Govind Rakesh

Joined January 2019

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धड़कन में तूफ़ान रहेगा

जब भी घर सुनसान रहेगा दिल में कुछ अरमान रहेगा सांसों में हलचल सी होगी धड़कन में तूफ़ान रहेगा भूखा वो ... Read more

सभी बहला रहे हैं

हमें अब ये सभी बहला रहे हैं कई तो अब कसम भी खा रहे हैं उलझती जा रही अब ये सियासत अभी से ज़ाल फेंके जा रहे हैं... Read more