more

हाइकु

शिक्षित बनो* सब संगठित हो ** संघर्ष करो*** _______________________________ पाखंडवाद * अज्ञानता की जड़ ** उखाड़ फेंको *** ____... Read more

*चेतन ज्वाला*

कब तक देखते रहेंगे सूरत कब तक गढ़ते रहेंगे मूरत । अब उठा लो कलम दवात, लिख डालो हिरदयकी बात । अंशु नहीं सहेगा जुल्मियों का जुल्म,... Read more

भारतीय विद्यार्थी

कौन कहता है, हमारे विद्यार्थी, आलसी ,निकम्मे है। नहीं मानो तो, उदाहरणों से पता चल जाएगा। वे समय का मूल पहचानते हैं, देख लीजिए ... Read more

पानी की दुकान

जिस देश में दूध की नदियां बहती थी, वही पानी के लिए दर-दर भटक रहा है। उसकी हालत बिन पानी के मछली तड़पती है जैसी हो गई है। पानी के लिए... Read more

पानी की दुकान

जिस देश में दूध की नदियां बहती थी, वही पानी के लिए दर-दर भटक रहा है। उसकी हालत बिन पानी के मछली तड़पती है जैसी हो गई है। पानी के लिए... Read more

हाइकु

१ धर्म अलग* इबादत अलग* है देश एक*!!! ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, २ स्वतंत्र देश । अपना संविधान , अपना देश। ,,... Read more

निरक्षरता का दर्द

कैसे मनाऊं त्यौहार, कैसे लिबाऊ कलम दवात। कमरतोड़ महंगाई में, कैसे खिलाऊ दाल भात। फूटी मेरी किस्मत, नहीं पढ़ पाईं बहुत। अब पीट ... Read more

खामोश बस्ती

खामोश बस्ती में, बनी कब्र से आवाज आई, आसपास बनी झुग्गी झोपड़ी थराई। मुझे अनायास लाया कौन? मेरे दर्द को जाने कौन? फरिश्ते बोले,... Read more

**हाइकु**

गुरुजी आये * शाला की घंटी बजी। विद्यार्थी दौडे* ******************* 2 शाला भवन* ज्ञान विज्ञान पढ़ें। बढी मैमोरी* ***********... Read more

हाइकु

देश हमारा हुआ आजाद पर अति गरीब। ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, आजाद देश, अपना संविधान अपना देश। ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,... Read more

हाइकु

देश हमारा* हुआ आजाद।**%*% अति गरीब* ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, 2 स्वतंत्र देश* अपना संविधान, हमारा ... Read more

हाइकु

देश हमारा* हुआ आजाद।**%*% अति गरीब* ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, 2 स्वतंत्र देश* अपना संविधान, हमारा ... Read more

ममता की पुकार,,,,,,,

बेटा दर्शन बतादो, तेरी मां पुकार रही है। सूनी गोद पड़ी कब से, तेरी मां तडप रही है। खाना , धेला ना लाना, ... Read more

ममता की पुकार,,,,,,,

बेटा दर्शन बतादो, तेरी मां पुकार रही है। सूनी गोद पड़ी कब से, तेरी मां तडप रही है। खाना , धेला ना लाना, ... Read more

हाइकु

बुझा दीपक चिराग जल गये खबर फैली। ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, पैगाम आया* कहानी बन गई** एक खबर ।* ,,,,,,,,,,,,,,,,,,... Read more

ॐ् श्राद्ध ॐ

पन्द्रह दिनों की श्राद्ध, आपको दिलादू याद। जिन्दों को नीर नहीं, पूरखो को खीर। पखवाड़े भर खाते पुड़ी खीरे, कैसे रखूं मन में धीर ... Read more

पेड़ हमारे जीवन साथी*

पेड़ हमारे जीवन साथी, भक्षण करते कार्बन डाइऑक्साइड गैस हमारी। पेड़ हमारी सांसे है, प्रदूषित हमारा जीवन है। फल फूल और ईंधन देते, ... Read more

ठेठ दिहाती,,,,,,

मैं गरीबी में जन्मा हूं, गोदड़ी में पला हूं, देहात में पढ़ा हूं, फिर आगे बढ़ा हूं। माता-पिता का आशीष लेकर, शिक्षा का गहना पहनकर... Read more

भाई बड़ा महान

मेरा भाई बड़ा महान, हर समस्या का करता निदान। सुख दुख में रहता है दिन, हर समस्या का सूत्र विधान। विपत्तियों में रहता साथ, कंधा स... Read more

मेरी मां

बड़ी अच्छी मेरी मां, हमको लाड प्यार से रखती मां। खुद गीले में सोती मां, हमको सूखे मैं सुलाती मां। खुद भूखा रहकर मां, हमको भोजन ... Read more

गधों की दौड़,,,,,,,,,,

वैशाख हो या सावन, भिखारी हो या बामन, निर्धन हो या धनवान, औरत हो या इंसान। सब लगा रहे दौड़।। अपनी अपनी ढपली बजाने की होड़, स्वा... Read more

रूह को खूब सताया

अपनों से दुश्मनी, परायो से प्यार। कर लिया था तोबा, नहीं मालूम मुझे, कब से हुआ प्यार। तेरे इश्क में पागल हुआ, घर द्वार छोड़ कंग... Read more

भूमि का संरक्षण

धरा पर वृक्षारोपण, दिया संकेत वृक्षारोपण। वन्य प्राणी का करो संरक्षण, होगा हमारा स्वच्छ पर्यावरण। मानव दिन दूर नहीं, जब होगी मह... Read more

आजादी का भरते दम***

मोहन ने कहा आजाद, चौहान ने कर लिया विवाद। कौन कहता है कि हम आजाद हुए, हर दिन छुआछूत का शिकार हुए। आराध्य स्थल मेंरोज विवाद हुए, ... Read more

**सुर-ताल**

जनमानस में वीणा का सुर ताल हो, हर बच्चे को पढ़ने का अधिकार हो। मानव -मानव में एकता का संगीत हो, हर मानव में एकता की सुभाष हो। ... Read more

समय अमूल्य***

जाग मानव, आज की मांग। दुख दर्द मिटे आज की मांग। जागृत चेतना, दुखित वेदना। त्याग ,छल, कपट, पहन सत्य का चोला। कर भला ,हो भला, ज... Read more

है किसी में हिम्मत

शिखर पर चढ़ना, पहाड़ से लड़ना, कुरुतियों से निपटना, पाखंडवाद को उखाड़ना, है किसी में हिम्मत। आतंकवादी शक्ति पर लगाम लगाना... Read more

मूंछ

परम मित्र कवि ने, मुझसे लिया पूछ, पहले सफाचट, अब मूछ। क्या हो गई भूल, क्या है राज? नकली फराटे दार मूंछ,। मैं ठिठक गया, झट जव... Read more

जिंदगी की व्यथा

जिंदगी मेरी नहीं तेरी, फिर कैसी हेरा फेरी। कर्म ऐसा करो, तीनो लोक में सुभाष फेले। मरघट के पहले बाद, चर्चा हो तेरी। गगन में तेर... Read more

बेटी का लड़कपन

मैया मत करना मेरा विवाह, मैं अभी नादान हूं। खूब पढूगी_खूब लिखूंगी, पढ़कर ज्ञानवान बनूंगी। बालापन तेरी गोद में बिताया, पिताजी को... Read more