दूर से दिखती नहीं है साफ मेरी शख्सियतrnगर मुझे पहचानना हो पास आकर देखना

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गजल

अमन के रास्ते गीले नहीं थे शहर के शख्स पथरीले नहीं थे निभाते थे सभी मिलकर वफायें यहाँ इन्सान जहरीले नहीं थे जुबां दे दी अगर ... Read more