जन्म:२अगस्त १९७५,
मूल निवासी व जन्म:- ग्राम: काचरकोना, जिला-नरसिंहपुर, म.प्र.
पिता:स्वर्गीय श्री जगदीश प्रसाद पटेल (अध्यापक)

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*"ये वक्त"*

*"ये वक्त"* वक्त ही तो तुम्हे -मुझको, अगढ़ से सुगढ़ बनाता है। यही वो वक्त है जो हमको, अपने-परायों से मिलता है। समय ही है जो च... Read more

*"तुम्हे पैगाम"*

*"तुम्हे पैगाम"* चाहत किसे है कितनी, नही ये बात कहने की। कहने को बहुत कुछ है, पर बातें तमाम नही करते।।१।। अंतरंग पलों को हम... Read more

हिंदी राष्ट्र बनायें

*"हिंदी राष्ट्र बनायें"* हिंदी सुने - सुनाएं हम। हिंदी राष्ट्र बनाएं हम।। हिंदी के गुण गायें हम। हिंदी पर इतरायें ... Read more

स्वयं सहारा

*स्वयं सहारा* सदा रहा है - दिया तले अंधियारा, किन्तु दीपमाल दीपित उजियारा।। स्वयं उठो और बढ़ते जाओ, बन निज का स्वयं ... Read more

मेरा चाँद

"मेरा चाँद" करीब से दीदार का, स्वप्न न अधूरा हो। चाँद पे जाने का ख्वाब, न जाने कब पूरा हो।। वक्त ऐंसा गुजरा नही, जो तुझे ... Read more

मसूरी

मसूरी की पहाड़ियाँ १९८२ में बीरान थीं, मानवीय प्रयासों से हरी भरी हो गईं। पर्यटकों के वाहनों की भरमार है, हवाएं शी... Read more

मैं तैयार हूँ

मैं तैयार हूँ, विचरने को संसार मे, खो जाने को प्यार में, समाने को व्यवहार में, प्रकृति के आर पार में। डॉ. कमलेश कुमार पटेल "अटल" Read more

प्रेम बयार

लप-डप ध्वनि ध्वनित उर मेरा, कोई तोड़ नहीं है प्रिय तेरा। हर स्पंदन कोमल गीत लगे, तन जलता, मन दीप जले।। डॉ. कमल... Read more

चुनावी दौर

वोट मांगेंगे, चुनाव की दौड़ में, पद चाटेंगे। डॉ. कमलेश कुमार पटेल "अटल" Read more

चुनावी दौर

वोट मांगेंगे, चुनाव की दौड़ में, पद चाटेंगे। डॉ. कमलेश कुमार पटेल "अटल" Read more

आशा के दीप

“आशा के दीप” मस्तिष्क छोड़ हिय में वापस आजाओ। निज आदर्शों का कुछ तो बोझ हटाओ।। हिय तारों में, फिर झंकार जगाओ। और ऊर्जा ले आशा क... Read more

"प्रभात छौंक"

"प्रभात छौंक" सुबह उठी श्रीमती, तीब्र थी बहुत गति। कुछ बुद - बुदा रही, प्रभात गान गा रही।। मिर्चियों का छौंक ... Read more

अपने ही व्यवहार से

*अपने ही व्यवहार से* क्षुब्ध हूँ, अपने ही व्यवहार से, है बेचैनी, छोटी सी तकरार से।। शांत ... Read more