दूर से दिखती नहीं है साफ मेरी शख्सियतrnगर मुझे पहचानना हो पास आकर देखना

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मिल रहे हैं सभी बेरुखी से...

मिल रहे हैं सभी बेरुखी से पूछिये मत किसी को किसी से ये खुशी भी बड़ी नकचढ़ी है रोज मिलती नहीं है खुशी से क्यों मुख़ातिब नहीं ... Read more

रश्मि की स्मृति सुनहरी शेष को...

रश्मि की स्मृति सुनहरी शेष को, भग्न आशाओं के हर अवशेष को, रिक्त करना है गगन मस्तिष्क से, दाह करना है समस्त विराग को, गूँथना है ब... Read more

वो करेंगे सौ बहाने, देख लेना जी...

वो करेंगे सौ बहाने, देख लेना जी आ रहे हैं फिर लुभाने, देख लेना जी नल, सड़क, बिजली मिलेगी, गाँव वालों को थे यही वादे पुराने, देख... Read more

गजल

अमन के रास्ते गीले नहीं थे शहर के शख्स पथरीले नहीं थे निभाते थे सभी मिलकर वफायें यहाँ इन्सान जहरीले नहीं थे जुबां दे दी अगर ... Read more