vinay pandey

Joined January 2017

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वो आह दे

वो आह दे जिस से चाह तो तेरी, _________________ वो दर्द दे जो तुझे मेरा दिवाना बना दे! _________________ जिन मसतों की नज़... Read more

मंजिल

मंजिल मिलनी तो निश्चित है, शर्त ये है तू बढ़ता जा, कितना भी कोई रोके तुझको, सफलता की सीढ़ी चढ़ता जा, व्यर्थ न हो प्रयत्न कभी , इस ... Read more

रूण्ड हवा मे

*रूण्ड हवा में* ~~~~~~~~~ ऐसे योग रहे सच को दरें कुनैते झूठे जुर्म किये बिन ~~~~~~~~~~~ चमडी खींचें पीड़ा भोग ... Read more

एक मजदूर की पीड़ा

*एक मजदूर की पीड़ा* _________________ लाठी भांजे सोना तपा ________________ खरा हो निकला चमका जितना छीले ... Read more

जिन्दा सरोधा

*जिन्दा सरोधा* """"""""""""""""""""" मै फरेबी धुन्ध की _______________ वह छोर खोजा हूँ । ________________ जन्म स... Read more

शब्द पकड़ती लय

*शब्द पकडती लय* """"""""""""""""""""""""'"""" असहय पीर के ______________ चक्रवात को ___________ लिखा ________ उम्र भ... Read more

पुरखों के भिनसारे

*पुरखो के भिनसारे* लाया रखा अमावस को भी ताकत से उजियारे पर । सबका हींसा एक बराबर पुरखो के भिनसारे पर । बना नही मैं पाया सीमा विस्... Read more

हर पल सोना

_______हर पल सोना_______________ उलझन दुख आफत का रोना छोडा़ इनसे लाभ न होना ! भरते घाव कुरेद रहा था ! पिन अन्दर तक छेद रहा था !... Read more

सोचा

'तुझको सोचा तो खो गईं आँखें दिल का आईना हो गईं आँखें.. ख़त का पढ़ना भी हो गया मुश्किल सारा काग़ज़ भिगो गईं आँखें.. कितना ग... Read more

रोता बोल पडा़

वो रोता रोता बोल पडा मेरा भी कब है मोल पडा सुख चैन तुम्हारे लेता हूँ तब पल राहत के देता हूँ जब होती बातें चाहत की तब मिलती सा... Read more

ऑगन का कानून

*________ऑगन का कानून________* सन्नाटे को तोड़ रहा हूं सिर पर आफत लादे ! ऑगन के कानून अलग है समझ_समझ हम आधे ! सुन्दरता के चेहरे उ... Read more

मतदान

कुछ तो खासियत है, इस प्रजातंत्र में, कुछ तो बात है, इस करामाती मंत्र में ! वोट देता हूँ फकीरों को, कमबख्त शहंशाह बन जाते है !! ... Read more

पीडा़

मेरी पीडा़ मेरा धन है ! नहीं बॉटता मेरा मेरा मन ! सूम बने रहना ही बेहतर खुशहाली मे धर_ऑगन है ! विपदाओं का लम्बा दल_दल ! निकल न... Read more

क्या तुम गरीब हो

क्या तुम गरीब हो? जिसे पीना पड़ता है हरवक्त अर्क क्या तुम अमीर हो? जिसे पड़ता नहीं कोई भी फर्क क्या तुम नये युग के गांधी हो? तब... Read more

खूबसूरत

एक खूबसूरत कविता,, _"रब" ने. नवाजा हमें. जिंदगी. देकर;_ _और. हम. "शौहरत" मांगते रह गये;_ _जिंदगी गुजार दी शौह... Read more

कहता है कोई

कोई कहता हैं , बीवी बुरी हैं ! बहुत चिल्लाती हैं , बहुत भाषण देती हैं ! मगर कोई यह नही कहता हैं , बीवी मेरे लिये कितना चिन्ता क... Read more

खुशियॉ

खुशियाँ चुनते चुनते , कब मैं गम चुन लिये ! अब जागू रात भर , आँखो में सजाये आँसु अब ! जरा सी हँसी थी , गम ने आकर जकड़ ही ली... Read more

दिल की सुनो

दिल की सुनो दिल क्या चाहत हैं ...... जहां दिल रोता हो , वहां कभी न रहा करो ...... डिप्रेशन ज्यादा ही बढ़ जाता हैं ! क... Read more

बच्चो को रोटी

*___________बच्चो को रोटी___________* भाला चुभा हुआ सीने मे पीडा़ असहय हुई है फिर भी भाग दौड़कर जुटा रहा हूं मै बच्चो को रोटी ! ... Read more

रचना

सुनी सी हैं अब , वो गिलिया चला करते थे जीन पर ! कूछ दर्द भरी गज़ल , वो हर वक़्त गुन गूनाया करते थे तब ! उनकी आहट से हम ... Read more