Irshad Aatif

AHMEDABAD

Joined February 2019

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कोरोना महामारी

देखकर दुनिया के मंज़र रो पड़े मुफ्लिस व मिस्कीं क़लन्दर रो पड़े जब ज़मीं पर असग़र अकबर रो पड़े तो फलक पर चांद व अख़्तर रो पड... Read more

कोरोना वायरस

बाहर वबा तो घर में क्या अमन व अमान है इनसे बचे जो जान तो सारा जहान है राज़ी है रब तो बारिश ए रहमत का है नुज़ूल नाराज़... Read more

आइना क्यों बना दिया मुझको

मोम पहले बना दिया मुझको फिर जला कर मिटा दिया मुझको वाक़ई यह तुम्हारा अहसां है आईना जो दिखा दिया मुझको जिसपे मिलती नहीं कभ... Read more

ऐसे आंखों से अश्क जारी हैं

एक मतला दो शेर कितने मुश्किल से दिन गुज़रते हैं तेरी उल्फत मैं हम तड़पते हैं एक पल के लिये तो आ ज़ालिम हम तिरी दीद को... Read more

ग़ज़ल

एक बहुत छोटी बह्र की ग़ज़ल ہے خطا है खता دو سزا दो सज़ा جب ملا ... Read more

देश भक्ति गीत

कर देंगे भारत की खातिर क़ुरबाँ अपनी जवानी कर देंगे हम देश की खातिर अपना खून भी पानी करनी है भारत की हिफाज़त गीता और कुरआन सी ... Read more

इतनी क्यों याद आती है माँ

जब कभी रूठ जाती है माँ तो बहुत याद आती है माँ आंसू रुकते नहीं हैं मिरे जब मुझे याद आती है माँ जब मुझे नींद आती नहीं लोरी... Read more

वो अब रखता नही है वास्ता भी

वो अब रखता नही है वास्ता भी हमें उससे नही कोई गिला भी मरज़ कैसा है ये उल्फत का यारो कहीं मिलती नहीं जिसकी दवा भी मोहब्बत की... Read more

बाम पर बेनक़ाब बैठे हैं

करने ख़ाना खराब बैठे हैं बाम पर बे नक़ाब बैठे हैं वो जो चुप-चूप जनाब बैठे हैं लेके वो इन्क़लाब बैठे हैं कल तलक शान थे जो महफिल ... Read more

माँ

खूं अपना पिला कर तुम्हें जिस माँ ने संवारा छोटी सी अज़िय्यत भी न दो उसको खुदारा उठती है नजर जब भी मिरी माँ की तरफ तो लगता है ज... Read more

दो शेर

वो मेरा इम्तिहान लेता है सब्र भी मेरी जान लेता है सब उसे देखते हैं हसरत से जब परिंदा उडान लेता है इरशाद आतिफ़ अहमदाबाद Read more

यहाँ पर मौत सस्ती मिल रही है

यहाँ पर मौत सस्ती मिल रही है मगर ये जिन्दगी मह॔गी हुई है बुल॔दी पर ज़रा सा तू जो पहुँचा तुझे दुनिया ही छोटी लग रही है मुझ... Read more

ज़माना भूल बैठा है वफा क्या

बताओ तो हमें है माजरा क्या ज़माना भूल बैठा है वफा क्या हमेशा दूसरों पर हंसने वालों कभी देखा नहीं है आईना क्या चमन में हर... Read more

क़ाबिल बेटा

एक मतला एक शेर वो बुरा भी आज अच्छा हो गया पास जिसके थोड़ा पैसा हो गया मुझको चुप करने लगा हर बात पर इतना क़ाबिल मेरा बे... Read more

यूँ मुझसे दामन छुडा रहा है

यूँ मुझसे दामन छुडा रहा है वो मुझपे तोहमत लगा रहा है वो ख़ाक मेरी उडा उडा कर हवाओं का रुख दिखा रहा है सजा के होठों पे मु... Read more

अगर तुझसे न मिलते हम ज़माना मिल गया होता

हमें तुझसे बिछडने का बहाना मिल गया होता अगर तुझसे न मिलते हम ज़माना मिल गया होता उदासी में न कटते दिन न रो रो के गुज़रती रात ... Read more

कश्मीर हमारा

धरती पे उतर आया है जन्नत का नज़ारा क़ुदरत का हसीं तोहफा है कश्मीर हमारा खुश होके खुदा ने हमें बख्शी है ये नेअमत दुनिया की नि... Read more

में दिखाऊंगा जब हुनर अपना

में दिखाऊंगा जब हुनर अपना खुद बुलंदी पे होगा सर अपना रास्ता जितना पुरखतर अपना होसला उतना मोअतबर अपना ख़ोफ इतना भी उस... Read more

बेटी

क्यों न आयेगी अब खुशी घर में मेरी बेटी जो आ गई घर में चमका बेटी से घर मिरा यारों अब न आयेगी तीरगी घर में बेटियाँ ज... Read more

ऐब अपने छुपा रहे हैं वो

ऐब अपने छुपा रहे हैं वो सबको दर्पण दिखा रहे हैं वो क़त्ल करके हमारी नींदों को ख्वाब अपने सजा रहे हैं वो मैंने इक बात ही ... Read more

वतन पर जान देने का हमें अरमान लिखना है

बताये लाख ये दुनिया हमें नादान लिखना है बस अपने खून से हमको तो हिंदुस्तान लिखना है ये हिन्दुस्तान है हमको हमारी जान से प्यारा य... Read more

में हूँ हिन्दुस्तान

में हूँ हिन्दुस्तान -------------में हूँ हूिन्दुस्तान हर मज़हब के लोग यहाँ में इस लिए महान पहले गैरों ने लूटा अब लूट रहे हैं... Read more

ग़ज़ल

ज़रा सी ठेस लग जाने से ये टूटा नही होता बना पत्थर का होता काश दिल शीशा नही होता मुआफी माँग लेते हैं तो इज़्ज़त और बढ़ती है मुआ... Read more