Irshad Aatif

AHMEDABAD

Joined February 2019

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कविता

बताये लाख ये दुनिया हमें नादान लिखना है बस अपने खून से हमको तो हिंदुस्तान लिखना है ये हिन्दुस्तान है हमको हमारी जान से प्यारा... Read more

में हूँ हिन्दुस्तान

में हूँ हिन्दुस्तान -------------में हूँ हूिन्दुस्तान हर मज़हब के लोग यहाँ में इस लिए महान पहले गैरों ने लूटा अब लूट रहे हैं... Read more

ग़ज़ल

ज़रा सी ठेस लग जाने से ये टूटा नही होता बना पत्थर का होता काश दिल शीशा नही होता मुआफी माँग लेते हैं तो इज़्ज़त और बढ़ती है मुआ... Read more